असंगठित कामगार प्रदेश सचिव प्रदीप द्विवेदी जी का |अनूपपुर |आगमन पर भव्य स्वागत
लफ़्ज़ों में नहीं एहसासों में पढ़ना होगा,
आँखों से कुछ समझना तो कुछ दिल का सुनना होगा।
ख़्वाबों की ता'बीर चाहे मेरी आँखें,
तस्वीर-ओ-तसव्वुरात से अलग मिलना होगा।
तू इतना ना हैरां होकर मुझे देख,
तेरी गलियों के उन लम्हों से दूर जाना होगा।
तेरे मेरे नाम को हाजत-ए-इस्तेख़ारा नहीं,
दिल का रफ़ू और दर्द-ए-दिल मिटाना होगा।
आँखें मिलने से दुनिया बदल गई इरफ़ान,
आँखों की इनायत का अब दिफ़ा करना होगा।
—𝓘𝓻𝓯𝓪𝓷 ¬🖤
Bahut hashin hai gav- बहुत हसीन है मेरा गांव
Dil bekarar sahi udas nhi- दिल बेकरार सही उदास नहीं
Bas baith jau aur tera mera hath ho- बस बैठ जाऊ और तेरा मेरा हाथ हो
Yaade sameta kro, baate rhne diya karo-यादे समेटा करो बाते रहने दिया करो
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How to impress anyone ? -किसी को आसानी से इम्प्रेस कैसे करें ?
Nothing is deferent in girls and boys-लड़के और लड़कियों मे किसी प्रकार का अंतर नहीं होता
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