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Showing posts from July, 2020
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Taj Mahal | What is Special About Taj Mahal – Romantic & Historical Shayari (2026)
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अब तो शमा-ए-आशिक़ी भी जलती बुझती है, लगता है ये हवा कोई साज़िश किए फ़िरती है। आओं तुम तुम्हारी कमी सी है मेरे आशियाँ में, बे-वज्ह मुझे ये बारिश दिल-ए-तन्हा समझती है। हां तू ग़ज़ल बन कर मिलती है मेरे ख़्याल में, फिर भी तू मुझे याद बन कर हर वक़्त सताती है। तस्वीर है तू उसकी जो दिखती है मेरे ख़्वाब में, सुन मेरी जाँ तुझे मेरी आँखें कुछ बताना चाहती है। इक ख़ुबसूरत इमारत इश्क़ का है मेरे दिल में, हूबहू वैसे ही जिसे दुनिया ताज महल कहती है। —𝓘𝓻𝓯𝓪𝓷¬🖤 #irfanblackheart #blackheartpoetry #urduhindi_poetry #hindi_urdu_poetry #taj_mahal #alfaaz #shayarइरफ़ान 💭 Shayari / Poetic Lines "Taj Mahal की मीनारों में बसता है प्यार, हर ईंट कहती है, दिल से दिल तक का इज़हार।" "सफेद संगमरमर में बसी मोहब्बत की कहानी, याद दिलाए हर पल, ऐ मुहब्बत की निशानी।" ❓ People Also Ask (FAQ) 1. Taj Mahal क्यों खास है? Taj Mahal विश्व का एक अद्वितीय स्मारक है, जो प्यार की मिसाल और Mughal architecture का बेहतरीन उदाहरण है। 2. Taj Mahal किसने बनवाया थ...
ख़ुद रूठ कर खुद को मनाना | दिल को छू जाने वाली शायरी (2026)
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ख़ुद रूठ कर ख़ुद को मनाना पड़ता है, ख़ामोश रह कर ख़ुद से बात करना पड़ता है। अजीब गुज़रती है ज़िन्दगी शाम-ओ-सुबह में, ख़ामख़ा हर वक़्त ख़ुद से लड़ना पड़ता है। अब तेरी ही याद बस रह गई मेरे हिस्से में, ख़ामियाज़ा चुप रहने का ख़ुद ही चुकाना पड़ता है। आयेंगे कुछ लम्हें बहार के मेरे नाम में, ख़्वाब इसी ख़्वाहिश में ख़ुद ही देखना पड़ता है। अरे कुछ भी तो ख़ास नहीं मेरे पहलू में, ख़ैर रोज ये याद ख़ुद को दिलाना पड़ता है। आज मेरे सारे एहसास बदल जाए मेरे अल्फ़ाज़ में, ख़्याल बन कर काग़ज़ पर ख़ुद को उतारना पड़ता है। —𝓘𝓻𝓯𝓪𝓷¬🖤 #irfanblackheart #blackheartpoetry #urduhindi_poetry #hindi_urdu_poetry #alfaaz #shayarइरफ़ान ❓ People Also Ask (FAQ) 1. “ख़ुद रूठ कर खुद को मनाना” का क्या मतलब है? इसका मतलब है कि कभी-कभी अपने दुख, परेशानी या disappointment को खुद संभालना पड़ता है क्योंकि कोई और आपकी feelings नहीं समझ पाता। 2. शायरी क्यों लोगों को पसंद आती है? क्योंकि यह छोटे शब्दों में गहरी भावनाओं और अनुभव को व्यक्त करती है, जिससे लोग खुद को relate कर पात...
