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*जैतपुर ,खैरहा में रेत चोरों की सरेआम 'जग-हंसाई'! 450 क्यूबिक मीटर रेत में मिलाई मिट्टी, माफिया बोले- 'लूट गए हम तो लुटेरे के दरबार में!'*
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*खैरहा/जैतपुर:*
*कहते हैं चोर की दाढ़ी में तिनका, लेकिन शहडोल में तो रेत चोरों की पूरी दाढ़ी ही साफ की जा रही है! शहडोल कलेक्टर के कड़े चाबुक के बाद राजस्व और खनिज विभाग की टीम ने मिलकर माफियाओं की ऐसी 'क्लास' ली है कि अब बेचारे समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं। खुद को रेत का 'इंटरनेशनल डीलर' समझने वाले माफियाओं की सरेआम ऐसी फजीहत (जग-हंसाई) हुई है कि अब वो कोने में बैठकर रो रहे हैं।*
*👉लाखों की रेत पर चलवा दी जेसीबी, बना दिया 'मिट्टी का हलवा'!*
*अरे भाई, माफियाओं की अक्ल पर ऐसा पत्थर पड़ा कि उन्होंने सरकारी जमीन को ही अपने बाप की बपौती समझ लिया! जैतपुर SDM और खनिज निरीक्षक ने जब कोल्हुआ और लुकामपुर के इलाकों में छापा मारा, तो नजारा देखने लायक था।*
*चंद्रपुरा में करीब 150 घन मीटर (क्यूबिक मीटर) रेत सजा कर रखी थी।*
*लाखनटोला में तो हद ही हो गई, सरकारी जमीन पर सीना तानकर 300 घन मीटर रेत का पहाड़ खड़ा कर दिया था।*
*प्रशासन ने भी कहा—"बेटा, मेहनत तुमने की, पर रायता हम फैलाएंगे!"* *अधिकारियों ने सरेआम एक चमचमाती JCB मशीन बुलाई और पूरे 450 घन मीटर रेत के ढेर में बढ़िया से मिट्टी मिलाकर उसका 'हलवा' बना दिया! लाखों रुपए की साफ रेत को मिट्टी में मिलते देख माफियाओं के कलेजे पर जो सांप लोटा है, उसकी फुफकार पूरे शहडोल में सुनाई दे रही है। अब इस मिट्टी मिली रेत को कोई कौड़ियों के भाव भी नहीं पूछेगा। इसे कहते हैं—गए थे चौबे जी छब्बे जी बनने, दुबे जी बनकर लौटे!*
*रात के अंधेरे में 'हायवा' का शिकार, जयसिंहनगर-ब्यौहारी में भी बजा डंका!*
*माफिया सोच रहे थे कि जैतपुर में जेसीबी चल रही है, तो चलो रात के अंधेरे में जयसिंहनगर और ब्यौहारी की तरफ से माल पार कर देते हैं। लेकिन प्रशासन की 'तीसरी आंख' चौबीसों घंटे खुली है।*
*कल रात जयसिंहनगर SDM, तहसीलदार और खनिज अधिकारी की संयुक्त टीम ने आधी रात को वो 'सर्जिकल स्ट्राइक' की, जिसकी उम्मीद माफिया को सपने में भी नहीं थी। रेत चुराकर भाग रहा एक आलीशान हायवा (नंबर MP17ZQ7711) दबोच लिया गया। ट्रक ड्राइवर और उसके मालिक ने अधिकारियों के सामने बहुत गिड़गिड़ाने का नाटक किया, लेकिन कानून के रखवालों ने एक नहीं सुनी। हायवा को सरेआम घसीटते हुए ब्यौहारी थाने की हवालात (अभिरक्षा) में बंद कर दिया गया है और अवैध परिवहन का ऐसा तगड़ा केस दर्ज हुआ है कि अब कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटते-काटते माफिया की चप्पलें घिस जाएंगी।*
*पिक्चर अभी बाकी है... अगला नंबर किसका?*
*इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि शहडोल जिला अब रेत चोरों के लिए 'नो-एंट्री ज़ोन' बन चुका है। सरेआम हुई इस फजीहत और जग-हंसाई के बाद अब दूसरे इलाकों के रेत चोर भी अपने बोरिया-बिस्तर समेटने में लग गए हैं।*
