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Paper Leak Mastermind Arrested: बिहार से गिरफ्तार हुआ कथित Mastermind Bijendra Gupta | Breaking News
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पेपर लीक का बड़ा चेहरा गिरफ्तार, बिहार से दबोचा गया कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता पटना/मुंबई: परीक्षा पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से फरार था और उसकी तलाश की जा रही थी। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ जारी है तथा पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से पेपर लीक नेटवर्क के कई अहम राज सामने आ सकते हैं। पुलिस ने उसके कब्जे से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में पहले भी कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और अब तक कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि प्रश्नपत्र कैसे लीक हुआ, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी और पूरे नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जा रहा था। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पेपर लीक की घटनाओं को लेकर छात्रों और अभिभावकों में लगातार ना...
Tej Pratap Yadav को 14-Day Judicial Custody, NEET Paper Leak Protest के बाद Court का बड़ा फैसला
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तेज प्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन के बाद कार्रवाई नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेज प्रताप यादव को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह कार्रवाई NEET पेपर लीक मामले के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए मामले के संबंध में की गई। जानकारी के अनुसार, NEET पेपर लीक विवाद को लेकर बड़ी संख्या में छात्र और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें तेज प्रताप यादव भी शामिल थे। अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश लगातार देखने को मिल रहा है। छात्र परीक्ष...
CJP के आंदोलन खत्म करने के ऐलान पर Sonam Wangchuk का पहला रिएक्शन, बोले- 'आपके चरित्र की असली पहचान अब सामने आई'
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CJP के आंदोलन खत्म करने के ऐलान पर सोनम वांगचुक का पहला रिएक्शन, कहा- "आपके चरित्र की असली पहचान अब सामने आई" सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने CJP द्वारा आंदोलन समाप्त करने की घोषणा के बाद पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि "आपके चरित्र की असली पहचान अब सामने आई है।" उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है। सोनम वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि किसी भी जन आंदोलन का उद्देश्य जनता की आवाज़ को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना होता है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, पारदर्शिता, ईमानदारी और जनहित सबसे ऊपर होने चाहिए। CJP द्वारा आंदोलन समाप्त करने के फैसले के बाद कई तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। कुछ लोग इस निर्णय का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे आंदोलन के मूल उद्देश्य से पीछे हटना मान रहे हैं। इसी बीच सोनम वांगचुक की टिप्पणी ने इस मुद्दे को और चर्चा में ला दिया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग पक्षों की अपनी-अपनी राय है। ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले आधिकारिक बयान और विश्वसनी...
India Win 2nd T20 Match Against Zimbabwe: ईशान किशन की विस्फोटक पारी से भारत ने सीरीज़ की अपने नाम
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भारत ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ दूसरा टी-20 मैच भी जीता, ईशान किशन की शानदार बैटिंग भारतीय क्रिकेट टीम ने ज़िम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी जीत दर्ज कर ली। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की टी-20 सीरीज़ में अजेय बढ़त बना ली। मैच में भारत की बल्लेबाज़ी का मुख्य आकर्षण ईशान किशन रहे, जिन्होंने आक्रामक अंदाज़ में 44 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में 9 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। उन्होंने पारी को संभालने के साथ-साथ तेज़ रन गति भी बनाए रखी। ईशान किशन के अलावा तिलक वर्मा ने भी बेहतरीन बल्लेबाज़ी करते हुए अर्धशतक जड़ा। दोनों बल्लेबाज़ों की साझेदारी की बदौलत भारत ने 20 ओवर में 219/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी ज़िम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाज़ों के सामने टिक नहीं सकी। भारत ने शानदार गेंदबाज़ी और फील्डिंग का प्रदर्शन करते हुए मुकाबला बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया और सीरीज़ भी जीत ली। इस जीत के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास और भी बढ़ गया है। ईशान किशन की शानदार फॉर्म और तिलक वर्मा की वि...
Murli Manohar Joshi Reacts: 'देर आए दुरुस्त आए' पर क्या बोले वरिष्ठ BJP नेता?
