एसडीएम ने नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों एवं सीवरेज कार्यों का किया निरीक्षण

.... अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग ने वर्षा ऋतु के मद्देनज़र नगर में जलभराव की समस्या से नागरिकों को राहत दिलाने एवं जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद शहडोल क्षेत्र के विभिन्न नालों, संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों तथा सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नाला सफाई कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि वर्षा के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने संचालित सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के कार्यों का भी निरीक्षण किया तथा कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी कार्यस्थलों पर बैरिकेडिंग, सुरक्षा घेराव एवं चेतावनी संकेतक (साइन बोर्ड) अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री निशांत सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

*मासूमों के सपनों को लगे पंख: सहायक आयुक्त आनंदराय सिन्हा, सहायक संचालक संजय पाण्डेय जी बीईओ डी.के. निगम,और बीआरसी सीताराम दुबे की अटूट प्रतिबद्धता; शत-प्रतिशत लक्ष्य के साथ शहडोल शिक्षा विभाग में बड़ा बदलाव!*

*बुढार / शहडोल।*
*शहडोल संभाग के शासकीय स्कूलों की तस्वीर बदलने और आदिवासी व ग्रामीण अंचलों के मासूम बच्चों के सपनों को पंख लगाने के लिए शिक्षा विभाग में एक अद्भुत और प्रेरणादायी प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहा है। शनिवार, 4 जुलाई 2026 को आयोजित हुई विभागीय समीक्षा बैठक में सहायक आयुक्त श्री आनंदराय सिन्हा और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) श्री डी.के. निगम की जोड़ी एक अत्यंत संवेदनशील, विजनरी और बच्चों के सच्चे संरक्षक के रूप में सामने आई है। इन दोनों ही कर्मठ अधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि हर एक बच्चा अनमोल है और सरकार की जनहितैषी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सीधे उन तक बिना किसी बाधा के पहुँचना ही चाहिए।*
*सहायक आयुक्त श्री सिन्हा के कुशल मार्गदर्शन और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री डी.के. निगम की जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्यप्रणाली की आज पूरे शहडोल संभाग में जनता और प्रबुद्ध जनों द्वारा दिल से सराहना की जा रही है। बैठक के दौरान इन अधिकारियों ने बेहद सुधारात्मक और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए, शासकीय कार्यों के प्रति शिथिलता बरतने वाले 5 प्राचार्यों को भविष्य में पूरी निष्ठा से काम करने का संदेश देने के लिए उनकी एक-एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए हैं। यह कड़ा कदम किसी को दंडित करने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था को पूरी तरह बच्चों के अनुकूल और अनुशासित बनाने की एक पावन कोशिश है।*
*अक्सर प्रशासनिक बैठकें केवल फाइलों और आंकड़ों में सिमट कर रह जाती हैं, लेकिन सहायक आयुक्त श्री आनंदराय सिन्हा और बीईओ श्री डी.के. निगम ने अपने प्रेरक नेतृत्व से इस पूरी व्यवस्था में एक नई चेतना फूंक दी है। इसी क्रम में बैठक की गरिमा को और बढ़ाते हुए सहायक संचालक श्री संजय पाण्डेय द्वारा उपस्थित अमले को सभी महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की अत्यंत विस्तृत, व्यावहारिक और बिंदुवार जानकारी प्रदान की गई, जिससे मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की हर शंका दूर हो गई।*
*प्रशासनिक कसावट को धरातल पर उतारने और विकासखण्ड के हर स्कूल तक ऊर्जा का संचार करने के लिए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री निगम के साथ बीआरसी (BRC) श्री सीताराम दुबे भी इस पूरी मुहिम में कंधे से कंधा मिलाकर मुस्तैदी से डटे रहे। अपनी कर्मठ छवि और कुशल कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले बीआरसी श्री सीताराम दुबे और बीईओ श्री डी.के. निगम की इस सक्रिय जुगलबंदी ने विकासखण्ड में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने, त्रुटियों को तत्काल सुधारने और हर स्कूल में खुद मॉनिटरिंग करने का बेहतरीन खाका प्रस्तुत किया। इसके साथ ही, बच्चों के भविष्य की पहली सीढ़ी यानी 'नामांकन कार्य' में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने और साखी संकुल प्राचार्य को पूरी सजगता के साथ कार्य में जुटने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों के इस स्नेहपूर्ण और अनुशासित रवैये से संभाग के उन तमाम कर्तव्यनिष्ठ शिक्षकों और राष्ट्र-निर्माताओं का गौरव बढ़ा है जो पूरी ईमानदारी से बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं।*
*इस उच्च स्तरीय बैठक का एकमात्र उद्देश्य यही था कि सरकारी योजनाएं कागजी बाधाओं को पार कर सीधे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बनकर चमकें। सहायक आयुक्त श्री सिन्हा, सहायक संचालक श्री पाण्डेय, बीईओ श्री निगम और बीआरसी श्री दुबे ने खुद आगे बढ़कर बच्चों की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे—निःशुल्क पुस्तक वितरण, साइकिल वितरण, छात्रवृत्ति, यूडाइस (U-DISE), अपार आई.डी. (APAAR ID) और नवभारत उल्लास साक्षरता अभियान की बारीकी से समीक्षा की और आ रही व्यावहारिक समस्याओं का तत्काल समाधान निकाला। उन्होंने उपस्थित पूरी टीम (BRCC, संकुल प्राचार्यों, बीएसी और सीएसी) का हौसला बढ़ाते हुए संकल्प दिलाया कि हमारा लक्ष्य सिर्फ कागजी खानापूर्ति नहीं, बल्कि शत-प्रतिशत (100%) मानवीय सेवा है। इन शीर्ष अधिकारियों के इस विजनरी, विस्तृत और सकारात्मक मार्गदर्शन ने पूरे शिक्षा अमले को नई ऊर्जा से सराबोर कर दिया है।*

