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आज के दिन जब एक खबर उस माता पिता के पास आई तो उनके पिता दिल्ली स्कूल आफ इकनॉमिक्स के प्रोफेसर सतीश नैयर ने बस ये पुछा कि
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क्या मेरा एकलौता बेटा बहादुरी से लड़ते हुए शहीद हुआ !
तब सेना की तरफ से जवाब आया कि प्वाइंट 4875 को कब्जे में करते समय आपके बेटे ने अकेले 9 दुश्मनों को मारा,4 बंकर उड़ाए और 3 MMG bunkers भी खत्म किए...आपके बेटे ने रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड लगने के बाद भी कहा था कि
Till the last enemy is alive, I will keep breathing..
मैं ब्रह्माण्ड के अनंत कोणे से भी कोई नया शब्द ढूंढ कर लाउं तब भी एक मां बाप के इस शोक को शब्दों में नही ढाल सकती...
अनुज नैयर मात्र 23 साल के थे..उन्हे महावीर चक्र मिला...उनके मन में बसी उस लड़की ने भी इस बिछोह को को भाग्य मान लिया और जीवन पर्यंत विवाह नही किया....
पर इसी बाबूशाही वाले सरकारी सिस्टम ने जिस तरह एक पेट्रोलपंप के लिए एक शहीद के प्रोफेसर पिता की चप्पले घिसवा दी ,उसकी मिसाल इस दुनिया में कही नही मिलेगी...आखिर देश के लिए बेटा दे देने से बड़ा सेक्रिफाइज और क्या होता है...
पर अनुज नैयर के दोस्तों ने हमेशा उनके माता पिता का ध्यान रखा और अपनी दोस्ती को भी निभाया....अब दिल्ली केंट एरिया का नाम जब शहीद अनुज नैयर के नाम पर देखती हूं तो एक तसल्ली होती है कि अगले जेनरेशन के दस बच्चों में किसी एक बच्चे में भी तो उत्सुकता जगेगी ये नाम देखकर कि आखिर ये नाम इस जगह पर क्यों है और आखिर अनुज नैयर ने ऐसा क्या कर दिखाया था कि ये सम्मान उनको मिला....
आखिर फौजी के जीवन में गट्स और ग्लोरी के सिवा और है भी क्या...
क्या मेरा एकलौता बेटा बहादुरी से लड़ते हुए शहीद हुआ !
तब सेना की तरफ से जवाब आया कि प्वाइंट 4875 को कब्जे में करते समय आपके बेटे ने अकेले 9 दुश्मनों को मारा,4 बंकर उड़ाए और 3 MMG bunkers भी खत्म किए...आपके बेटे ने रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड लगने के बाद भी कहा था कि
Till the last enemy is alive, I will keep breathing..
मैं ब्रह्माण्ड के अनंत कोणे से भी कोई नया शब्द ढूंढ कर लाउं तब भी एक मां बाप के इस शोक को शब्दों में नही ढाल सकती...
अनुज नैयर मात्र 23 साल के थे..उन्हे महावीर चक्र मिला...उनके मन में बसी उस लड़की ने भी इस बिछोह को को भाग्य मान लिया और जीवन पर्यंत विवाह नही किया....
पर इसी बाबूशाही वाले सरकारी सिस्टम ने जिस तरह एक पेट्रोलपंप के लिए एक शहीद के प्रोफेसर पिता की चप्पले घिसवा दी ,उसकी मिसाल इस दुनिया में कही नही मिलेगी...आखिर देश के लिए बेटा दे देने से बड़ा सेक्रिफाइज और क्या होता है...
पर अनुज नैयर के दोस्तों ने हमेशा उनके माता पिता का ध्यान रखा और अपनी दोस्ती को भी निभाया....अब दिल्ली केंट एरिया का नाम जब शहीद अनुज नैयर के नाम पर देखती हूं तो एक तसल्ली होती है कि अगले जेनरेशन के दस बच्चों में किसी एक बच्चे में भी तो उत्सुकता जगेगी ये नाम देखकर कि आखिर ये नाम इस जगह पर क्यों है और आखिर अनुज नैयर ने ऐसा क्या कर दिखाया था कि ये सम्मान उनको मिला....
आखिर फौजी के जीवन में गट्स और ग्लोरी के सिवा और है भी क्या...
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❤️ मेरी मोहब्बत ऐसी है ❤️ | दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026)
❤️ मेरी मोहब्बत ऐसी है ❤️ | दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026) – Introduction प्यार एक ऐसा एहसास है, जो हर किसी की जिंदगी में एक खास जगह रखता है। जब दिल किसी के लिए सच्चे जज़्बात महसूस करता है, तो वो अपने आप कह उठता है—मेरी मोहब्बत ऐसी है जो हर हाल में सच्ची और गहरी रहती है। इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026), जो आपके दिल की हर बात को खूबसूरती से बयां करेगी। कभी शब्द कम पड़ जाते हैं, लेकिन एहसास हमेशा साथ रहते हैं। मेरी मोहब्बत ऐसी है जो दिखावे से दूर और सच्चाई से जुड़ी हुई है। ऐसी ही दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026) आपको अपने प्यार को एक अलग अंदाज में जताने का मौका देती है, जहाँ हर लाइन दिल को छू जाती है। जब किसी की याद हर वक्त दिल में बसी रहे और हर धड़कन उसी का नाम ले, तो समझ आता है कि मोहब्बत कितनी खास होती है। मेरी मोहब्बत ऐसी है जो वक्त और हालात से भी नहीं बदलती। अगर आप भी अपने जज़्बातों को शब्दों में ढालना चाहते हैं, तो ये दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026) आपके लिए एकदम सही है। क्योंकि आखिर में, सच्चा प्यार वही होता है जो हर...
जैतपुर थाना क्षेत्र में तीन युवकों की संदिग्ध मौत के मामले की जांच अब उमरिया पुलिस अधीक्षक (एसपी) को सौंप दी गई है। शहडोल जोन के आईजी ने स्थानीय पुलिस की जांच पर लगातार उठ रहे सवालों और मृतकों के परिजनों की शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया है।
घटना 13 और 14 अप्रैल की दरमियानी रात की है। कमता गांव में रोहित शर्मा, तनुज शुक्ला और सचिन सिंह के शव एक कुएं से बरामद हुए थे। घटनास्थल के पास उनकी क्षतिग्रस्त कार भी मिली थी। प्रारंभिक जांच में स्थानीय पुलिस ने इसे गांजा तस्करी से जुड़ा मामला बताया था। पुलिस का निष्कर्ष था कि तीनों की मौत सड़क दुर्घटना के बाद कुएं में गिरने से हुई। इस दौरान पुलिस ने कई क्विंटल गांजा और कुछ अन्य तस्करों को भी गिरफ्तार किया था। हालांकि, मृतकों के परिजनों ने पहले दिन से ही पुलिस के इस निष्कर्ष पर सवाल उठाए थे और हत्या की आशंका जताई थी। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की और जांच को सड़क हादसे की दिशा में मोड़ दिया। परिजनों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और राज्य मानवाधिकार आयोग तक शिकायतें भेजी थीं। उनका दावा है कि तीनों युवकों की मौत दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। परिजनों ने यह भी बताया कि उन्होंने घटना से जुड़े कई अहम तथ्य और संभावित गवाहों की जानकारी पुलिस को दी थी, लेकिन उन बिंदुओं पर गंभीरता से जांच नहीं की गई। इन शिकायतो...