Latest news
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 5 किन्नर ने मिल कर एक युवक को बहुत ही बुरी तरह से पीटा है। बीच बचाव में जब उसकी पत्नी और बेटी आई, तो इनको भी बुरी तरह से पीटा गया। ये सभी अर्ध नग्न होकर ट्रेन में वसूली कर रहे थे। जिससे यात्रियों को शर्मिंदगी महसूस हो रही थी।
- Get link
- X
- Other Apps
पुलिस वाला जब स्थिति नियंत्रण करने आया उसको भी नहीं छोड़ा इन लोगों ने।
किन्नर समाज के लोगों का इस तरह से बर्ताव जायज नहीं है। एक तो जबरन वसूली करते हैं और न देने पर नंगई या मारपीट पर उतर आते है।
क्या किन्नर समाज खुद को कानून और संविधान से ऊपर समझने लगा है?
आज देश के बड़े से बड़े और छोटे शहरों में भी ट्रेनों और बसों में इनके आतंक और लूट की कहानी किसी से छुपी नहीं है। यह लोग जबरन पैसे वसूलते हैं और न दो तो गाली गलौज और मार पीट करते हैं।
दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इन किन्नरों ने एक युवक को खूब पीटा उसकी बीबी बच्चे ने बचाया तो उनको भी पीटा
इन किन्नरों का मनोबल कुछ ज्यादा ही बढ़ा हुआ है। जब तक इस तरह के किन्नरों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, इनका मनोबल बढ़ता हीं रहेगा। हर जगह इन लोगो का आतंक बढ़ता हीं जा रहा है।
पैसे ऐसे माँगते है जैसे इनसे लोगों ने क़र्ज़ लिया हो। ना दो तो मारपीट, गाली गलोच और बदतमीज़ी पर उतारू। आखिर ऐसे लोग प्लेटफार्म पर पहुंच कैसे जाते हैं?
रेलवे पुलिस या टीटीई क्या कर रही थी। सारी गलती रेलवे पुलिस की है। यह लोग ना तो टिकट लेते हैं और ना ही प्लेटफार्म टिकट लेते हैं, तो फिर रेलवे पुलिस क्यों नहीं रुकती इनको??
आम आदमी का इस्तेमाल बस वोटिंग के समय होता है। बाकि समय बस एडजस्ट करना है। लुटेरों की जेब भरनी है और सबको टैक्स देना है।
Disclaimer :-
This content serves as a public Alert to increase Awareness.For educational and News purposes only. This content serves as a public Alert to increase Awareness. Our objective as a Journalist is to keep the community informed. Stay safe and stay updated.
#PoliceReport #newstoday #awareness #educationpurpose #metro #NewsUpdate
पुलिस वाला जब स्थिति नियंत्रण करने आया उसको भी नहीं छोड़ा इन लोगों ने।
किन्नर समाज के लोगों का इस तरह से बर्ताव जायज नहीं है। एक तो जबरन वसूली करते हैं और न देने पर नंगई या मारपीट पर उतर आते है।
क्या किन्नर समाज खुद को कानून और संविधान से ऊपर समझने लगा है?
आज देश के बड़े से बड़े और छोटे शहरों में भी ट्रेनों और बसों में इनके आतंक और लूट की कहानी किसी से छुपी नहीं है। यह लोग जबरन पैसे वसूलते हैं और न दो तो गाली गलौज और मार पीट करते हैं।
दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इन किन्नरों ने एक युवक को खूब पीटा उसकी बीबी बच्चे ने बचाया तो उनको भी पीटा
इन किन्नरों का मनोबल कुछ ज्यादा ही बढ़ा हुआ है। जब तक इस तरह के किन्नरों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, इनका मनोबल बढ़ता हीं रहेगा। हर जगह इन लोगो का आतंक बढ़ता हीं जा रहा है।
पैसे ऐसे माँगते है जैसे इनसे लोगों ने क़र्ज़ लिया हो। ना दो तो मारपीट, गाली गलोच और बदतमीज़ी पर उतारू। आखिर ऐसे लोग प्लेटफार्म पर पहुंच कैसे जाते हैं?
