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अपनी उंगलियां आसमा पे यू फेरती है
सितारों से सितारा मिलाकर इक नाम लिख़ती है
मेरे लिखे कशीदे रोज -ब -रोज पढ़कर
वो मेरी हर इक बात रोज याद करती है
काश की सिमट जाती दूरिया इक आवाज़ मे
बहुत तड़पती है मुझसे जो इतनी दूर रहती है
बातो बातो के एता'अत हम एक दूसरे के लेकिन
कभी मुझसे तो कभी उनसे ये दिल -ए -रकावत उलझती है
Mr- इरफ़ान ❤
काश की सिमट जाती दूरियाँ…
काश हम उन पलों को फिर से जी सकते, जो कभी हमारे बीच थे।
काश हर वो बात जो अधूरी रह गई, पूरा हो जाती।
काश हर वह खामोशी, हर वह तन्हाई, हर वह दूरी जो हमारे बीच आई, कभी न आती।
हम अक्सर जिन लोगों से दूर होते हैं, उन्हें समझने का मौका खो देते हैं।
हम अक्सर उन लम्हों की कद्र नहीं कर पाते, जो छोटे-छोटे पल होते हैं, लेकिन यादों में बहुत बड़े बन जाते हैं।
रिश्ते हमेशा पास होने से मजबूत नहीं होते,
लेकिन पास होने की चाह और यादों की कसक उन्हें और गहरा बना देती है।
काश लोग समझ पाते कि हर दूरियां सिर्फ फिजिकल नहीं होती, कभी-कभी वो दिलों में भी रहती हैं।
वो हँसी, वो बातें, वो पल जो साथ बिताए…
काश वह समय लौट आता, और हम फिर से वही कर पाते।
काश हम जानते कि हर “अलविदा” का मतलब हमेशा के लिए नहीं होता,
बल्कि यह सिर्फ एक नया अध्याय शुरू करने का मौका है।
कभी-कभी लोग फिजिकल पास होते हैं,
लेकिन मन में बहुत दूरियाँ रहती हैं।
काश लोग दिल से भी पास होते,
काश हम अपनी गलतफहमियों को दूर कर पाते।
फिर भी, हर दूरी का मतलब हमेशा खोना नहीं है।
काश की सोच हमें आशा देती है,
काश की ख्वाहिश हमें सिखाती है कि हर पल की कद्र करो।
काश की दूरियाँ सिमट जातीं… तो शायद आज हम ज्यादा हँसते, ज्यादा प्यार करते, और ज्यादा पास होते।
नींद नहीं आती करवाटे बदलता हूं रात भर
खैर जाने दे मेरे जागने से तुझे क्या
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