Posts
Showing posts from September, 2020
Latest news
Musaafir successmee2....मुसाफ़िर.....!
- Get link
- X
- Other Apps
तुझ से दूर क्या बताऊँ मैं कैसे हूँ, तेरे शहर से लौटा इक बे-अज़्म मुसाफ़िर हूँ। काश तू बन जा मेहमां इक दिन मेरे घर में, दिल को संभाले दर पे आँखें बिछाएं हुए हूँ। अगर तू नहीं आ सकता मेरे घर को, अपनी ख़ुशबूएँ भेज मैं इन्तज़ार में सरेराह हूँ। मह-जबीं न कोई हुस्न-ए-आम भाया मुझे, बेगानी हर शय मुझ से मैं बस तेरे ख़्याल में हूँ। छुपाया है मेरा दिल तल्ख़-ए-अय्याम-ए-दर्द तसल्सूल, तेरे इश्क़ का जब जब मैं पैरहन ओढ़ लेता हूँ। इज़्तिराब-ए-गुज़ारिश मुसलसल इरफ़ान इक बार तो ये दिल थाम कह दे मैं तो तेरा हूँ। —𝓘𝓻𝓯𝓪𝓷 ¬🖤 #irfanblackheart #blackheartpoetry #urduhindi_poetry Read more post Bahut hashin hai gav- बहुत हसीन है मेरा गांव Dil bekarar sahi udas nhi- दिल बेकरार सही उदास नहीं Bas baith jau aur tera mera hath ho- बस बैठ जाऊ और तेरा मेरा हाथ हो Yaade sameta kro, baate rhne diya karo-यादे समेटा करो बाते रहने दिया करो Jangle ka sukha darkat-जंगल का सूखा दरखत Kaas ki shimat jaati duriya-काश की सिमट जाती दूरिया E-rab kuchh aisa-ऐ रब कु...
Laf-zo me nhi ahsaaso me✍️✍️लफ़्ज़ों में नहीं एहसासों 💕💕
- Get link
- X
- Other Apps
लफ़्ज़ों में नहीं एहसासों में पढ़ना होगा, आँखों से कुछ समझना तो कुछ दिल का सुनना होगा। ख़्वाबों की ता'बीर चाहे मेरी आँखें, तस्वीर-ओ-तसव्वुरात से अलग मिलना होगा। तू इतना ना हैरां होकर मुझे देख, तेरी गलियों के उन लम्हों से दूर जाना होगा। तेरे मेरे नाम को हाजत-ए-इस्तेख़ारा नहीं, दिल का रफ़ू और दर्द-ए-दिल मिटाना होगा। आँखें मिलने से दुनिया बदल गई इरफ़ान, आँखों की इनायत का अब दिफ़ा करना होगा। —𝓘𝓻𝓯𝓪𝓷 ¬🖤 Read more post Bahut hashin hai gav- बहुत हसीन है मेरा गांव Dil bekarar sahi udas nhi- दिल बेकरार सही उदास नहीं Bas baith jau aur tera mera hath ho- बस बैठ जाऊ और तेरा मेरा हाथ हो Yaade sameta kro, baate rhne diya karo-यादे समेटा करो बाते रहने दिया करो Jangle ka sukha darkat-जंगल का सूखा दरखत Kaas ki shimat jaati duriya-काश की सिमट जाती दूरिया E-rab kuchh aisa-ऐ रब कुछ ऐसा Addiction-लत Weakness of girls-लड़कियों की कमजोरी How to impress anyone ? -किसी को आसानी से इम्प्रेस कैसे करें ? Nothing is deferent in girls and boys-लड़के और लड़कियों मे किसी प्रकार क...
