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Showing posts from August, 2021

Zism mera isi mitti ka talav-gaar hai-जिस्म मेरा इसी धरती का तलबगार है

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 जिस्म मेरा इसी धरती का तलबगार है, लहू मे मेरे इसी मिट्टी का इश्क़ आबाद है!    उत्तर से दक्षिण तक पूर्ब से पश्चिम तक,    हर शहर हर गाँव सबका यही खाब है! दिल-ओ जहन मे तेरा प्यार बसाया है, ऐ वतन तेरे लिए सब कुछ कुर्बान है!   आबा-ओ-अजदाद इसी मिट्टी मे दफ़न है मेरे,   भारत की सर्जमी से मुक़म्मल मेरा ईमान है! कुदरत की गोद मे पला बढ़ा इरफ़ान ❤ खेतो खलयानो से जुडा हर जज्बात है!

Wo daur tha bachpan ka-वो दौर था बचपन का

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दौर था बचपन का | Emotional Shayari 2026 – Introduction सामान्य जानकारी 👉ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत और बेफिक्र हिस्सा अगर कोई होता है, तो वो है बचपन। वो दौर था बचपन का—जब ना किसी बात की टेंशन थी, ना किसी चीज़ की चिंता। इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं Emotional Shayari 2026, जो आपको आपके पुराने सुनहरे दिनों की याद दिला देगी। बचपन की वो मासूमियत, वो छोटी-छोटी खुशियाँ, और बिना किसी वजह के हँसना—सब कुछ आज भी दिल के किसी कोने में जिंदा है। वो दौर था बचपन का जब दोस्त ही दुनिया थे और खेल ही जिंदगी का सबसे बड़ा काम था। ऐसी ही Emotional Shayari 2026 आपको उन पलों में वापस ले जाएगी, जहाँ हर दिन एक नई खुशी लेकर आता था। आज जब हम बड़े हो गए हैं, तो जिम्मेदारियों ने हमें घेर लिया है, लेकिन दिल आज भी उन दिनों को याद करता है। वो दौर था बचपन का—यह सिर्फ एक याद नहीं, बल्कि एक एहसास है जो कभी पुराना नहीं होता। ऐसी Emotional Shayari 2026 हमें सिखाती है कि असली खुशी छोटी-छोटी चीज़ों में छुपी होती है। अगर आप भी अपने बचपन की यादों को फिर से जीना चाहते हैं, तो ये Emotional Shayari 2026 आपके लिए एक खूबसूरत सफ...

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