क्या सच बोलना और व्यवस्था से सवाल करना इतना बड़ा अपराध है?
क्या सच बोलना और व्यवस्था से सवाल करना इतना बड़ा अपराध है? यदि किसी व्यक्ति को अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़े, तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। शहीद भरत तिवारी जी को विनम्र श्रद्धांजलि। 🌹 ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति दें।video 👉 अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाने वालों को डराया नहीं जा सकता, क्योंकि सत्य और न्याय की लड़ाई विचारों से जीती जाती है। 🙏 शत् शत् नमन 🙏 🔥 "अगर सच्चाई से लड़ना है, तो किस-किस को मारोगे? एक को मारोगे, हम सौ खड़े करेंगे!" — प्रदीप द्विवेदी (प्रदेश सचिव, असंगठित कामगार कांग्रेस ) सत्य की आवाज़ को गोलियों से नहीं दबाया जा सकता, क्योंकि विचार मरते नहीं, बल्कि हर अन्याय के बाद और बुलंद होकर उठते हैं। आज एक भरत तिवारी नहीं, बल्कि हर वह व्यक्ति खड़ा है जो सच, न्याय और स्वाभिमान के लिए आवाज़ उठाने का साहस रखता है। इतिहास गवाह है कि अत्याचार कुछ समय के लिए डर पैदा कर सकता है, लेकिन सत्य को पराजित नहीं कर सकता। ✊ एक को चुप कराओगे, सौ आवाज़ें उठेंगी। ✊ सौ को दबाओगे, हजारों...