इतनी सी तकल्लुफ़ी | दिल को छू लेने वाली शायरी और romantic quote (2026)
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इतनी सी तकल्लुफ़ी | दिल को छू लेने वाली शायरी और Romantic Quote (2026) – Introduction मोहब्बत में कभी-कभी बड़े इज़हार की जरूरत नहीं होती, बस छोटी-सी परवाह और हल्की-सी तकल्लुफ़ी ही दिल जीत लेती है। इतनी सी तकल्लुफ़ी—यह उन खूबसूरत एहसासों की कहानी है, जहाँ प्यार दिखावे से नहीं, बल्कि सादगी से झलकता है। इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं दिल को छू लेने वाली शायरी और Romantic Quote (2026), जो आपके जज़्बातों को एक खास अंदाज में बयां करेंगे। जब कोई बिना कहे हमारी परवाह करता है, छोटी-छोटी बातों में हमें महसूस कराता है, तब वही इतनी सी तकल्लुफ़ी दिल को सबसे ज्यादा छू जाती है। ऐसी ही दिल को छू लेने वाली शायरी और Romantic Quote (2026) आपको उस एहसास तक ले जाएगी, जहाँ प्यार सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि हर एहसास में जीया जाता है। आज के दौर में सच्चे जज़्बात कम ही देखने को मिलते हैं, लेकिन अगर किसी के दिल में सच्चाई हो, तो इतनी सी तकल्लुफ़ी भी बहुत बड़ी लगती है। अगर आप भी अपने दिल की बात किसी खास तक पहुँचाना चाहते हैं, तो ये दिल को छू लेने वाली शायरी और Romantic Quote (2026) आपके लिए एकदम सही है। क...
Sine me gam-e-drd liye firta hoo- सीने मे गम-ए-दर्द लिए फिरता हूँ
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सीने में ग़म-ए-दर्द लिए फ़िरता हूँ, हां तुझ से मैं इक फ़रियाद करता हूँ। हाय ये मेरे दिल का ग़रज़ कैसा, बार बार इक तेरा ही नाम कहता हूँ। अब ये मेरे दिल के मरज़ का इलाज हो, हर रात वोही इक ख़्वाब देखता हूँ। उफ़ ये मेरे दिल का हालत-ए-ज़ुबूँ कैसा, यार तुझ से इक बात करने से डरता हूँ। यूँ तो माना ज़ौक़ नहीं इरफ़ान को, हर दफ़ा लेकिन तेरी ग़ज़ल लिखता हूँ। —𝓘𝓻𝓯𝓪𝓷¬🖤 ऐ रब कुछ ऐसा कर की उसकी याद ना आये। आये तो मेरी यादास्त चली जाये।। ~नवीन ज्योति✒️✒️ वो एक अच्छी बेटी का फर्ज आदा की है, बाप के लिए अपनी मोहब्बत से दगा की है। उन्हें बेवफ़ा भी कहुँ तो कैसे कहुँ, हमें कभी ना भुलाने का वादा भी की है। ~नवीन ज्योति✒️✒️ इंसान भी औकात देखकर औकात बताता है कपडे और चहरे देखकर पहनचान बताता है हम ने भी छोड़ दी दोस्ती करनी और दोस्ती की मिसाल बतानी क्युकी जो भी मिलता है औकात बताता है एक पागल के चककर मे पागल हो गए हम ज़ब चाहत हुई तो प्यार मे खो गए हम हमें नहीं आता प्यार का इज्जहार करना अगर समझ ही जाती आँखों की भाषा तुम तो आज तेरे...
❤️ मेरी मोहब्बत ऐसी है ❤️ | दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026)
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❤️ मेरी मोहब्बत ऐसी है ❤️ | दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026) – Introduction प्यार एक ऐसा एहसास है, जो हर किसी की जिंदगी में एक खास जगह रखता है। जब दिल किसी के लिए सच्चे जज़्बात महसूस करता है, तो वो अपने आप कह उठता है—मेरी मोहब्बत ऐसी है जो हर हाल में सच्ची और गहरी रहती है। इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026), जो आपके दिल की हर बात को खूबसूरती से बयां करेगी। कभी शब्द कम पड़ जाते हैं, लेकिन एहसास हमेशा साथ रहते हैं। मेरी मोहब्बत ऐसी है जो दिखावे से दूर और सच्चाई से जुड़ी हुई है। ऐसी ही दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026) आपको अपने प्यार को एक अलग अंदाज में जताने का मौका देती है, जहाँ हर लाइन दिल को छू जाती है। जब किसी की याद हर वक्त दिल में बसी रहे और हर धड़कन उसी का नाम ले, तो समझ आता है कि मोहब्बत कितनी खास होती है। मेरी मोहब्बत ऐसी है जो वक्त और हालात से भी नहीं बदलती। अगर आप भी अपने जज़्बातों को शब्दों में ढालना चाहते हैं, तो ये दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026) आपके लिए एकदम सही है। क्योंकि आखिर में, सच्चा प्यार वही होता है जो हर...