Teri hi just-ju me gum hai-irfan❤तेरी ही जुस्तजू में गुम है इरफ़ान❤
- Get link
- X
- Other Apps
तेरी गली में इन्तज़ार करूँ मैं तेरा, तोहफ़ों को बताऊँ हर वक़्त नाम तेरा। ये बेरूख़ अन्दाज़ भी है इक मौजज़ा, नज़रें यूँ अपनी मुझ पर रखना तेरा। मैं सोचता हूँ तुझसे कभी हो कोई मुलाक़ात, मुझसे मिलने को नहीं तरसता क्या दिल तेरा। तू मुझे यूँ मिला जैसे हो कोई अनम, मेरे बारे में क्या है दिल में ख़्याल तेरा। तेरी ही जुस्तजू में गुम है इरफ़ान, तुझसे इक दफ़ा बस कह दे कि मैं हूँ तेरा। Successmee2 Read more post Bahut hashin hai gav- बहुत हसीन है मेरा गांव Dil bekarar sahi udas nhi- दिल बेकरार सही उदास नहीं Bas baith jau aur tera mera hath ho- बस बैठ जाऊ और तेरा मेरा हाथ हो Yaade sameta kro, baate rhne diya karo-यादे समेटा करो बाते रहने दिया करो Jangle ka sukha darkat-जंगल का सूखा दरखत Kaas ki shimat jaati duriya-काश की सिमट जाती दूरिया E-rab kuchh aisa-ऐ रब कुछ ऐसा
तेरी आँखों का वो हर तीर मुझे याद है | Romantic Shayari 2026
- Get link
- X
- Other Apps
तेरी आँखों का वो हर तीर मुझे याद है | Romantic Shayari 2026 – Introduction समान्य जानकारी 👉प्यार एक ऐसा एहसास है जो शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता, लेकिन जब दिल किसी के लिए धड़कता है, तो हर छोटी-सी बात भी खास बन जाती है। तेरी आँखों का वो हर तीर मुझे याद है—यह सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि उन गहरे जज़्बातों की कहानी है जो सच्चे प्यार में महसूस होते हैं। इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं Romantic Shayari 2026, जो आपके दिल के हर कोने को छू जाएगी। जब कोई अपनी नजरों से ही दिल पर असर डाल दे, तो वो यादें कभी फीकी नहीं पड़तीं। तेरी आँखों का वो हर तीर मुझे याद है—यह एहसास हर उस इंसान का है जिसने कभी किसी की आँखों में अपना पूरा जहाँ देखा हो। ऐसी ही Romantic Shayari 2026 आपको उन पलों में ले जाएगी, जहाँ सिर्फ प्यार और यादें होती हैं। कभी-कभी शब्द कम पड़ जाते हैं, लेकिन शायरी दिल की बात कहने का सबसे खूबसूरत तरीका बन जाती है। तेरी आँखों का वो हर तीर मुझे याद है जैसी Romantic Shayari 2026 आपको अपने प्यार को खास अंदाज में जताने का मौका देती है। अगर आप भी अपने दिल की बात किसी खास तक पहुँचाना चाहते...
अब क्या जान लोगे मेरी 💔 | Sad Shayari in Hindi
- Get link
- X
- Other Apps
अब क्या जान लोगे मेरी 💔 | Sad Shayari in Hindi (2026) कभी-कभी दर्द इतना गहरा होता है कि उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल हो जाता है। अब क्या जान लोगे मेरी—यह सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि टूटे हुए दिल की वो आवाज है जिसे कोई समझ नहीं पाता। इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं Sad Shayari in Hindi, जो आपके जज़्बातों को बखूबी बयां करेगी। जब किसी अपने से ही दर्द मिलता है, तो दिल सवाल करता है—अब क्या जान लोगे मेरी, जब सब कुछ तुमसे ही जुड़ा था। यही एहसास इस Sad Shayari in Hindi में झलकता है, जहाँ हर शब्द दर्द और अधूरी मोहब्बत की कहानी कहता है। कई बार हम अपने जज़्बात छुपाते-छुपाते खुद से दूर हो जाते हैं, लेकिन सच यही है कि अब क्या जान लोगे मेरी , जब दिल पहले ही टूट चुका है। अगर आप भी अपने दर्द को महसूस करना चाहते हैं, तो ये Sad Shayari in Hindi आपके दिल को जरूर छू जाएगी। हमारी कोशिश है कि Successmee2 के जरिए हम आपके दिल के हर दर्द को शब्दों में ढाल सकें। Successmee2 पर आपको ऐसी Sad Shayari in Hindi मिलेगी, जो आपके एहसासों को सही मायने में समझे। क्योंकि आखिर में दिल यही कहता है— अब क्या जान ल...
