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आज शब्द कम पड़ रहे हैं और आँखें नम हैं।
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ये आँसू कमजोरी के नहीं, बल्कि उस गर्व के हैं जिसे आज दुनिया सलाम कर रही है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, ब्रिटिश संसद और नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर होम्योपैथी की चर्चा और सम्मान ने हर होम्योपैथ के हृदय को गौरवान्वित किया है।
यह केवल किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी गुरुओं, शोधकर्ताओं और होम्योपैथिक चिकित्सकों के वर्षों के समर्पण, संघर्ष और विश्वास का सम्मान है, जिन्होंने हर परिस्थिति में अपने सिद्धांतों और सेवा भावना को बनाए रखा।
हर उस चिकित्सक को नमन, जिसने समाज की आलोचनाओं के बीच भी अपने कर्तव्य का पालन किया और अपने मरीजों के विश्वास को सर्वोपरि रखा।
आज का दिन हमें यह प्रेरणा देता है कि ज्ञान, सेवा और समर्पण का मार्ग कभी व्यर्थ नहीं जाता। हमें अपनी चिकित्सा पद्धति के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ते रहना है।
आइए, हम सभी इस अवसर पर अपने कार्य को और अधिक ईमानदारी, वैज्ञानिक सोच और मानव सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ाने का प्रण लें।
हमें गर्व है कि हम होम्योपैथ हैं।
यह जीत समर्पण की है।
यह जीत विश्वास की है।
यह जीत मानव सेवा के संकल्प की है।
जय माँ दुर्गे।ये आँसू कमजोरी के नहीं, बल्कि उस गर्व के हैं जिसे आज दुनिया सलाम कर रही है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, ब्रिटिश संसद और नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर होम्योपैथी की चर्चा और सम्मान ने हर होम्योपैथ के हृदय को गौरवान्वित किया है।
यह केवल किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी गुरुओं, शोधकर्ताओं और होम्योपैथिक चिकित्सकों के वर्षों के समर्पण, संघर्ष और विश्वास का सम्मान है, जिन्होंने हर परिस्थिति में अपने सिद्धांतों और सेवा भावना को बनाए रखा।
हर उस चिकित्सक को नमन, जिसने समाज की आलोचनाओं के बीच भी अपने कर्तव्य का पालन किया और अपने मरीजों के विश्वास को सर्वोपरि रखा।
आज का दिन हमें यह प्रेरणा देता है कि ज्ञान, सेवा और समर्पण का मार्ग कभी व्यर्थ नहीं जाता। हमें अपनी चिकित्सा पद्धति के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ते रहना है।
आइए, हम सभी इस अवसर पर अपने कार्य को और अधिक ईमानदारी, वैज्ञानिक सोच और मानव सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ाने का प्रण लें।
हमें गर्व है कि हम होम्योपैथ हैं।
यह जीत समर्पण की है।
यह जीत विश्वास की है।
यह जीत मानव सेवा के संकल्प की है।
जय माँ दुर्गे।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, ब्रिटिश संसद और नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर होम्योपैथी की चर्चा और सम्मान ने हर होम्योपैथ के हृदय को गौरवान्वित किया है।
यह केवल किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी गुरुओं, शोधकर्ताओं और होम्योपैथिक चिकित्सकों के वर्षों के समर्पण, संघर्ष और विश्वास का सम्मान है, जिन्होंने हर परिस्थिति में अपने सिद्धांतों और सेवा भावना को बनाए रखा।
हर उस चिकित्सक को नमन, जिसने समाज की आलोचनाओं के बीच भी अपने कर्तव्य का पालन किया और अपने मरीजों के विश्वास को सर्वोपरि रखा।
आज का दिन हमें यह प्रेरणा देता है कि ज्ञान, सेवा और समर्पण का मार्ग कभी व्यर्थ नहीं जाता। हमें अपनी चिकित्सा पद्धति के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ते रहना है।
आइए, हम सभी इस अवसर पर अपने कार्य को और अधिक ईमानदारी, वैज्ञानिक सोच और मानव सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ाने का प्रण लें।