*शहडोल संभाग की पावन धरा को शिक्षा के क्षेत्र में देश का आदर्श मॉडल बनाने के लिए सहायक आयुक्त श्री आनंदराय सिन्हा, सहायक संचालक श्री संजय पाण्डेय, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री डी.के. निगम और बीआरसी श्री सीताराम दुबे जैसे सच्चे कर्मयोगियों, ईमानदार और बच्चों के प्रति अपार स्नेह रखने वाले अधिकारियों की अत्यंत आवश्यकता थी। वातानुकूलित दफ्तरों से बाहर निकलकर व्यवस्था की जमीनी सच्चाई को खुद समझना, हर एक ब्लॉक के स्कूलों को दुरुस्त करना और छात्रों के हित में इतने बड़े सुधारात्मक निर्णय लेना वाकई एक ऐतिहासिक मिसाल है। APR NEWS बच्चों*बुढार / शहडोल।*
*शहडोल संभाग के शासकीय स्कूलों की तस्वीर बदलने और आदिवासी व ग्रामीण अंचलों के मासूम बच्चों के सपनों को पंख लगाने के लिए शिक्षा विभाग में एक अद्भुत और प्रेरणादायी प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहा है। शनिवार, 4 जुलाई 2026 को आयोजित हुई विभागीय समीक्षा बैठक में सहायक आयुक्त श्री आनंदराय सिन्हा और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) श्री डी.के. निगम की जोड़ी एक अत्यंत संवेदनशील, विजनरी और बच्चों के सच्चे संरक्षक के रूप में सामने आई है। इन दोनों ही कर्मठ अधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि हर एक बच्चा अनमोल है और सरकार की जनहितैषी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सीधे उन तक बिना किसी बाधा के पहुँचना ही चाहिए।*
*सहायक आयुक्त श्री सिन्हा के कुशल मार्गदर्शन और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री डी.के. निगम की जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्यप्रणाली की आज पूरे शहडोल संभाग में जनता और प्रबुद्ध जनों द्वारा दिल से सराहना की जा रही है। बैठक के दौरान इन अधिकारियों ने बेहद सुधारात्मक और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए, शासकीय कार्यों के प्रति शिथिलता बरतने वाले 5 प्राचार्यों को भविष्य में पूरी निष्ठा से काम करने का संदेश देने के लिए उनकी एक-एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए हैं। यह कड़ा कदम किसी को दंडित करने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था को पूरी तरह बच्चों के अनुकूल और अनुशासित बनाने की एक पावन कोशिश है।*
*अक्सर प्रशासनिक बैठकें केवल फाइलों और आंकड़ों में सिमट कर रह जाती हैं, लेकिन सहायक आयुक्त श्री आनंदराय सिन्हा और बीईओ श्री डी.के. निगम ने अपने प्रेरक नेतृत्व से इस पूरी व्यवस्था में एक नई चेतना फूंक दी है। इसी क्रम में बैठक की गरिमा को और बढ़ाते हुए सहायक संचालक श्री संजय पाण्डेय द्वारा उपस्थित अमले को सभी महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की अत्यंत विस्तृत, व्यावहारिक और बिंदुवार जानकारी प्रदान की गई, जिससे मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की हर शंका दूर हो गई।*
