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कटनी के बरही में Sonam Wangchuk के समर्थन में उतरे लोग | Paper Leak और Education System पर उठाए बड़े सवाल
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मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बरही नगर में देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर लोगों ने आवाज बुलंद की। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक के समर्थन में दर्जनों कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका सवाल है कि यदि किसी विभाग में इतनी बड़ी गड़बड़ी होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उनका कहना है कि जवाबदेही तय होना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
प्रदर्शन के दौरान यह भी कहा गया कि यदि किसी छात्र का भविष्य खराब होता है या वह मानसिक दबाव में कोई गलत कदम उठा लेता है, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी किसकी होगी? प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल, सरकार या नेता का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा सवाल है।
उन्होंने मांग की कि चाहे किसी भी दल की सरकार हो, उसे पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए। यदि किसी विभाग से गंभीर लापरवाही होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और सरकार जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए।मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बरही नगर में देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर लोगों ने आवाज बुलंद की। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक के समर्थन में दर्जनों कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका सवाल है कि यदि किसी विभाग में इतनी बड़ी गड़बड़ी होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उनका कहना है कि जवाबदेही तय होना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
प्रदर्शन के दौरान यह भी कहा गया कि यदि किसी छात्र का भविष्य खराब होता है या वह मानसिक दबाव में कोई गलत कदम उठा लेता है, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी किसकी होगी? प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल, सरकार या नेता का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा सवाल है।
उन्होंने मांग की कि चाहे किसी भी दल की सरकार हो, उसे पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए। यदि किसी विभाग से गंभीर लापरवाही होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और सरकार जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका सवाल है कि यदि किसी विभाग में इतनी बड़ी गड़बड़ी होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उनका कहना है कि जवाबदेही तय होना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
प्रदर्शन के दौरान यह भी कहा गया कि यदि किसी छात्र का भविष्य खराब होता है या वह मानसिक दबाव में कोई गलत कदम उठा लेता है, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी किसकी होगी? प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल, सरकार या नेता का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा सवाल है।
उन्होंने मांग की कि चाहे किसी भी दल की सरकार हो, उसे पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए। यदि किसी विभाग से गंभीर लापरवाही होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और सरकार जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए।मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बरही नगर में देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर लोगों ने आवाज बुलंद की। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक के समर्थन में दर्जनों कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका सवाल है कि यदि किसी विभाग में इतनी बड़ी गड़बड़ी होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उनका कहना है कि जवाबदेही तय होना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
प्रदर्शन के दौरान यह भी कहा गया कि यदि किसी छात्र का भविष्य खराब होता है या वह मानसिक दबाव में कोई गलत कदम उठा लेता है, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी किसकी होगी? प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल, सरकार या नेता का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा सवाल है।
उन्होंने मांग की कि चाहे किसी भी दल की सरकार हो, उसे पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए। यदि किसी विभाग से गंभीर लापरवाही होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और सरकार जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए।
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