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भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "देर आए, दुरुस्त आए।" उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। जोशी ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर समय रहते उचित निर्णय लिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि यदि किसी मामले में जवाबदेही तय होती है, तो उस पर कार्रवाई होना लोकतंत्र और व्यवस्था दोनों के लिए आवश्यक है। उन्होंने अपने संक्षिप्त बयान में केवल इतना कहा कि "देर आए, दुरुस्त आए", जिसे कई लोग मौजूदा घटनाक्रम पर उनकी प्रतिक्रिया के रूप में देख रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हाल के दिनों में छात्रों के प्रदर्शन, पेपर लीक विवाद और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच सामने आया है। इस घटनाक्रम के बाद देशभर में विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में अलग-अलग दावे और चर्चाएं सोशल मीडिया पर भी चल रही हैं। ऐसे में किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पहले आधिकारिक स्रोतों और विश्...
Jantar Mantar Protest: क्या प्रदर्शन करने वाले छात्रों को Government Job नहीं मिलेगी? Viral Claim Fact Check
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जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल छात्रों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी? जानिए वायरल दावे की सच्चाई सोशल मीडिया और कुछ YouTube चैनलों पर इन दिनों एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल छात्रों को भविष्य में सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। इस दावे को लेकर कई छात्र और अभिभावक चिंतित हैं। लेकिन क्या वास्तव में सरकार ने ऐसा कोई आदेश जारी किया है? क्या है वायरल दावा? कुछ वीडियो और पोस्ट में कहा जा रहा है कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्रों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है और उन्हें भविष्य में सरकारी नौकरियों से वंचित कर दिया जाएगा। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक सरकारी अधिसूचना या आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है। आधिकारिक स्थिति क्या है? अब तक केंद्र सरकार या किसी भर्ती एजेंसी की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है जिसमें कहा गया हो कि केवल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने के कारण किसी छात्र को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। हाल की रिपोर्टों में प्रदर्शन, सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत तथा अन्य फैसलों का उल्लेख है, लेकिन ऐसा कोई नियम सामने न...
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नाली और आसपास का कचरा साफ करने से ही विकास पूरा नहीं होता। हमें अच्छी शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और रोजगार भी चाहिए। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? | Successmee2
साफ़-सफ़ाई किसी भी शहर और गाँव के लिए ज़रूरी है। स्वच्छ सड़कें, साफ़ नालियाँ और कचरा प्रबंधन नागरिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। लेकिन क्या केवल यही विकास की पहचान है? आज भी देश के कई हिस्सों में लोग अच्छे सरकारी स्कूल, पर्याप्त शिक्षक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर अस्पताल, समय पर इलाज, आवश्यक दवाइयाँ और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। जब युवाओं को रोजगार नहीं मिलता, बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिलती और मरीजों को इलाज के लिए दूर-दूर भटकना पड़ता है, तब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इन मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी किसकी है। भारत के संविधान और प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सेवाओं की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अलग-अलग स्तरों पर साझा होती है। स्थानीय निकायों की भी अपनी भूमिका होती है। नागरिकों को भी अपने जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही मांगने और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी आवाज़ उठाने का अधिकार है। विकास का अर्थ केवल साफ़ सड़कें और नालियाँ नहीं, बल्कि ऐसा समाज है जहाँ हर बच्चे को अच्छी शिक्षा, हर मरीज को बेहतर इलाज और हर युवा ...
कपड़ा धोने वाले बैट से सोते हुए पति की हत्या, बिस्तर पर मिली लाश;
पूरी खबर देश को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक महिला पर आरोप है कि उसने देर रात सो रहे अपने पति पर कपड़े धोने वाले बैट से हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर बताया जा रहा है कि पति की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद महिला अपने बच्चों को लेकर घर से चली गई, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि सुबह जब परिजनों और पड़ोसियों को काफी देर तक घर से कोई हलचल सुनाई नहीं दी, तो उन्होंने अंदर जाकर देखा। वहां बिस्तर पर पति का शव पड़ा मिला। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, साक्ष्य एकत्र किए गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद को संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन पुलिस का कहना है कि अभी जांच जारी है और सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने महिला की तलाश के लिए विशेष टीमो...
