मुहर्रम का चाँद दिखाई दिया, अमन और भाईचारे की दुआ के साथ नए साल का स्वागत
मुहर्रम का चाँद दिखा, इस्लामी नए साल 1448 हिजरी का हुआ आगाज़ अनूपपुर/शहडोल, 16 जून 2026। मुहर्रम का चाँद दिखाई देने के साथ ही इस्लामी नववर्ष 1448 हिजरी की शुरुआत हो गई है। चाँद नजर आने के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे को नए साल की मुबारकबाद दी तथा देश में अमन, शांति, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआएँ कीं। इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम होता है, जिसे इस्लाम में अत्यंत पवित्र और सम्मानित महीनों में शामिल किया गया है। Video👉 मुहर्रम का महीना केवल नए साल की शुरुआत का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह त्याग, बलिदान, सब्र और इंसानियत का संदेश भी देता है। इस महीने में हज़रत इमाम हुसैन (रज़ि.) और उनके साथियों की कुर्बानी को याद किया जाता है, जिन्होंने सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। इसलिए मुहर्रम मुस्लिम समाज के लिए धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। चाँद देखने के बाद पढ़ी जाने वाली मशहूर दुआ में अल्लाह से अमन, ईमान, सलामती और बरकत की प्रार्थना की जाती है। मुस्लिम समाज के लोगों ने नए हिजरी साल की शुरुआत इबादत, तिलावत और दुआओं के...