बचपन से तीजन बाई जी की पंडवानी सुनते हुए हम बड़े हुए हैं। उनकी दमदार आवाज़, जीवंत प्रस्तुति और लोक संस्कृति के प्रति समर्पण ने हम सभी के मन पर अमिट छाप छोड़ी है।

आज उनके निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई जी ने अपनी अद्वितीय कला से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पंडवानी को विश्वभर में नई पहचान दिलाई। उनका जाना केवल एक महान कलाकार का निधन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। भावभीनी श्रद्धांजलि। ॐ शांति।

अब देखना है नए कप्तान साहब यहां के अवैध कोयला माफियाओं और अवैध कोयला खदान एवं बड़े गांजा तस्करों पर कैसे नकेल कसते हैं।



Shahdol Police Collector Office Shahdol CM Madhya Pradesh Indian National Congress - Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Shahdol Commissioner

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