रूठ जाऊँ तो अब मनाएगा कौन? 💔 दिल को छू लेने वाली शायरी
- Get link
- X
- Other Apps
तरे जाने के बाद हमें सताएगा कोन? रूठ जाऊँ तो अब मनाएगा कोन? तुम हीं तो थे एक मेरे मुश्कराने की वजह अब रोऊँ भी तो फिर हंसाएगा कोन? रूठ जाऊँ तो अब मनाएगा कौन, इस भीड़ में मुझे अपनाएगा कौन… खुद ही समझाना पड़ता है अब खुद को, वरना टूट जाऊँ तो संभालेगा कौन। ❓ FAQ (Frequently Asked Questions) 1. रूठ जाऊँ तो अब मनाएगा कौन का मतलब क्या है? इसका मतलब है कि इंसान खुद को इतना अकेला महसूस करता है कि उसे लगता है अब उसे मनाने या समझने वाला कोई नहीं बचा। 2. यह शायरी किस भावना को दर्शाती है? यह शायरी अकेलापन, दर्द, और दिल टूटने की भावना को दर्शाती है, जहाँ इंसान भावनात्मक रूप से कमजोर महसूस करता है। 3. क्या इस तरह की शायरी लोगों को पसंद आती है? हाँ, ऐसी दिल को छू लेने वाली और इमोशनल शायरी लोगों को बहुत पसंद आती है, खासकर सोशल मीडिया पर। 4. इस शायरी को कहाँ इस्तेमाल कर सकते हैं? आप इसे ब्लॉग पोस्ट, इंस्टाग्राम कैप्शन, व्हाट्सएप स्टेटस, फेसबुक पोस्ट या यूट्यूब वीडियो में इस्तेमाल कर सकते हैं। 5. क्या इस तरह का कंटेंट वायरल हो सकता है? हाँ, अगर कंटेंट relatable और दिल से जुड़ा हो, तो यह तेजी से वायरल...
धीरे-धीरे दूर जाने लगे हो 💔 | Sad Love Shayari in Hindi
- Get link
- X
- Other Apps
तू बेवफ़ा निकली तो क्या, हम नगमे वफ़ा का गाते रहेंगे। गम चाहे जितना भी हो तेरे बिछड़ जाने का, अंदर छुपा के मुश्कराते रहेंगे।। धिरे-धीरे दूर जाने लगे हो, किसी के करीब आये हो क्या? पहले तो बेख्याली में भी ख्याल रखते थे, अब रक़ीब निये बनाये हो क्या? ~नवीन ज्योति✒️✒️ वो भी रोइ होगी घूँघट की औड़ से,लोग समझते होंगे बाबुल से बिछड़ने का गम है। ऐ मेरे रब आकर केह क्यों नहीं दिए तभी जमाने से उसके रोने की वजह हम है।। Read more post Bahut hashin hai gav- बहुत हसीन है मेरा गांव Dil bekarar sahi udas nhi- दिल बेकरार सही उदास नहीं Bas baith jau aur tera mera hath ho- बस बैठ जाऊ और तेरा मेरा हाथ हो Yaade sameta kro, baate rhne diya karo-यादे समेटा करो बाते रहने दिया करो Jangle ka sukha darkat-जंगल का सूखा दरखत Kaas ki shimat jaati duriya-काश की सिमट जाती दूरिया E-rab kuchh aisa-ऐ रब कुछ ऐसा Meri maa- मेरी माँ
Popular posts
नाली और आसपास का कचरा साफ करने से ही विकास पूरा नहीं होता। हमें अच्छी शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और रोजगार भी चाहिए। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? | Successmee2
साफ़-सफ़ाई किसी भी शहर और गाँव के लिए ज़रूरी है। स्वच्छ सड़कें, साफ़ नालियाँ और कचरा प्रबंधन नागरिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। लेकिन क्या केवल यही विकास की पहचान है? आज भी देश के कई हिस्सों में लोग अच्छे सरकारी स्कूल, पर्याप्त शिक्षक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर अस्पताल, समय पर इलाज, आवश्यक दवाइयाँ और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। जब युवाओं को रोजगार नहीं मिलता, बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिलती और मरीजों को इलाज के लिए दूर-दूर भटकना पड़ता है, तब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इन मूलभूत सुविधाओं की जिम्मेदारी किसकी है। भारत के संविधान और प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सेवाओं की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अलग-अलग स्तरों पर साझा होती है। स्थानीय निकायों की भी अपनी भूमिका होती है। नागरिकों को भी अपने जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही मांगने और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी आवाज़ उठाने का अधिकार है। विकास का अर्थ केवल साफ़ सड़कें और नालियाँ नहीं, बल्कि ऐसा समाज है जहाँ हर बच्चे को अच्छी शिक्षा, हर मरीज को बेहतर इलाज और हर युवा ...
