मुशाफिर हूँ यारो musafir hoo successmee2
तुझे से दूर क्या बताऊ मै कैसे हूं तेरे शहर से लौटा एक-बे-आजम मुसाफिर हूं काश तू बन जा मेहमा इक दिन मेरे घर मे दिल को संभाले दर पे आँखे बिछाए हुए हूं Irfan अगर तू नहीं आ सकता मेरे घर को अपनी खुसबूए भेज मेरे इंतजार मे सरेराह हूं महजबी न कोई हुस्न -ए -अय्याम -ए -दर्द टॉल्युन तेरे इश्क़ का जब जब मे पैरहन ओढ़ लेता हु इज्तिरान -ए-मुजरिश मुसलसल इरफ़ान इक बार तो ये दिल थामे कह दे मै तेरा हूं ~इरफ़ान ❤ इसे पढ़ सकते है बहुत ही लाज़बाब सायरी है 👉 मेरी मोहब्बत बहुत हसीन है