रेलवे पुलिस या टीटीई क्या कर रही थी। सारी गलती रेलवे पुलिस की है। यह लोग ना तो टिकट लेते हैं और ना ही प्लेटफार्म टिकट लेते हैं, तो फिर रेलवे पुलिस क्यों नहीं रुकती इनको??
आम आदमी का इस्तेमाल बस वोटिंग के समय होता है। बाकि समय बस एडजस्ट करना है। लुटेरों की जेब भरनी है और सबको टैक्स देना है।
Disclaimer :-
This content serves as a public Alert to increase Awareness.For educational and News purposes only. This content serves as a public Alert to increase Awareness. Our objective as a Journalist is to keep the community informed. Stay safe and stay updated.
#PoliceReport #newstoday #awareness #educationpurpose #metro #NewsUpdate
- Get link
- X
- Other Apps
Popular posts
❤️ मेरी मोहब्बत ऐसी है ❤️ | दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026)
❤️ मेरी मोहब्बत ऐसी है ❤️ | दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026) – Introduction प्यार एक ऐसा एहसास है, जो हर किसी की जिंदगी में एक खास जगह रखता है। जब दिल किसी के लिए सच्चे जज़्बात महसूस करता है, तो वो अपने आप कह उठता है—मेरी मोहब्बत ऐसी है जो हर हाल में सच्ची और गहरी रहती है। इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026), जो आपके दिल की हर बात को खूबसूरती से बयां करेगी। कभी शब्द कम पड़ जाते हैं, लेकिन एहसास हमेशा साथ रहते हैं। मेरी मोहब्बत ऐसी है जो दिखावे से दूर और सच्चाई से जुड़ी हुई है। ऐसी ही दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026) आपको अपने प्यार को एक अलग अंदाज में जताने का मौका देती है, जहाँ हर लाइन दिल को छू जाती है। जब किसी की याद हर वक्त दिल में बसी रहे और हर धड़कन उसी का नाम ले, तो समझ आता है कि मोहब्बत कितनी खास होती है। मेरी मोहब्बत ऐसी है जो वक्त और हालात से भी नहीं बदलती। अगर आप भी अपने जज़्बातों को शब्दों में ढालना चाहते हैं, तो ये दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026) आपके लिए एकदम सही है। क्योंकि आखिर में, सच्चा प्यार वही होता है जो हर...
जैतपुर थाना क्षेत्र में तीन युवकों की संदिग्ध मौत के मामले की जांच अब उमरिया पुलिस अधीक्षक (एसपी) को सौंप दी गई है। शहडोल जोन के आईजी ने स्थानीय पुलिस की जांच पर लगातार उठ रहे सवालों और मृतकों के परिजनों की शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया है।
घटना 13 और 14 अप्रैल की दरमियानी रात की है। कमता गांव में रोहित शर्मा, तनुज शुक्ला और सचिन सिंह के शव एक कुएं से बरामद हुए थे। घटनास्थल के पास उनकी क्षतिग्रस्त कार भी मिली थी। प्रारंभिक जांच में स्थानीय पुलिस ने इसे गांजा तस्करी से जुड़ा मामला बताया था। पुलिस का निष्कर्ष था कि तीनों की मौत सड़क दुर्घटना के बाद कुएं में गिरने से हुई। इस दौरान पुलिस ने कई क्विंटल गांजा और कुछ अन्य तस्करों को भी गिरफ्तार किया था। हालांकि, मृतकों के परिजनों ने पहले दिन से ही पुलिस के इस निष्कर्ष पर सवाल उठाए थे और हत्या की आशंका जताई थी। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की और जांच को सड़क हादसे की दिशा में मोड़ दिया। परिजनों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और राज्य मानवाधिकार आयोग तक शिकायतें भेजी थीं। उनका दावा है कि तीनों युवकों की मौत दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। परिजनों ने यह भी बताया कि उन्होंने घटना से जुड़े कई अहम तथ्य और संभावित गवाहों की जानकारी पुलिस को दी थी, लेकिन उन बिंदुओं पर गंभीरता से जांच नहीं की गई। इन शिकायतो...