कपड़ा धोने वाले बैट से सोते हुए पति की हत्या, बिस्तर पर मिली लाश;
पूरी खबर देश को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक महिला पर आरोप है कि उसने देर रात सो रहे अपने पति पर कपड़े धोने वाले बैट से हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर बताया जा रहा है कि पति की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद महिला अपने बच्चों को लेकर घर से चली गई, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि सुबह जब परिजनों और पड़ोसियों को काफी देर तक घर से कोई हलचल सुनाई नहीं दी, तो उन्होंने अंदर जाकर देखा। वहां बिस्तर पर पति का शव पड़ा मिला। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, साक्ष्य एकत्र किए गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद को संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन पुलिस का कहना है कि अभी जांच जारी है और सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने महिला की तलाश के लिए विशेष टीमो...
क्या इसी दिन के लिए जनता ने अपना वोट दिया था? 🇮🇳😢
जिन हाथों ने वोट देकर आपको सत्ता तक पहुँचाया, आज वही हाथ अपने बच्चों के लिए न्याय और जवाब मांग रहे हैं। जिन बच्चों को देश का भविष्य कहा जाता है, अगर वही अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर संघर्ष करते दिखाई दें, तो हर माँ-बाप का दिल दर्द से भर उठता है। साहब, ये दुश्मन नहीं... इसी देश के बच्चे हैं। इनकी आवाज़ सुनिए, इनकी बात समझिए। लोकतंत्र की ताकत संवाद में है, टकराव में नहीं। "सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ुए-क़ातिल में है।" यह पंक्ति केवल संघर्ष की नहीं, बल्कि अन्याय के सामने झुकने से इंकार करने के साहस की प्रतीक है। याद रखिए, कुर्सियाँ जनता के भरोसे से मिलती हैं और लोकतंत्र जनता की आवाज़ से चलता है। सवालों का जवाब संवाद से दिया जाता है, क्योंकि किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी जागरूक जनता होती है। जनता की आवाज़ को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता। अंतिम फैसला जनता ही अपने वोट से करती है। 🇮🇳
Budhar Development News: वार्ड 14-15 में Road Construction पूरा, Ward 2 में विकास कार्य जारी
बुढ़ार: नगर परिषद बुढ़ार नगर के विकास को नई गति देने में लगातार जुटी हुई है। नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं। नगर परिषद के अनुसार वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 में सड़क निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा अमरकंटक मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत भी कर दी गई है, जिससे आम लोगों के लिए आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हो गया है। वहीं वार्ड क्रमांक 2 में सड़क निर्माण कार्य तेजी से जारी है। नगर परिषद का उद्देश्य है कि शहर के प्रत्येक वार्ड में बेहतर सड़क, स्वच्छ वातावरण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि नागरिकों को बेहतर जीवन सुविधाएं मिल सकें। नगर परिषद ने कहा कि बुढ़ार के समग्र विकास के लिए जनसहयोग और नागरिकों के सुझाव महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन का संकल्प है कि विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ाते हुए बुढ़ार को एक स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक नगर बनाया जाए। जनसुविधा हमारी प्राथमिकता, विकास हमारा संकल्प। #Budhar #Successmee2
क्या देश में ऐसी स्थिति आनी चाहिए कि बच्चों पर लाठीचार्ज हो?