हमें गर्व है कि हम होम्योपैथ हैं।
यह जीत समर्पण की है।
यह जीत विश्वास की है।
यह जीत मानव सेवा के संकल्प की है।
जय माँ दुर्गे।ये आँसू कमजोरी के नहीं, बल्कि उस गर्व के हैं जिसे आज दुनिया सलाम कर रही है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, ब्रिटिश संसद और नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर होम्योपैथी की चर्चा और सम्मान ने हर होम्योपैथ के हृदय को गौरवान्वित किया है।
यह केवल किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी गुरुओं, शोधकर्ताओं और होम्योपैथिक चिकित्सकों के वर्षों के समर्पण, संघर्ष और विश्वास का सम्मान है, जिन्होंने हर परिस्थिति में अपने सिद्धांतों और सेवा भावना को बनाए रखा।
हर उस चिकित्सक को नमन, जिसने समाज की आलोचनाओं के बीच भी अपने कर्तव्य का पालन किया और अपने मरीजों के विश्वास को सर्वोपरि रखा।
आज का दिन हमें यह प्रेरणा देता है कि ज्ञान, सेवा और समर्पण का मार्ग कभी व्यर्थ नहीं जाता। हमें अपनी चिकित्सा पद्धति के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ते रहना है।
आइए, हम सभी इस अवसर पर अपने कार्य को और अधिक ईमानदारी, वैज्ञानिक सोच और मानव सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ाने का प्रण लें।
हमें गर्व है कि हम होम्योपैथ हैं।
यह जीत समर्पण की है।
यह जीत विश्वास की है।
यह जीत मानव सेवा के संकल्प की है।
जय माँ दुर्गे।
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#दिल्ली नांगलोई के राव विहार क्षेत्र में आजाद जूस वाले के रिश्तेदार ((मोहम्मद शहजाद)) उम्र 40 वर्ष ने अपनी ही जूस की दुकान में 8 साल की बच्ची को जबरन रोड से अंदर दुकान में खिंचकर अंदर किया ओर बला त्कार करता हुआ पकड़ा गया !
घटन| स्थल पर आजाद जूस वाला और उसका मालिक ((मोहम्मद नज़रू)) भी मौजूद था ? उन्हें ऐसा करते हुए मौके पर उसके मकान मालिक ने पकड़ा ! फिर वहां लोग एकत्र हुए और पुलि१| को बुलाया ! पुलि१| आरोp को नांगलोई थाने लेकर गई और आगे की कार्यवाही जारी है ! आप भी अपने चारों तरफ नजर रखें, आपके आसपास भी इनके जैसे लोग हो सकते है ? "सावधान रहें_सतर्क रहें" अपनी बच्चियों का विशेष ध्यान रखें ! बाकि, अपना मकान और दुकान तो किराए पर आपको ही देना है ? . #jihadimindset #jihadismail #jihadiste #jihadi #viralphotochallenge
100% स्कॉलरशिप के साथ उच्च शिक्षा का सुनहरा अवसर, 31 जुलाई तक करें रजिस्ट्रेशन
शहडोल। यदि आप 10वीं, 12वीं या स्नातक के बाद इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, नर्सिंग, फार्मेसी या अन्य प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेना चाहते हैं, तो आपके लिए एक सुनहरा अवसर है। विद्या संजीवनी एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा विद्यार्थियों के लिए 100 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप एवं करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। संस्था के अनुसार योग्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, पॉलिटेक्निक, बी.फार्मा, डी.फार्मा, बीएससी नर्सिंग, जीएनएम, एएनएम, डीएमएलटी, एमबीए, बीबीए, बीसीए, एमसीए, एलएलबी सहित कई तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है। संस्था की ओर से 26 जुलाई 2026 (रविवार) को मेगा करियर काउंसलिंग कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ छात्रों को उनकी योग्यता और रुचि के अनुसार सही कोर्स एवं कॉलेज चुनने के संबंध में मार्गदर्शन देंगे। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक विद्यार्थी समय रहते अपना पंजीयन कराकर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। अधिक जा...