*अब देखना यह है कि प्रशासन की जेसीबी का अगला 'टारगेट' कौन सा इलाका बनता है और किस रसूखदार की रेत में मिट्टी मिलाई जाती है!*
*रेत के इस खेल की हर एक बारीक, तीखी और चटपटी इनसाइड स्टोरी के लिए कहीं मत जाइए... बने रहिए सिर्फ हमारे साथ!**खैरहा/जैतपुर:*
*कहते हैं चोर की दाढ़ी में तिनका, लेकिन शहडोल में तो रेत चोरों की पूरी दाढ़ी ही साफ की जा रही है! शहडोल कलेक्टर के कड़े चाबुक के बाद राजस्व और खनिज विभाग की टीम ने मिलकर माफियाओं की ऐसी 'क्लास' ली है कि अब बेचारे समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं। खुद को रेत का 'इंटरनेशनल डीलर' समझने वाले माफियाओं की सरेआम ऐसी फजीहत (जग-हंसाई) हुई है कि अब वो कोने में बैठकर रो रहे हैं।*
*👉लाखों की रेत पर चलवा दी जेसीबी, बना दिया 'मिट्टी का हलवा'!*
*अरे भाई, माफियाओं की अक्ल पर ऐसा पत्थर पड़ा कि उन्होंने सरकारी जमीन को ही अपने बाप की बपौती समझ लिया! जैतपुर SDM और खनिज निरीक्षक ने जब कोल्हुआ और लुकामपुर के इलाकों में छापा मारा, तो नजारा देखने लायक था।*
*चंद्रपुरा में करीब 150 घन मीटर (क्यूबिक मीटर) रेत सजा कर रखी थी।*
*लाखनटोला में तो हद ही हो गई, सरकारी जमीन पर सीना तानकर 300 घन मीटर रेत का पहाड़ खड़ा कर दिया था।*
*प्रशासन ने भी कहा—"बेटा, मेहनत तुमने की, पर रायता हम फैलाएंगे!"* *अधिकारियों ने सरेआम एक चमचमाती JCB मशीन बुलाई और पूरे 450 घन मीटर रेत के ढेर में बढ़िया से मिट्टी मिलाकर उसका 'हलवा' बना दिया! लाखों रुपए की साफ रेत को मिट्टी में मिलते देख माफियाओं के कलेजे पर जो सांप लोटा है, उसकी फुफकार पूरे शहडोल में सुनाई दे रही है। अब इस मिट्टी मिली रेत को कोई कौड़ियों के भाव भी नहीं पूछेगा। इसे कहते हैं—गए थे चौबे जी छब्बे जी बनने, दुबे जी बनकर लौटे!*
*रात के अंधेरे में 'हायवा' का शिकार, जयसिंहनगर-ब्यौहारी में भी बजा डंका!*
*माफिया सोच रहे थे कि जैतपुर में जेसीबी चल रही है, तो चलो रात के अंधेरे में जयसिंहनगर और ब्यौहारी की तरफ से माल पार कर देते हैं। लेकिन प्रशासन की 'तीसरी आंख' चौबीसों घंटे खुली है।*
*कल रात जयसिंहनगर SDM, तहसीलदार और खनिज अधिकारी की संयुक्त टीम ने आधी रात को वो 'सर्जिकल स्ट्राइक' की, जिसकी उम्मीद माफिया को सपने में भी नहीं थी। रेत चुराकर भाग रहा एक आलीशान हायवा (नंबर MP17ZQ7711) दबोच लिया गया। ट्रक ड्राइवर और उसके मालिक ने अधिकारियों के सामने बहुत गिड़गिड़ाने का नाटक किया, लेकिन कानून के रखवालों ने एक नहीं सुनी। हायवा को सरेआम घसीटते हुए ब्यौहारी थाने की हवालात (अभिरक्षा) में बंद कर दिया गया है और अवैध परिवहन का ऐसा तगड़ा केस दर्ज हुआ है कि अब कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटते-काटते माफिया की चप्पलें घिस जाएंगी।*
*पिक्चर अभी बाकी है... अगला नंबर किसका?*
*इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि शहडोल जिला अब रेत चोरों के लिए 'नो-एंट्री ज़ोन' बन चुका है। सरेआम हुई इस फजीहत और जग-हंसाई के बाद अब दूसरे इलाकों के रेत चोर भी अपने बोरिया-बिस्तर समेटने में लग गए हैं।*
*अब देखना यह है कि प्रशासन की जेसीबी का अगला 'टारगेट' कौन सा इलाका बनता है और किस रसूखदार की रेत में मिट्टी मिलाई जाती है!*
*रेत के इस खेल की हर एक बारीक, तीखी और चटपटी इनसाइड स्टोरी के लिए कहीं मत जाइए... बने रहिए सिर्फ हमारे साथ!*
*कहते हैं चोर की दाढ़ी में तिनका, लेकिन शहडोल में तो रेत चोरों की पूरी दाढ़ी ही साफ की जा रही है! शहडोल कलेक्टर के कड़े चाबुक के बाद राजस्व और खनिज विभाग की टीम ने मिलकर माफियाओं की ऐसी 'क्लास' ली है कि अब बेचारे समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं। खुद को रेत का 'इंटरनेशनल डीलर' समझने वाले माफियाओं की सरेआम ऐसी फजीहत (जग-हंसाई) हुई है कि अब वो कोने में बैठकर रो रहे हैं।*
*👉लाखों की रेत पर चलवा दी जेसीबी, बना दिया 'मिट्टी का हलवा'!*
*अरे भाई, माफियाओं की अक्ल पर ऐसा पत्थर पड़ा कि उन्होंने सरकारी जमीन को ही अपने बाप की बपौती समझ लिया! जैतपुर SDM और खनिज निरीक्षक ने जब कोल्हुआ और लुकामपुर के इलाकों में छापा मारा, तो नजारा देखने लायक था।*
*चंद्रपुरा में करीब 150 घन मीटर (क्यूबिक मीटर) रेत सजा कर रखी थी।*
*लाखनटोला में तो हद ही हो गई, सरकारी जमीन पर सीना तानकर 300 घन मीटर रेत का पहाड़ खड़ा कर दिया था।*
*प्रशासन ने भी कहा—"बेटा, मेहनत तुमने की, पर रायता हम फैलाएंगे!"* *अधिकारियों ने सरेआम एक चमचमाती JCB मशीन बुलाई और पूरे 450 घन मीटर रेत के ढेर में बढ़िया से मिट्टी मिलाकर उसका 'हलवा' बना दिया! लाखों रुपए की साफ रेत को मिट्टी में मिलते देख माफियाओं के कलेजे पर जो सांप लोटा है, उसकी फुफकार पूरे शहडोल में सुनाई दे रही है। अब इस मिट्टी मिली रेत को कोई कौड़ियों के भाव भी नहीं पूछेगा। इसे कहते हैं—गए थे चौबे जी छब्बे जी बनने, दुबे जी बनकर लौटे!*
*रात के अंधेरे में 'हायवा' का शिकार, जयसिंहनगर-ब्यौहारी में भी बजा डंका!*
*माफिया सोच रहे थे कि जैतपुर में जेसीबी चल रही है, तो चलो रात के अंधेरे में जयसिंहनगर और ब्यौहारी की तरफ से माल पार कर देते हैं। लेकिन प्रशासन की 'तीसरी आंख' चौबीसों घंटे खुली है।*
*कल रात जयसिंहनगर SDM, तहसीलदार और खनिज अधिकारी की संयुक्त टीम ने आधी रात को वो 'सर्जिकल स्ट्राइक' की, जिसकी उम्मीद माफिया को सपने में भी नहीं थी। रेत चुराकर भाग रहा एक आलीशान हायवा (नंबर MP17ZQ7711) दबोच लिया गया। ट्रक ड्राइवर और उसके मालिक ने अधिकारियों के सामने बहुत गिड़गिड़ाने का नाटक किया, लेकिन कानून के रखवालों ने एक नहीं सुनी। हायवा को सरेआम घसीटते हुए ब्यौहारी थाने की हवालात (अभिरक्षा) में बंद कर दिया गया है और अवैध परिवहन का ऐसा तगड़ा केस दर्ज हुआ है कि अब कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटते-काटते माफिया की चप्पलें घिस जाएंगी।*
