शहडोल संभाग:
राजनगर से बनारस जा रही 'प्रयाग बस' में यात्रियों से ₹600 प्रति व्यक्ति की अवैध वसूली और एक-एक स्लीपर में 4-4 लोगों को ठूसने का काला खेल अब सीधे पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी को चुनौती दे रहा है। यह बस शहडोल जिले के एक-दो नहीं, बल्कि आधा दर्जन से अधिक थाना क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली है।
अब देखना यह है कि जनहित में कौन सा थाना सबसे पहले एक्शन लेता है या फिर यह अवैध वसूली की गाड़ी पुलिस की आंखों के सामने से आराम से निकल जाती है!
📍 इन थानों की सीमाओं से गुजरेगा 'गुंडागर्दी का सफर':
यात्रियों को बंधक जैसी स्थिति में लेकर और धमकाकर चल रही यह बस निम्नलिखित थाना क्षेत्रों को पार करेगी:
अमलाई थाना (जहाँ से 13 यात्री प्रताड़ना का शिकार होकर बैठे हैं)
बुढार थाना
सोहागपुर थाना
गोहपारू थाना
जयसिंहनगर थाना
व्यौहारी थाना
🔥 पुलिस प्रशासन से 'जनहित' में सीधी अपेक्षा:
यह केवल ओवरलोडिंग का मामला नहीं है, यह सफर कर रहे आम नागरिकों की सुरक्षा, उनके आत्मसम्मान और उनकी जेब पर सरेआम डकैती है।
कंडक्टर और मालिक की खुली धमकी: "बैठना है तो बैठो, नहीं तो उतार देंगे!" इस तरह की भाषा का प्रयोग कर यात्रियों को डराया जा रहा है।
सड़क हादसे को आमंत्रण: एक स्लीपर में 4 लोगों को बैठाकर और बस को खचाखच भरकर यह बस किसी भी वक्त बड़े हादसे का शिकार हो सकती है। क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?
कड़ा सवाल: अमलाई, बुढार, सोहागपुर, गोहपारू, जयसिंहनगर और व्यौहारी थाने के जिम्मेदार अधिकारी कृपया ध्यान दें। यात्रियों ने रो-रोकर अपनी आपबीती सुनाई है। क्या इस पूरे रूट पर कहीं भी इस गाड़ी को रोककर चेक करने की जहमत उठाई जाएगी?
📢 जनहित में तत्काल कार्रवाई की मांग:
हम शहडोल पुलिस कप्तान (SP) और संबंधित थाना प्रभारियों से अपेक्षा करते हैं कि:
शहडोल से 10 किमी पहले या इस रूट के किसी भी नाके पर नाकेबंदी कर इस गाड़ी को तुरंत रोका जाए।
यात्रियों के बयान मौके पर दर्ज कर कंडक्टर और बस मालिक पर अवैध वसूली और जान जोखिम में डालने की धाराओं के तहत तत्काल FIR दर्ज हो।
यात्रियों से लूटा गया एक-एक पैसा वापस कराया जाए।
"कानून का खौफ अपराधियों में होना चाहिए, सफर कर रहे आम यात्रियों में नहीं।" देखते हैं प्रशासन जनहित में कितनी फुर्ती दिखाता है!
इस खबर को इतना शेयर करें कि संबंधित थानों के व्हाट्सएप और वायरलेस सेट पर इसकी गूंज सुनाई दे!शहडोल संभाग:
राजनगर से बनारस जा रही 'प्रयाग बस' में यात्रियों से ₹600 प्रति व्यक्ति की अवैध वसूली और एक-एक स्लीपर में 4-4 लोगों को ठूसने का काला खेल अब सीधे पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी को चुनौती दे रहा है। यह बस शहडोल जिले के एक-दो नहीं, बल्कि आधा दर्जन से अधिक थाना क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली है।
अब देखना यह है कि जनहित में कौन सा थाना सबसे पहले एक्शन लेता है या फिर यह अवैध वसूली की गाड़ी पुलिस की आंखों के सामने से आराम से निकल जाती है!
📍 इन थानों की सीमाओं से गुजरेगा 'गुंडागर्दी का सफर':
यात्रियों को बंधक जैसी स्थिति में लेकर और धमकाकर चल रही यह बस निम्नलिखित थाना क्षेत्रों को पार करेगी:
अमलाई थाना (जहाँ से 13 यात्री प्रताड़ना का शिकार होकर बैठे हैं)
बुढार थाना
सोहागपुर थाना
गोहपारू थाना
जयसिंहनगर थाना
व्यौहारी थाना
🔥 पुलिस प्रशासन से 'जनहित' में सीधी अपेक्षा:
यह केवल ओवरलोडिंग का मामला नहीं है, यह सफर कर रहे आम नागरिकों की सुरक्षा, उनके आत्मसम्मान और उनकी जेब पर सरेआम डकैती है।
कंडक्टर और मालिक की खुली धमकी: "बैठना है तो बैठो, नहीं तो उतार देंगे!" इस तरह की भाषा का प्रयोग कर यात्रियों को डराया जा रहा है।
सड़क हादसे को आमंत्रण: एक स्लीपर में 4 लोगों को बैठाकर और बस को खचाखच भरकर यह बस किसी भी वक्त बड़े हादसे का शिकार हो सकती है। क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?
कड़ा सवाल: अमलाई, बुढार, सोहागपुर, गोहपारू, जयसिंहनगर और व्यौहारी थाने के जिम्मेदार अधिकारी कृपया ध्यान दें। यात्रियों ने रो-रोकर अपनी आपबीती सुनाई है। क्या इस पूरे रूट पर कहीं भी इस गाड़ी को रोककर चेक करने की जहमत उठाई जाएगी?
📢 जनहित में तत्काल कार्रवाई की मांग:
हम शहडोल पुलिस कप्तान (SP) और संबंधित थाना प्रभारियों से अपेक्षा करते हैं कि:
शहडोल से 10 किमी पहले या इस रूट के किसी भी नाके पर नाकेबंदी कर इस गाड़ी को तुरंत रोका जाए।
यात्रियों के बयान मौके पर दर्ज कर कंडक्टर और बस मालिक पर अवैध वसूली और जान जोखिम में डालने की धाराओं के तहत तत्काल FIR दर्ज हो।
यात्रियों से लूटा गया एक-एक पैसा वापस कराया जाए।
"कानून का खौफ अपराधियों में होना चाहिए, सफर कर रहे आम यात्रियों में नहीं।" देखते हैं प्रशासन जनहित में कितनी फुर्ती दिखाता है!
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