*प्रशासनिक कसावट को धरातल पर उतारने और विकासखण्ड के हर स्कूल तक ऊर्जा का संचार करने के लिए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री निगम के साथ बीआरसी (BRC) श्री सीताराम दुबे भी इस पूरी मुहिम में कंधे से कंधा मिलाकर मुस्तैदी से डटे रहे। अपनी कर्मठ छवि और कुशल कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले बीआरसी श्री सीताराम दुबे और बीईओ श्री डी.के. निगम की इस सक्रिय जुगलबंदी ने विकासखण्ड में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने, त्रुटियों को तत्काल सुधारने और हर स्कूल में खुद मॉनिटरिंग करने का बेहतरीन खाका प्रस्तुत किया। इसके साथ ही, बच्चों के भविष्य की पहली सीढ़ी यानी 'नामांकन कार्य' में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने और साखी संकुल प्राचार्य को पूरी सजगता के साथ कार्य में जुटने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों के इस स्नेहपूर्ण और अनुशासित रवैये से संभाग के उन तमाम कर्तव्यनिष्ठ शिक्षकों और राष्ट्र-निर्माताओं का गौरव बढ़ा है जो पूरी ईमानदारी से बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं।*
*इस उच्च स्तरीय बैठक का एकमात्र उद्देश्य यही था कि सरकारी योजनाएं कागजी बाधाओं को पार कर सीधे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बनकर चमकें। सहायक आयुक्त श्री सिन्हा, सहायक संचालक श्री पाण्डेय, बीईओ श्री निगम और बीआरसी श्री दुबे ने खुद आगे बढ़कर बच्चों की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे—निःशुल्क पुस्तक वितरण, साइकिल वितरण, छात्रवृत्ति, यूडाइस (U-DISE), अपार आई.डी. (APAAR ID) और नवभारत उल्लास साक्षरता अभियान की बारीकी से समीक्षा की और आ रही व्यावहारिक समस्याओं का तत्काल समाधान निकाला। उन्होंने उपस्थित पूरी टीम (BRCC, संकुल प्राचार्यों, बीएसी और सीएसी) का हौसला बढ़ाते हुए संकल्प दिलाया कि हमारा लक्ष्य सिर्फ कागजी खानापूर्ति नहीं, बल्कि शत-प्रतिशत (100%) मानवीय सेवा है। इन शीर्ष अधिकारियों के इस विजनरी, विस्तृत और सकारात्मक मार्गदर्शन ने पूरे शिक्षा अमले को नई ऊर्जा से सराबोर कर दिया है।*

*शहडोल संभाग की पावन धरा को शिक्षा के क्षेत्र में देश का आदर्श मॉडल बनाने के लिए सहायक आयुक्त श्री आनंदराय सिन्हा, सहायक संचालक श्री संजय पाण्डेय, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री डी.के. निगम और बीआरसी श्री सीताराम दुबे जैसे सच्चे कर्मयोगियों, ईमानदार और बच्चों के प्रति अपार स्नेह रखने वाले अधिकारियों की अत्यंत आवश्यकता थी। वातानुकूलित दफ्तरों से बाहर निकलकर व्यवस्था की जमीनी सच्चाई को खुद समझना, हर एक ब्लॉक के स्कूलों को दुरुस्त करना और छात्रों के हित में इतने बड़े सुधारात्मक निर्णय लेना वाकई एक ऐतिहासिक मिसाल है। APR NEWS बच्चों

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