मगर जो सोचा वो हो पाया | दिल को छू लेने वाली शायरी और सोच (2026)
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मगर जो सोचा वो हो पाया | दिल को छू लेने वाली शायरी और सोच (2026) सामान्य जानकारी 👉ज़िंदगी हमेशा वैसी नहीं होती जैसी हम सोचते हैं। हम ख्वाब तो बड़े-बड़े देख लेते हैं, लेकिन हकीकत अक्सर उनसे अलग रास्ता चुन लेती है। मगर जो सोचा वो हो पाया —यह एक सवाल भी है और एक एहसास भी, जो हर इंसान के दिल को कहीं न कहीं छू जाता है। इस पोस्ट में हम लेकर आए हैं दिल को छू लेने वाली शायरी और सोच (2026), जो आपकी भावनाओं को शब्दों में ढालने का काम करेगी। जब इंसान उम्मीदों के सहारे आगे बढ़ता है, तो उसे लगता है कि सब कुछ उसकी सोच के मुताबिक होगा। लेकिन वक्त सिखा देता है कि हर ख्वाब पूरा होना ज़रूरी नहीं होता। मगर जो सोचा वो हो पाया—यह सोच हमें हकीकत से रूबरू कराती है। ऐसी ही दिल को छू लेने वाली शायरी और सोच (2026) हमें अंदर से मजबूत बनाती है और जिंदगी को समझने का नजरिया देती है। कभी-कभी अधूरे ख्वाब ही हमें नई राह दिखाते हैं। जो नहीं मिला, वही हमें कुछ नया पाने की ताकत देता है। मगर जो सोचा वो हो पाया इस एहसास के साथ अगर आप इन दिल को छू लेने वाली शायरी और सोच (2026) को पढ़ेंगे, तो आपको अपनी ही कहानी नजर आएगी। हम...
मेरा गुजारा नहीं होता तेरी तस्बीर से | दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026)
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मेरा गुजारा नहीं होता तेरी तस्बीर से | दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026) सामान्य जानकारी 👉जब दिल किसी खास की यादों में खो जाता है, तब हर छोटी-सी चीज भी बड़ी मायने रखने लगती है। मेरा गुजारा नहीं होता तेरी तस्बीर से—यह सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि उन एहसासों की कहानी है जो हर सच्चे प्यार में छिपी होती है। आज की इस पोस्ट में हम आपके लिए लाए हैं दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026), जो आपके दिल की बात को शब्दों में बयां करेगी। कई बार हम किसी की तस्वीर को देखकर ही सुकून ढूंढते हैं, लेकिन जब वही सुकून भी अधूरा लगे, तब समझ आता है कि मोहब्बत कितनी गहरी हो चुकी है। मेरा गुजारा नहीं होता तेरी तस्बीर से जैसी दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026) उन जज़्बातों को उजागर करती है, जिन्हें हम अक्सर कह नहीं पाते। अगर आप भी अपने प्यार को खास अंदाज में जताना चाहते हैं, तो ये दिल छू लेने वाली रोमांटिक शायरी (2026) आपके लिए एकदम परफेक्ट है। यहां आपको हर वो एहसास मिलेगा जो दिल को छू जाए। क्योंकि सच में, मेरा गुजारा नहीं होता तेरी तस्बीर से, ये एहसास हर उस इंसान का है जिसने सच्चा प्यार किया है। मेरा अब...
