Gohparu Case: पूर्व थाना प्रभारी की भूमिका पर उठे सवाल, पीड़ित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
शहडोल (गोहपारू): गोहपारू के चर्चित मामले में पूर्व थाना प्रभारी की भूमिका को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण एक निर्दोष व्यक्ति को परेशानी झेलनी पड़ी।
परिवार का दावा है कि युवक की मोबाइल लोकेशन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई। उनका आरोप है कि जांच में जल्दबाजी हुई और वास्तविक आरोपियों तक पहुंचने के बजाय गलत दिशा में कार्रवाई की गई।
पीड़ित पक्ष का यह भी कहना है कि जब वे अपनी बात और कथित साक्ष्यों के साथ तत्कालीन थाना प्रभारी के पास पहुंचे, तो उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हुई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
अब पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और उम्मीद जताई है कि वर्तमान पुलिस प्रशासन उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष समीक्षा करेगा। मामले को लेकर स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा तेज है।
नोट: यह लेख पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
#Gohparu #Shahdol #MPPolice #Justice #NewsUpdate #Successmee2
शहडोल (गोहपारू): गोहपारू के चर्चित मामले में पूर्व थाना प्रभारी की भूमिका को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण एक निर्दोष व्यक्ति को परेशानी झेलनी पड़ी।
परिवार का दावा है कि युवक की मोबाइल लोकेशन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई। उनका आरोप है कि जांच में जल्दबाजी हुई और वास्तविक आरोपियों तक पहुंचने के बजाय गलत दिशा में कार्रवाई की गई।
पीड़ित पक्ष का यह भी कहना है कि जब वे अपनी बात और कथित साक्ष्यों के साथ तत्कालीन थाना प्रभारी के पास पहुंचे, तो उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हुई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
अब पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और उम्मीद जताई है कि वर्तमान पुलिस प्रशासन उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष समीक्षा करेगा। मामले को लेकर स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा तेज है।
नोट: यह लेख पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
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