*पिक्चर अभी बाकी है... अगला नंबर किसका?*
*इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि शहडोल जिला अब रेत चोरों के लिए 'नो-एंट्री ज़ोन' बन चुका है। सरेआम हुई इस फजीहत और जग-हंसाई के बाद अब दूसरे इलाकों के रेत चोर भी अपने बोरिया-बिस्तर समेटने में लग गए हैं।*
*अब देखना यह है कि प्रशासन की जेसीबी का अगला 'टारगेट' कौन सा इलाका बनता है और किस रसूखदार की रेत में मिट्टी मिलाई जाती है!*
*रेत के इस खेल की हर एक बारीक, तीखी और चटपटी इनसाइड स्टोरी के लिए कहीं मत जाइए... बने रहिए सिर्फ हमारे साथ!**खैरहा/जैतपुर:*
*कहते हैं चोर की दाढ़ी में तिनका, लेकिन शहडोल में तो रेत चोरों की पूरी दाढ़ी ही साफ की जा रही है! शहडोल कलेक्टर के कड़े चाबुक के बाद राजस्व और खनिज विभाग की टीम ने मिलकर माफियाओं की ऐसी 'क्लास' ली है कि अब बेचारे समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं। खुद को रेत का 'इंटरनेशनल डीलर' समझने वाले माफियाओं की सरेआम ऐसी फजीहत (जग-हंसाई) हुई है कि अब वो कोने में बैठकर रो रहे हैं।*
*👉लाखों की रेत पर चलवा दी जेसीबी, बना दिया 'मिट्टी का हलवा'!*
*अरे भाई, माफियाओं की अक्ल पर ऐसा पत्थर पड़ा कि उन्होंने सरकारी जमीन को ही अपने बाप की बपौती समझ लिया! जैतपुर SDM और खनिज निरीक्षक ने जब कोल्हुआ और लुकामपुर के इलाकों में छापा मारा, तो नजारा देखने लायक था।*
*चंद्रपुरा में करीब 150 घन मीटर (क्यूबिक मीटर) रेत सजा कर रखी थी।*
*लाखनटोला में तो हद ही हो गई, सरकारी जमीन पर सीना तानकर 300 घन मीटर रेत का पहाड़ खड़ा कर दिया था।*
*प्रशासन ने भी कहा—"बेटा, मेहनत तुमने की, पर रायता हम फैलाएंगे!"* *अधिकारियों ने सरेआम एक चमचमाती JCB मशीन बुलाई और पूरे 450 घन मीटर रेत के ढेर में बढ़िया से मिट्टी मिलाकर उसका 'हलवा' बना दिया! लाखों रुपए की साफ रेत को मिट्टी में मिलते देख माफियाओं के कलेजे पर जो सांप लोटा है, उसकी फुफकार पूरे शहडोल में सुनाई दे रही है। अब इस मिट्टी मिली रेत को कोई कौड़ियों के भाव भी नहीं पूछेगा। इसे कहते हैं—गए थे चौबे जी छब्बे जी बनने, दुबे जी बनकर लौटे!*
*रात के अंधेरे में 'हायवा' का शिकार, जयसिंहनगर-ब्यौहारी में भी बजा डंका!*
*माफिया सोच रहे थे कि जैतपुर में जेसीबी चल रही है, तो चलो रात के अंधेरे में जयसिंहनगर और ब्यौहारी की तरफ से माल पार कर देते हैं। लेकिन प्रशासन की 'तीसरी आंख' चौबीसों घंटे खुली है।*
*कल रात जयसिंहनगर SDM, तहसीलदार और खनिज अधिकारी की संयुक्त टीम ने आधी रात को वो 'सर्जिकल स्ट्राइक' की, जिसकी उम्मीद माफिया को सपने में भी नहीं थी। रेत चुराकर भाग रहा एक आलीशान हायवा (नंबर MP17ZQ7711) दबोच लिया गया। ट्रक ड्राइवर और उसके मालिक ने अधिकारियों के सामने बहुत गिड़गिड़ाने का नाटक किया, लेकिन कानून के रखवालों ने एक नहीं सुनी। हायवा को सरेआम घसीटते हुए ब्यौहारी थाने की हवालात (अभिरक्षा) में बंद कर दिया गया है और अवैध परिवहन का ऐसा तगड़ा केस दर्ज हुआ है कि अब कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटते-काटते माफिया की चप्पलें घिस जाएंगी।*