क्या इसी दिन के लिए जनता ने अपना वोट दिया था? 🇮🇳😢
जिन हाथों ने वोट देकर आपको सत्ता तक पहुँचाया, आज वही हाथ अपने बच्चों के लिए न्याय और जवाब मांग रहे हैं। जिन बच्चों को देश का भविष्य कहा जाता है, अगर वही अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर संघर्ष करते दिखाई दें, तो हर माँ-बाप का दिल दर्द से भर उठता है। साहब, ये दुश्मन नहीं... इसी देश के बच्चे हैं। इनकी आवाज़ सुनिए, इनकी बात समझिए। लोकतंत्र की ताकत संवाद में है, टकराव में नहीं। "सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ुए-क़ातिल में है।" यह पंक्ति केवल संघर्ष की नहीं, बल्कि अन्याय के सामने झुकने से इंकार करने के साहस की प्रतीक है। याद रखिए, कुर्सियाँ जनता के भरोसे से मिलती हैं और लोकतंत्र जनता की आवाज़ से चलता है। सवालों का जवाब संवाद से दिया जाता है, क्योंकि किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी जागरूक जनता होती है। जनता की आवाज़ को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता। अंतिम फैसला जनता ही अपने वोट से करती है। 🇮🇳
क्या देश में ऐसी स्थिति आनी चाहिए कि बच्चों पर लाठीचार्ज हो?
जब भी किसी प्रदर्शन में छात्रों या युवाओं पर बल प्रयोग की खबरें सामने आती हैं, तो पूरा देश भावुक हो जाता है। हर नागरिक के मन में एक ही सवाल उठता है—क्या लोकतंत्र में संवाद की जगह लाठीचार्ज होना चाहिए? भारत का भविष्य उसके युवा और छात्र हैं। उनकी आवाज़ को सुनना, उनकी समस्याओं का समाधान करना और शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहचान है। यदि किसी मुद्दे पर मतभेद हैं, तो उनका समाधान कानून, संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। भारतीय सेना देश की सीमाओं की रक्षा के लिए समर्पित है। वहीं आंतरिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से पुलिस और अन्य नागरिक सुरक्षा एजेंसियों की होती है। इसलिए सेना के नाम पर कोई भी अपुष्ट बयान फैलाना उचित नहीं है। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमें यह अपेक्षा करनी चाहिए कि देश में ऐसा वातावरण बने, जहाँ बच्चों, छात्रों और युवाओं की बात सुनी जाए, और किसी भी पक्ष को हिंसा या बल प्रयोग का सामना न करना पड़े। लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत संवाद, संवेदनशीलता और न्याय है। यदि हम इन मूल्यों को मजबूत करेंगे, तो देश भी...
राहुल गांधी हिरासत में: दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लिया डिटेंशन में
नई दिल्ली: विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मंगलवार को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत (डिटेंशन) में लिया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें रोककर अपने साथ ले गई। राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार की आलोचना की और सरकार से जवाबदेही की मांग की। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा कारणों से यह कार्रवाई की गई। घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक बताया। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति वाले प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए गए। फिलहाल राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। मामले पर आगे की जानकारी का इंतजार है। मुख्य बातें: - राहुल गांधी को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। - दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला दिया। - कांग्रेस ने कार्रवाई का विरोध किया। - मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने...
15 अगस्त केवल हाथ में तिरंगा लेकर फोटो खिंचवाने का दिन नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प लेने का दिन है। | Successmee2
परिचय 15 अगस्त भारत का स्वतंत्रता दिवस है। यह उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने का दिन है जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए संघर्ष किया। यह दिन केवल झंडा फहराने या फोटो खिंचवाने का अवसर नहीं, बल्कि यह सोचने का भी दिन है कि हम अपने समाज और देश के लिए क्या कर रहे हैं। अगर कोई नेता आपके स्कूल आए, तो सम्मानपूर्वक सवाल पूछिए लोकतंत्र में नागरिकों को अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछने का अधिकार है। यदि कोई जनप्रतिनिधि आपके विद्यालय में आए, तो विनम्रता से ऐसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं: क्या आपने हमारे स्कूल की स्थिति देखने और उसे बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए हैं? क्या हमारे विद्यालय में नए भवन, कक्षाएँ, पुस्तकालय, प्रयोगशाला या खेल सुविधाओं के लिए कोई काम हुआ है? क्या पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं और बच्चों की पढ़ाई बेहतर बनाने के लिए क्या प्रयास किए गए हैं? शिक्षा पर सवाल पूछना आपका अधिकार है यदि कोई आपको तिरंगा देकर देशभक्ति का संदेश दे, तो सम्मानपूर्वक यह भी पूछ सकते हैं: हमारी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आपने क्या किया है? स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए क्या कदम...
