बुढ़ार जनपद में मनरेगा कार्यों को लेकर गंभीर आरोप, वित्तीय व्यवस्था पर उठे सवाल
शहडोल जिले के बुढ़ार जनपद पंचायत में मनरेगा (MGNREGA) के संचालन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि एक संविदा अधिकारी को वित्तीय अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रभार सौंप दिए गए हैं, जिससे वित्तीय नियमों और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आरोप है कि AAO (Assistant Accounts Officer) और AO (Accounts Officer) के दायित्व एक ही अधिकारी को दिए जाने से वित्तीय "चेक एंड बैलेंस" व्यवस्था प्रभावित हुई है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इससे कार्यों की स्वीकृति और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता कम हुई है तथा मनरेगा के तहत मजदूरों के हित प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही जनपद पंचायत या संबंधित विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। इसलिए इन दावों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
यदि शिकायतों में दम पाया जाता है, तो संबंधित विभाग द्वारा निष्पक्ष जांच कर नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार हुई हैं, तो प्रशासन का पक्ष भी सामने आना आवश्यक है ताकि जनता के बीच सही तथ्य स्पष्ट हो सकें।
आपकी राय क्या है? क्या मनरेगा जैसी योजनाओं में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था और मजबूत होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
#Budhar #Shahdol #MGNREGA #Manrega #MadhyaPradesh #BreakingNews #HindiNews #LatestNews #Successmee2
Comments
Post a Comment
अपनी राय अवश्य साझा करें। कृपया सभ्य भाषा का प्रयोग करें। स्पैम या आपत्तिजनक टिप्पणियाँ प्रकाशित नहीं की जाएँगी। धन्यवाद!