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जैतपुर थाना क्षेत्र में तीन युवकों की संदिग्ध मौत के मामले की जांच अब उमरिया पुलिस अधीक्षक (एसपी) को सौंप दी गई है। शहडोल जोन के आईजी ने स्थानीय पुलिस की जांच पर लगातार उठ रहे सवालों और मृतकों के परिजनों की शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया है।
घटना 13 और 14 अप्रैल की दरमियानी रात की है। कमता गांव में रोहित शर्मा, तनुज शुक्ला और सचिन सिंह के शव एक कुएं से बरामद हुए थे। घटनास्थल के पास उनकी क्षतिग्रस्त कार भी मिली थी। प्रारंभिक जांच में स्थानीय पुलिस ने इसे गांजा तस्करी से जुड़ा मामला बताया था। पुलिस का निष्कर्ष था कि तीनों की मौत सड़क दुर्घटना के बाद कुएं में गिरने से हुई। इस दौरान पुलिस ने कई क्विंटल गांजा और कुछ अन्य तस्करों को भी गिरफ्तार किया था। हालांकि, मृतकों के परिजनों ने पहले दिन से ही पुलिस के इस निष्कर्ष पर सवाल उठाए थे और हत्या की आशंका जताई थी। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की और जांच को सड़क हादसे की दिशा में मोड़ दिया। परिजनों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और राज्य मानवाधिकार आयोग तक शिकायतें भेजी थीं। उनका दावा है कि तीनों युवकों की मौत दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। परिजनों ने यह भी बताया कि उन्होंने घटना से जुड़े कई अहम तथ्य और संभावित गवाहों की जानकारी पुलिस को दी थी, लेकिन उन बिंदुओं पर गंभीरता से जांच नहीं की गई। इन शिकायतो...
*लालपुर बिना अनुमति बिजली खंभा खड़ा करने के दौरान हादसा, करंट लगने से एक ग्रामीण की मौत, बाकी सुरक्षित*
*बुढ़ार (शहडोल): बुढ़ार थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत लालपुर (कुदरा टोला) में खुद से बिजली का खंभा खड़ा करना ग्रामीणों को भारी पड़ गया। दरअसल, राम मिलन साहू अपने बिजली कनेक्शन को मजबूत करने के लिए 10-12 लोगों को साथ लेकर एक पुराना खंभा लगवा रहे थे। इसी दौरान खंभे का ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रही 11 KV की हाई-टेंशन लाइन से टकरा गया, जिससे खंभे में तेज करंट दौड़ गया।* *इस हादसे में बरतर निवासी सुनील चौधरी की करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।* *उन्हें तुरंत शहडोल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं खंभे को पकड़े अन्य 10-12 लोगों को भी करंट का झटका लगा था, जो अस्पताल में इलाज के बाद अब पूरी तरह ठीक और स्वस्थ हैं।* *मामले में सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी (बुढ़ार) से इस काम के लिए न तो कोई अनुमति ली गई थी और न ही शटडाउन कराया गया था। घटना की सूचना मिलते ही कनिष्ठ अभियंता (JE) विकास गोंदुड़े ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया है और विभाग द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।*