BREAKING | OPM अमलाई में रेलवे इंजन बेपटरी, मिल परिसर में मची अफरा-तफरी
अमलाई/शहडोल। शहडोल जिले के अमलाई स्थित ओरिएंट पेपर मिल (OPM) से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। मिल परिसर के भीतर प्रवेश कर रहा एक रेलवे इंजन अचानक पटरी से उतर गया, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना मिल के आंतरिक रेलवे ट्रैक पर हुई। इंजन के बेपटरी होने के बाद सुरक्षा कर्मी और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंच गए तथा स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए। फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, इंजन के बेपटरी होने के कारणों का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। घटना के बाद मिल परिसर के रेलवे ट्रैक के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है। जैसे ही आधिकारिक जानकारी सामने आएगी, खबर को अपडेट किया जाएगा।
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गंगानगर की 13 वर्षीय बच्ची के साथ हुई घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। 💔
यदि इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई लंबित है, तो प्रशासन से अपेक्षा है कि निष्पक्ष और तेज़ जांच सुनिश्चित की जाए तथा दोषी साबित होने वालों को कानून के अनुसार कठोर सज़ा मिले। हर बच्चे को सुरक्षित बचपन का अधिकार है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संवेदनशील पुलिसिंग, त्वरित न्याय और समाज की जागरूकता—तीनों आवश्यक हैं। न्याय में देरी, पीड़ित परिवार के दर्द को और बढ़ा देती है। #JusticeForTheChild #Ganganagar #ProtectChildren #StopCrime #JusticeForVictims
जनता की निगाहें अब कलेक्टर कार्यालय, शहडोल पर टिकी हैं।
ओबीसी समाज के साथ कथित अन्याय को लेकर उठे सवालों के बीच अब सभी की नज़र प्रशासन के फैसले पर है। उम्मीद की जा रही है कि नियमानुसार 90 दिनों के भीतर इस मामले में उचित निर्णय लिया जाएगा। समाज की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, सभी पक्षों को सुना जाए और कानून के अनुसार न्याय सुनिश्चित किया जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या निर्णय लेता है। #Shahdol #CollectorOfficeShahdol #OBC #MadhyaPradesh #Justice #ShahdolNews #MPNews #Congress #JituPatwari #DrMohanYadav #UmangSinghar #SanjayKamle #AjaySingh #SajjanSinghVerma #OmkarSinghMarkam
जिला चिकित्सालय अनूपपुर में महिला डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ से अभद्रता,
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108 एंबुलेंस की देरी बनी काल? ऑटो में हुआ प्रसव, अस्पताल पहुंचते ही महिला की मौत
शहडोल। जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला के लिए समय पर 108 एंबुलेंस नहीं पहुंची। मजबूरन परिजन उसे ऑटो से अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही महिला ने एक बच्ची को जन्म दे दिया। परिजनों ने किसी तरह महिला और नवजात को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि यदि 108 एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल नवजात बच्ची का अस्पताल में उपचार जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। नोट: फिलहाल एंबुलेंस की देरी और लापरवाही के आरोपों की प्रशासनिक जांच जारी है। जांच पूरी होने तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, देश की जनता आपसे कुछ सवाल पूछ रही है।
कब तक देश का युवा पेपर लीक, बेरोज़गारी और अनिश्चित भविष्य से जूझता रहेगा? कब तक मेहनत करने वाले छात्रों के सपने भ्रष्ट व्यवस्था की भेंट चढ़ते रहेंगे? कब तक किसान अपनी फसल का उचित दाम और अपनी ज़मीन बचाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे? कब तक आदिवासी समुदाय अपने जल, जंगल और ज़मीन के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाता रहेगा? कब तक विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई होती रहेगी और पर्यावरण पर बढ़ते संकट की चिंता बनी रहेगी? कब तक आम नागरिक महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर जवाब का इंतजार करेगा? देश की जनता चाहती है कि हर नागरिक को समान अवसर मिले, कानून सब पर समान रूप से लागू हो और शासन पूरी पारदर्शिता के साथ चले। यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के भविष्य का सवाल है। लोकतंत्र में जनता सवाल पूछती है और सरकार से जवाब, समाधान तथा जवाबदेही की अपेक्षा रखती है। देश आगे तभी बढ़ेगा, जब विकास के साथ न्याय, पारदर्शिता और समान अवसर भी सुनिश्चित होंगे। जनता के सवालों का जवाब मिलना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता की आवाज़ है। #NarendraModi #PMModi #India #लोकतं...