बचपन से तीजन बाई जी की पंडवानी सुनते हुए हम बड़े हुए हैं। उनकी दमदार आवाज़, जीवंत प्रस्तुति और लोक संस्कृति के प्रति समर्पण ने हम सभी के मन पर अमिट छाप छोड़ी है।


आज उनके निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई जी ने अपनी अद्वितीय कला से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पंडवानी को विश्वभर में नई पहचान दिलाई। उनका जाना केवल एक महान कलाकार का निधन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की अपूरणीय क्षति है।

ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

भावभीनी श्रद्धांजलि।
ॐ शांति।
आज उनके निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई जी ने अपनी अद्वितीय कला से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पंडवानी को विश्वभर में नई पहचान दिलाई। उनका जाना केवल एक महान कलाकार का निधन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की अपूरणीय क्षति है।

ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

भावभीनी श्रद्धांजलि।
ॐ शांति।

🧠 आज के 10 सवाल

1. क्या आपने पूरी खबर पढ़ी?


2. क्या यह खबर उपयोगी लगी?


3. क्या आप ऐसी और खबरें पढ़ना चाहेंगे?


4. आपकी राय:

🌟 Explore More



📘 Facebook 📲 WhatsApp 💬 Comment

😊 React to this news

Comments

Popular posts from this blog

15 जून से 5 जुलाई तक ही होगा रजिस्ट्रेशन ( महादेव रूद्र महाविषेक महोत्सव )|रजिस्ट्रेशन कैसे होगा जाने |

❤️ मेरी मोहब्बत ऐसी है ❤️ | दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026)

पैसा, पावर और सेक्स इतना आकर्षक क्यों हैं? मानव मन की गहरी सच्चाई

Amlai view अमलाई दर्शन