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नाली और आसपास का कचरा साफ करने से ही विकास पूरा नहीं होता। हमें अच्छी शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और रोजगार भी चाहिए। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? | Successmee2
साफ़-सफ़ाई किसी भी शहर और गाँव के लिए ज़रूरी है। स्वच्छ सड़कें, साफ़ नालियाँ और कचरा प्रबंधन नागरिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। लेकिन क्या केवल यही विकास की पहचान है? आज भी देश के कई हिस्सों में लोग अच्छे सरकारी स्कूल, पर्याप्त शिक्षक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर अस्पताल, समय पर इलाज, आवश्यक दवाइयाँ और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। जब युवाओं को रोजगार नहीं मिलता, बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिलती और मरीजों को इलाज के लिए दूर-दूर भटकना पड़ता है, तब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इन मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी किसकी है। भारत के संविधान और प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सेवाओं की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अलग-अलग स्तरों पर साझा होती है। स्थानीय निकायों की भी अपनी भूमिका होती है। नागरिकों को भी अपने जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही मांगने और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी आवाज़ उठाने का अधिकार है। विकास का अर्थ केवल साफ़ सड़कें और नालियाँ नहीं, बल्कि ऐसा समाज है जहाँ हर बच्चे को अच्छी शिक्षा, हर मरीज को बेहतर इलाज और हर युवा ...
कपड़ा धोने वाले बैट से सोते हुए पति की हत्या, बिस्तर पर मिली लाश;
पूरी खबर देश को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक महिला पर आरोप है कि उसने देर रात सो रहे अपने पति पर कपड़े धोने वाले बैट से हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर बताया जा रहा है कि पति की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद महिला अपने बच्चों को लेकर घर से चली गई, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि सुबह जब परिजनों और पड़ोसियों को काफी देर तक घर से कोई हलचल सुनाई नहीं दी, तो उन्होंने अंदर जाकर देखा। वहां बिस्तर पर पति का शव पड़ा मिला। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, साक्ष्य एकत्र किए गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद को संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन पुलिस का कहना है कि अभी जांच जारी है और सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने महिला की तलाश के लिए विशेष टीमो...
क्या इसी दिन के लिए जनता ने अपना वोट दिया था? 🇮🇳😢
जिन हाथों ने वोट देकर आपको सत्ता तक पहुँचाया, आज वही हाथ अपने बच्चों के लिए न्याय और जवाब मांग रहे हैं। जिन बच्चों को देश का भविष्य कहा जाता है, अगर वही अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर संघर्ष करते दिखाई दें, तो हर माँ-बाप का दिल दर्द से भर उठता है। साहब, ये दुश्मन नहीं... इसी देश के बच्चे हैं। इनकी आवाज़ सुनिए, इनकी बात समझिए। लोकतंत्र की ताकत संवाद में है, टकराव में नहीं। "सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ुए-क़ातिल में है।" यह पंक्ति केवल संघर्ष की नहीं, बल्कि अन्याय के सामने झुकने से इंकार करने के साहस की प्रतीक है। याद रखिए, कुर्सियाँ जनता के भरोसे से मिलती हैं और लोकतंत्र जनता की आवाज़ से चलता है। सवालों का जवाब संवाद से दिया जाता है, क्योंकि किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी जागरूक जनता होती है। जनता की आवाज़ को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता। अंतिम फैसला जनता ही अपने वोट से करती है। 🇮🇳
Budhar Development News: वार्ड 14-15 में Road Construction पूरा, Ward 2 में विकास कार्य जारी
बुढ़ार: नगर परिषद बुढ़ार नगर के विकास को नई गति देने में लगातार जुटी हुई है। नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं। नगर परिषद के अनुसार वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 में सड़क निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा अमरकंटक मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत भी कर दी गई है, जिससे आम लोगों के लिए आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हो गया है। वहीं वार्ड क्रमांक 2 में सड़क निर्माण कार्य तेजी से जारी है। नगर परिषद का उद्देश्य है कि शहर के प्रत्येक वार्ड में बेहतर सड़क, स्वच्छ वातावरण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि नागरिकों को बेहतर जीवन सुविधाएं मिल सकें। नगर परिषद ने कहा कि बुढ़ार के समग्र विकास के लिए जनसहयोग और नागरिकों के सुझाव महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन का संकल्प है कि विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ाते हुए बुढ़ार को एक स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक नगर बनाया जाए। जनसुविधा हमारी प्राथमिकता, विकास हमारा संकल्प। #Budhar #Successmee2
क्या देश में ऐसी स्थिति आनी चाहिए कि बच्चों पर लाठीचार्ज हो?