जब भी किसी प्रदर्शन में छात्रों या युवाओं पर बल प्रयोग की खबरें सामने आती हैं, तो पूरा देश भावुक हो जाता है। हर नागरिक के मन में एक ही सवाल उठता है—क्या लोकतंत्र में संवाद की जगह लाठीचार्ज होना चाहिए? भारत का भविष्य उसके युवा और छात्र हैं। उनकी आवाज़ को सुनना, उनकी समस्याओं का समाधान करना और शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहचान है। यदि किसी मुद्दे पर मतभेद हैं, तो उनका समाधान कानून, संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए। भारतीय सेना देश की सीमाओं की रक्षा के लिए समर्पित है। वहीं आंतरिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से पुलिस और अन्य नागरिक सुरक्षा एजेंसियों की होती है। इसलिए सेना के नाम पर कोई भी अपुष्ट बयान फैलाना उचित नहीं है। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमें यह अपेक्षा करनी चाहिए कि देश में ऐसा वातावरण बने, जहाँ बच्चों, छात्रों और युवाओं की बात सुनी जाए, और किसी भी पक्ष को हिंसा या बल प्रयोग का सामना न करना पड़े। लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत संवाद, संवेदनशीलता और न्याय है। यदि हम इन मूल्यों को मजबूत करेंगे, तो देश भी...
राहुल गांधी हिरासत में: दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लिया डिटेंशन में
नई दिल्ली: विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मंगलवार को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत (डिटेंशन) में लिया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें रोककर अपने साथ ले गई। राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार की आलोचना की और सरकार से जवाबदेही की मांग की। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा कारणों से यह कार्रवाई की गई। घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक बताया। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति वाले प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए गए। फिलहाल राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। मामले पर आगे की जानकारी का इंतजार है। मुख्य बातें: - राहुल गांधी को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। - दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला दिया। - कांग्रेस ने कार्रवाई का विरोध किया। - मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने...
आज क्या हमारा देश फिर से गुलाम जैसा महसूस होने लगा है? हक मांगने पर लाठी, आँसू गैस और बंदूकें क्यों?
"साहब, ये आतंकवादी नहीं... आपके ही देश के बच्चे हैं, जिनकी माँओं ने अपने वोट से आपको सत्ता तक पहुँचाया है।" 😭🇮🇳 जब लोकतंत्र में अपने अधिकारों की मांग करने वाले छात्र और नागरिक सड़कों पर उतरते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि उनकी बात सुनी जाएगी या उन पर बल प्रयोग होगा। हर नागरिक को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है। यदि कहीं प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, आँसू गैस या अन्य बल प्रयोग होता है, तो स्वाभाविक है कि लोगों के मन में कई सवाल उठते हैं। लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि सरकार और जनता के बीच संवाद बना रहे। आज कई लोगों के मन में यह पीड़ा है कि जिन बच्चों के भविष्य के लिए उनके माता-पिता ने वोट दिया, वही बच्चे अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील नागरिक को दुखी कर सकता है। देश को मजबूत बनाने का रास्ता डर या हिंसा नहीं, बल्कि संवाद, न्याय और संविधान से होकर जाता है। जनता सवाल पूछेगी, सरकार जवाब देगी और अंततः लोकतंत्र में फैसला जनता अपने वोट से करेगी। लोकतंत्र की ताकत जनता है। जनता की आवाज़ सुनी जानी चाहिए, क्योंकि यही सं...
