आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के सिंगनामाला मंडल स्थित 'गम्पा मल्लैया स्वामी') मंदिर से एक बेहद दुखद और विचलित करने वाली घटना सामने आई है. यहाँ मंदिर के 49 वर्षीय मुख्य पुजारी की पहाड़ की चोटी से गिरने के कारण मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना का एक वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के भ्रामक दावे किए जाने लगे, जिसमें कहा गया कि पुजारी ने "दिव्य शक्ति से आसमान में उड़ने" का दावा करते हुए पहाड़ से छलांग लगा दी. हालांकि, स्थानीय पुलिस और चश्मदीदों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि यह अंधविश्वास से जुड़ा आत्मघाती कदम नहीं, बल्कि एक बेहद कठिन अनुष्ठान के दौरान पैर फिसलने से हुआ एक दर्दनाक हादसा था. स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मृतक पुजारी की पहचान अप्पा पापाया (49) के रूप में हुई है, जो लंबे समय से सिंगनामाला के वन क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक पहाड़ी पर भगवान गम्पा मल्लैया की सेवा कर रहे थे. परंपरा के मुताबिक, हर साल श्रावण मास के शनिवार को इस ऊंचे टीले पर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है.इस अनुष्ठान के तहत, पुजारी को तेल से सनी बेहद सीधी और खतरनाक चट्टानों पर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के चढ़ना होता था. शनिवार सुबह करीब 9:00 बजे जब पुजारी पापाया पहाड़ी की चोटी पर पूजा संपन्न करने के बाद वापस नीचे की ओर ढलान से उतर रहे थे, तभी अचानक एक संकीर्ण मोड़ पर उनका पैर फिसल गया. संतुलन बिगड़ने के कारण वे लगभग 100 फीट गहरी घाटी में जा गिरे. चट्टानों से टकराने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया.घटना के समय पहाड़ी पर मौजूद कुछ श्रद्धालुओं ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया था. मलबे और चट्टानों के बीच गिरते हुए पुजारी का यह वीडियो जब इंटरनेट पर वायरल हुआ, तो सोशल मीडिया पेजों ने इसे "उड़ने के दावे" का सनसनीखेज रूप देकर पेश करना शुरू कर दिया.
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह पहाड़ी मंदिर अपनी अत्यधिक कठिन और दुर्गम चढ़ाई के लिए जाना जाता है. विडंबना यह है कि मृतक पुजारी पापाया के दादा की भी कई दशक पहले इसी तरह इस खड़ी पहाड़ी पर अनुष्ठान के दौरान पैर फिसलने से मृत्यु हो गई थी. इस खतरनाक परंपरा और सुरक्षा के अभाव को देखते हुए अब स्थानीय प्रशासन और वन्यजीव विभाग विचार कर रहा है
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के सिंगनामाला मंडल स्थित 'गम्पा मल्लैया स्वामी') मंदिर से एक बेहद दुखद और विचलित करने वाली घटना सामने आई है. यहाँ मंदिर के 49 वर्षीय मुख्य पुजारी की पहाड़ की चोटी से गिरने के कारण मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना का एक वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के भ्रामक दावे किए जाने लगे, जिसमें कहा गया कि पुजारी ने "दिव्य शक्ति से आसमान में उड़ने" का दावा करते हुए पहाड़ से छलांग लगा दी. हालांकि, स्थानीय पुलिस और चश्मदीदों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि यह अंधविश्वास से जुड़ा आत्मघाती कदम नहीं, बल्कि एक बेहद कठिन अनुष्ठान के दौरान पैर फिसलने से हुआ एक दर्दनाक हादसा था. स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मृतक पुजारी की पहचान अप्पा पापाया (49) के रूप में हुई है, जो लंबे समय से सिंगनामाला के वन क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक पहाड़ी पर भगवान गम्पा मल्लैया की सेवा कर रहे थे. परंपरा के मुताबिक, हर साल श्रावण मास के शनिवार को इस ऊंचे टीले पर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है.इस अनुष्ठान के तहत, पुजारी को तेल से सनी बेहद सीधी और खतरनाक चट्टानों पर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के चढ़ना होता था. शनिवार सुबह करीब 9:00 बजे जब पुजारी पापाया पहाड़ी की चोटी पर पूजा संपन्न करने के बाद वापस नीचे की ओर ढलान से उतर रहे थे, तभी अचानक एक संकीर्ण मोड़ पर उनका पैर फिसल गया. संतुलन बिगड़ने के कारण वे लगभग 100 फीट गहरी घाटी में जा गिरे. चट्टानों से टकराने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया.घटना के समय पहाड़ी पर मौजूद कुछ श्रद्धालुओं ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया था. मलबे और चट्टानों के बीच गिरते हुए पुजारी का यह वीडियो जब इंटरनेट पर वायरल हुआ, तो सोशल मीडिया पेजों ने इसे "उड़ने के दावे" का सनसनीखेज रूप देकर पेश करना शुरू कर दिया.
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह पहाड़ी मंदिर अपनी अत्यधिक कठिन और दुर्गम चढ़ाई के लिए जाना जाता है. विडंबना यह है कि मृतक पुजारी पापाया के दादा की भी कई दशक पहले इसी तरह इस खड़ी पहाड़ी पर अनुष्ठान के दौरान पैर फिसलने से मृत्यु हो गई थी. इस खतरनाक परंपरा और सुरक्षा के अभाव को देखते हुए अब स्थानीय प्रशासन और वन्यजीव विभाग विचार कर रहा है
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