जब भी किसी प्रदर्शन में छात्रों या युवाओं पर बल प्रयोग की खबरें सामने आती हैं, तो पूरा देश भावुक हो जाता है। हर नागरिक के मन में एक ही सवाल उठता है—क्या लोकतंत्र में संवाद की जगह लाठीचार्ज होना चाहिए? भारत का भविष्य उसके युवा और छात्र हैं। उनकी आवाज़ को सुनना, उनकी समस्याओं का समाधान करना और शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहचान है। यदि किसी मुद्दे पर मतभेद हैं, तो उनका समाधान कानून, संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। भारतीय सेना देश की सीमाओं की रक्षा के लिए समर्पित है। वहीं आंतरिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से पुलिस और अन्य नागरिक सुरक्षा एजेंसियों की होती है। इसलिए सेना के नाम पर कोई भी अपुष्ट बयान फैलाना उचित नहीं है। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमें यह अपेक्षा करनी चाहिए कि देश में ऐसा वातावरण बने, जहाँ बच्चों, छात्रों और युवाओं की बात सुनी जाए, और किसी भी पक्ष को हिंसा या बल प्रयोग का सामना न करना पड़े। लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत संवाद, संवेदनशीलता और न्याय है। यदि हम इन मूल्यों को मजबूत करेंगे, तो देश भी...
राहुल गांधी हिरासत में: दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लिया डिटेंशन में
नई दिल्ली: विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मंगलवार को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत (डिटेंशन) में लिया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें रोककर अपने साथ ले गई। राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार की आलोचना की और सरकार से जवाबदेही की मांग की। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा कारणों से यह कार्रवाई की गई। घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक बताया। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति वाले प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए गए। फिलहाल राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। मामले पर आगे की जानकारी का इंतजार है। मुख्य बातें: - राहुल गांधी को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। - दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला दिया। - कांग्रेस ने कार्रवाई का विरोध किया। - मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने...
आज क्या हमारा देश फिर से गुलाम जैसा महसूस होने लगा है? हक मांगने पर लाठी, आँसू गैस और बंदूकें क्यों?
"साहब, ये आतंकवादी नहीं... आपके ही देश के बच्चे हैं, जिनकी माँओं ने अपने वोट से आपको सत्ता तक पहुँचाया है।" 😭🇮🇳 जब लोकतंत्र में अपने अधिकारों की मांग करने वाले छात्र और नागरिक सड़कों पर उतरते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि उनकी बात सुनी जाएगी या उन पर बल प्रयोग होगा। हर नागरिक को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है। यदि कहीं प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, आँसू गैस या अन्य बल प्रयोग होता है, तो स्वाभाविक है कि लोगों के मन में कई सवाल उठते हैं। लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि सरकार और जनता के बीच संवाद बना रहे। आज कई लोगों के मन में यह पीड़ा है कि जिन बच्चों के भविष्य के लिए उनके माता-पिता ने वोट दिया, वही बच्चे अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील नागरिक को दुखी कर सकता है। देश को मजबूत बनाने का रास्ता डर या हिंसा नहीं, बल्कि संवाद, न्याय और संविधान से होकर जाता है। जनता सवाल पूछेगी, सरकार जवाब देगी और अंततः लोकतंत्र में फैसला जनता अपने वोट से करेगी। लोकतंत्र की ताकत जनता है। जनता की आवाज़ सुनी जानी चाहिए, क्योंकि यही सं...