कोतमा में युवाओं के रोजगार को लेकर सुनील सराफ का बड़ा आंदोलन, SECL और नीलकंठ कोल कंपनी के खिलाफ सौंपा ज्ञापन | Kotma News
कोतमा। कोतमा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम निमहा, मझौली और आसपास के गांवों के युवाओं के रोजगार और स्थानीय अधिकारों को लेकर पूर्व विधायक सुनील सराफ ने एस.ई.सी.एल. (SECL) और नीलकंठ कोल कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन करते हुए उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कंपनियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। पूर्व विधायक सुनील सराफ का आरोप है कि कंपनियों ने स्थानीय लोगों की जमीनों का अधिग्रहण तो कर लिया, लेकिन रोजगार देने के मामले में क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि नियमानुसार स्थानीय युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार मिलना चाहिए, लेकिन इसके विपरीत बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय युवाओं को उनका अधिकार नहीं मिला और रोजगार में प्राथमिकता सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा शामिल रहे, जिन्होंने स्थानीय रोजगार और न्याय की मांग उठाई। अब इस पूरे मामले पर प्रशासन और संबंधित कंपनियों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर क्षेत्...
15 अगस्त केवल हाथ में तिरंगा लेकर फोटो खिंचवाने का दिन नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प लेने का दिन है। | Successmee2
परिचय 15 अगस्त भारत का स्वतंत्रता दिवस है। यह उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने का दिन है जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए संघर्ष किया। यह दिन केवल झंडा फहराने या फोटो खिंचवाने का अवसर नहीं, बल्कि यह सोचने का भी दिन है कि हम अपने समाज और देश के लिए क्या कर रहे हैं। अगर कोई नेता आपके स्कूल आए, तो सम्मानपूर्वक सवाल पूछिए लोकतंत्र में नागरिकों को अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछने का अधिकार है। यदि कोई जनप्रतिनिधि आपके विद्यालय में आए, तो विनम्रता से ऐसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं: क्या आपने हमारे स्कूल की स्थिति देखने और उसे बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए हैं? क्या हमारे विद्यालय में नए भवन, कक्षाएँ, पुस्तकालय, प्रयोगशाला या खेल सुविधाओं के लिए कोई काम हुआ है? क्या पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं और बच्चों की पढ़ाई बेहतर बनाने के लिए क्या प्रयास किए गए हैं? शिक्षा पर सवाल पूछना आपका अधिकार है यदि कोई आपको तिरंगा देकर देशभक्ति का संदेश दे, तो सम्मानपूर्वक यह भी पूछ सकते हैं: हमारी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आपने क्या किया है? स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए क्या कदम...
100% स्कॉलरशिप के साथ उच्च शिक्षा का सुनहरा अवसर, 31 जुलाई तक करें रजिस्ट्रेशन
शहडोल। यदि आप 10वीं, 12वीं या स्नातक के बाद इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, नर्सिंग, फार्मेसी या अन्य प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेना चाहते हैं, तो आपके लिए एक सुनहरा अवसर है। विद्या संजीवनी एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा विद्यार्थियों के लिए 100 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप एवं करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। संस्था के अनुसार योग्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, पॉलिटेक्निक, बी.फार्मा, डी.फार्मा, बीएससी नर्सिंग, जीएनएम, एएनएम, डीएमएलटी, एमबीए, बीबीए, बीसीए, एमसीए, एलएलबी सहित कई तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है। संस्था की ओर से 26 जुलाई 2026 (रविवार) को मेगा करियर काउंसलिंग कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ छात्रों को उनकी योग्यता और रुचि के अनुसार सही कोर्स एवं कॉलेज चुनने के संबंध में मार्गदर्शन देंगे। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक विद्यार्थी समय रहते अपना पंजीयन कराकर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। अधिक जा...