असंगठित कामगार प्रदेश सचिव प्रदीप द्विवेदी जी का |अनूपपुर |आगमन पर भव्य स्वागत

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असंगठित कामगार प्रदेश सचिव प्रदीप द्विवेदी जी का |अनूपपुर |आगमन पर भव्य स्वागत 🌟 प्रदीप द्विवेदी जी – संक्षिप्त परिचय 🌟 प्रदीप द्विवेदी जी असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (KKC) में प्रदेश सचिव के पद पर कार्यरत एक सक्रिय एवं लोकप्रिय युवा चेहरा हैं। वे समाजसेवा, संगठन मजबूती और मजदूर भाइयों की आवाज उठाने के लिए लगातार कार्य करते रहते हैं। पिता : उमेश द्विवेदी माता : उर्मिला द्विवेदी प्रदीप द्विवेदी जी अपने सरल स्वभाव, मेहनत और लोगों के प्रति सहयोग की भावना के कारण समाज में विशेष पहचान रखते हैं। वे हमेशा युवाओं, मजदूरों और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को लेकर सक्रिय रहते हैं तथा सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। उनकी मित्र मंडली में कई युवा साथी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं संगठन से जुड़े लोग शामिल हैं, जो समाजहित और संगठन को मजबूत बनाने के लिए उनके साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। असंगठित कामगार प्रदेश सचिव बनने के बाद प्रदीप द्विवेदी का हुआ भव्य स्वागत असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (KKC) में प्रदेश सचिव का दायित्व मिलने के बाद जब प्रदीप द्विवेदी अपने गृह क्षेत्र पहुंच...

नशा भी इक अजीब नशा है इरफ़ान

 

नशा भी इक अजीब नशा है इरफ़ान

ऐन शीन काफ समेटा तो इश्क निकला,

बिखेरा तो इल्म-ओ-शब-ए-कुर्ब निकला

अल्फाज के मा'नी अलहदा

किसी की दवा तो, किसी का दर्द निकला

झूम रहा है बेताब,धडकने के लिए दीवाना,

कोई दिल लबरेज-ए-शर्ब तो,कोई खुश्क निकला

पल भर मे शादियां तो, जिंदगी भर इक लम्हा,

 शाम की इज्र-तिराबी,या, बरसो का हिज्र निकला 

नशा भी इक अजीब नशा है इरफ़ान

कभी शौक तो कभी जरूरत-ए-जीस्त निकला

Meaning-urdu alfaaz ke mae-ne

ऐन शीन काफ-the latters in urdu alphabet=उर्दू वर्डमाला के अक्षर

इल्म-ओ-शब-ए-कुर्ब-knowledge and night relationship=ज्ञान और रात का रिस्ता

अलहदा-separately=अलग

लबरेज-ए-शर्ब-full fill of sweet drink=मीठा सर्बत से भरा हुआ

खुश्क-dry=सूखा

हिज्र-separation=जुदाई

इज्र-तिराबी-restlessness=बेचैनी 

जरूरत-ए-जीस्त-need of life =जीवन की आवश्कता

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