Breaking: Dharmendra Pradhan ने दिया इस्तीफा | NEET Protest Latest News
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, देश की राजनीति में बड़ा भूचाल | जानिए पूरी वजह नई दिल्ली | 25 जुलाई 2026: देशभर में छात्रों के आंदोलन, NEET-UG 2026 विवाद और लगातार बढ़ते जनदबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया, जिसके बाद देशभर में इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। क्यों देना पड़ा इस्तीफा? पिछले कई सप्ताह से छात्र संगठन और विभिन्न सामाजिक समूह परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों में जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। आंदोलन तेज होने के बाद धर्मेंद्र प्रधान पर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने का दबाव बढ़ता गया। इस्तीफे में क्या कहा? धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने हमेशा छात्रों के हित में काम किया और देश के युवाओं का भविष्य सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि वे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ रहे हैं ताकि शिक्षा व्यवस्था पर जनता का विश्वास बना रहे। पूरे देश में चर्चा इ...
आज क्या हमारा देश फिर से गुलाम जैसा महसूस होने लगा है? हक मांगने पर लाठी, आँसू गैस और बंदूकें क्यों?
"साहब, ये आतंकवादी नहीं... आपके ही देश के बच्चे हैं, जिनकी माँओं ने अपने वोट से आपको सत्ता तक पहुँचाया है।" 😭🇮🇳 जब लोकतंत्र में अपने अधिकारों की मांग करने वाले छात्र और नागरिक सड़कों पर उतरते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि उनकी बात सुनी जाएगी या उन पर बल प्रयोग होगा। हर नागरिक को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है। यदि कहीं प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, आँसू गैस या अन्य बल प्रयोग होता है, तो स्वाभाविक है कि लोगों के मन में कई सवाल उठते हैं। लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि सरकार और जनता के बीच संवाद बना रहे। आज कई लोगों के मन में यह पीड़ा है कि जिन बच्चों के भविष्य के लिए उनके माता-पिता ने वोट दिया, वही बच्चे अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील नागरिक को दुखी कर सकता है। देश को मजबूत बनाने का रास्ता डर या हिंसा नहीं, बल्कि संवाद, न्याय और संविधान से होकर जाता है। जनता सवाल पूछेगी, सरकार जवाब देगी और अंततः लोकतंत्र में फैसला जनता अपने वोट से करेगी। लोकतंत्र की ताकत जनता है। जनता की आवाज़ सुनी जानी चाहिए, क्योंकि यही सं...
बच्चों, अगर आज सवाल नहीं पूछोगे, तो कल पूछने का मौका भी शायद न मिले | Successmee2
परिचय लोकतंत्र केवल वोट देने का नाम नहीं है। लोकतंत्र का अर्थ है कि नागरिक अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछ सकें और उनसे जवाबदेही मांग सकें। आज के छात्र ही कल के नागरिक हैं। इसलिए उन्हें अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। यदि कोई नेता आपके स्कूल, कॉलेज या घर आए, तो सम्मानपूर्वक ये सवाल पूछिए 1. शिक्षा पर सवाल क्या आपने हमारे स्कूल और कॉलेज को बेहतर बनाने के लिए कोई काम किया? क्या सभी कक्षाओं में पर्याप्त शिक्षक हैं? कंप्यूटर लैब और डिजिटल शिक्षा की व्यवस्था कब होगी? गर्मी में पंखे, साफ़ पानी और शौचालय जैसी सुविधाएँ कब पूरी होंगी? जिन स्कूलों की इमारत जर्जर है, उनकी मरम्मत कब होगी? 2. छात्रों की जरूरतों पर सवाल क्या गरीब बच्चों के लिए ड्रेस, किताबें, कॉपी और बैग की कोई योजना है? क्या छात्र-छात्राओं के लिए बस किराया कम या माफ़ करने की कोई योजना है? क्या हर बच्चे को समान अवसर मिल रहे हैं? 3. रोजगार पर सवाल पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं के लिए रोजगार के क्या अवसर तैयार किए जा रहे हैं? कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी योजनाएँ हमारे क्षेत्र तक कब पहुँचेंगी? सम्मानपूर्वक सवाल पूछना आप...
Jantar Mantar Protest: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, तेज प्रताप यादव ने सरकार को दी नसीहत
Jantar Mantar Protest: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, तेज प्रताप यादव ने सरकार को दी नसीहत नई दिल्ली | 25 जुलाई 2026 दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा CJP का विरोध प्रदर्शन लगातार चर्चा में बना हुआ है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामलों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन इस्तीफे की मांग पर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेज प्रताप यादव ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्रों के हित सर्वोपरि होने चाहिए और सरकार को उनकी बात गंभीरता से सुननी चाहिए। तेज प्रताप यादव ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए। वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि वह ...