कोतमा में युवाओं के रोजगार को लेकर सुनील सराफ का बड़ा आंदोलन, SECL और नीलकंठ कोल कंपनी के खिलाफ सौंपा ज्ञापन | Kotma News
कोतमा। कोतमा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम निमहा, मझौली और आसपास के गांवों के युवाओं के रोजगार और स्थानीय अधिकारों को लेकर पूर्व विधायक सुनील सराफ ने एस.ई.सी.एल. (SECL) और नीलकंठ कोल कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन करते हुए उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कंपनियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। पूर्व विधायक सुनील सराफ का आरोप है कि कंपनियों ने स्थानीय लोगों की जमीनों का अधिग्रहण तो कर लिया, लेकिन रोजगार देने के मामले में क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि नियमानुसार स्थानीय युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार मिलना चाहिए, लेकिन इसके विपरीत बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय युवाओं को उनका अधिकार नहीं मिला और रोजगार में प्राथमिकता सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा शामिल रहे, जिन्होंने स्थानीय रोजगार और न्याय की मांग उठाई। अब इस पूरे मामले पर प्रशासन और संबंधित कंपनियों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर क्षेत्...
15 अगस्त केवल हाथ में तिरंगा लेकर फोटो खिंचवाने का दिन नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प लेने का दिन है। | Successmee2
परिचय 15 अगस्त भारत का स्वतंत्रता दिवस है। यह उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने का दिन है जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए संघर्ष किया। यह दिन केवल झंडा फहराने या फोटो खिंचवाने का अवसर नहीं, बल्कि यह सोचने का भी दिन है कि हम अपने समाज और देश के लिए क्या कर रहे हैं। अगर कोई नेता आपके स्कूल आए, तो सम्मानपूर्वक सवाल पूछिए लोकतंत्र में नागरिकों को अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछने का अधिकार है। यदि कोई जनप्रतिनिधि आपके विद्यालय में आए, तो विनम्रता से ऐसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं: क्या आपने हमारे स्कूल की स्थिति देखने और उसे बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए हैं? क्या हमारे विद्यालय में नए भवन, कक्षाएँ, पुस्तकालय, प्रयोगशाला या खेल सुविधाओं के लिए कोई काम हुआ है? क्या पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं और बच्चों की पढ़ाई बेहतर बनाने के लिए क्या प्रयास किए गए हैं? शिक्षा पर सवाल पूछना आपका अधिकार है यदि कोई आपको तिरंगा देकर देशभक्ति का संदेश दे, तो सम्मानपूर्वक यह भी पूछ सकते हैं: हमारी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आपने क्या किया है? स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए क्या कदम...
100% स्कॉलरशिप के साथ उच्च शिक्षा का सुनहरा अवसर, 31 जुलाई तक करें रजिस्ट्रेशन
शहडोल। यदि आप 10वीं, 12वीं या स्नातक के बाद इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, नर्सिंग, फार्मेसी या अन्य प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेना चाहते हैं, तो आपके लिए एक सुनहरा अवसर है। विद्या संजीवनी एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा विद्यार्थियों के लिए 100 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप एवं करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। संस्था के अनुसार योग्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, पॉलिटेक्निक, बी.फार्मा, डी.फार्मा, बीएससी नर्सिंग, जीएनएम, एएनएम, डीएमएलटी, एमबीए, बीबीए, बीसीए, एमसीए, एलएलबी सहित कई तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है। संस्था की ओर से 26 जुलाई 2026 (रविवार) को मेगा करियर काउंसलिंग कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ छात्रों को उनकी योग्यता और रुचि के अनुसार सही कोर्स एवं कॉलेज चुनने के संबंध में मार्गदर्शन देंगे। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक विद्यार्थी समय रहते अपना पंजीयन कराकर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। अधिक जा...