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छिंदवाड़ा जिला कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष श्री धीरज सूर्यवंशी के साथ फोन पर अभद्रता करना, उनके घर पहुँचकर उनके बुजुर्ग माता-पिता के साथ बदसलूकी करना और उन्हें भयभीत करने का प्रयास अत्यंत निंदनीय, कायरतापूर्ण और लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
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जनता की समस्याओं को उजागर करना, जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से जवाब मांगना कोई अपराध नहीं है लेकिन भाजपा के नेता जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को डराने-धमकाने का रास्ता अपना रहे हैं। यह उनकी बौखलाहट, सत्ता के अहंकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी सोच को उजागर करता है।
मैं इन असामाजिक तत्वों को स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूँ कि कांग्रेस का एक भी कार्यकर्ता अकेला नहीं है। प्रत्येक कार्यकर्ता के साथ मैं स्वयं पूरी मजबूती से खड़ा हूँ। हमारे किसी भी कार्यकर्ता पर होने वाले अन्याय, उत्पीड़न या अत्याचार को कांग्रेस कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। धमकियों और दबाव की राजनीति से न हम डरेंगे, न झुकेंगे और न ही पीछे हटेंगे।
कांग्रेस का संघर्ष अन्याय, दमन और अहंकार के विरुद्ध पहले भी था, आज भी है और आगे भी पूरी मजबूती से जारी रहेगा।
मैं पुलिस प्रशासन से मांग करता हूँ कि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें यथा शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।
Kamal Nath Nakul Kamal Nath
Indian National Congress - Madhya Pradesh
@Dheeraj s suryawanshi
जनता की समस्याओं को उजागर करना, जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से जवाब मांगना कोई अपराध नहीं है लेकिन भाजपा के नेता जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को डराने-धमकाने का रास्ता अपना रहे हैं। यह उनकी बौखलाहट, सत्ता के अहंकार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी सोच को उजागर करता है।
मैं इन असामाजिक तत्वों को स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूँ कि कांग्रेस का एक भी कार्यकर्ता अकेला नहीं है। प्रत्येक कार्यकर्ता के साथ मैं स्वयं पूरी मजबूती से खड़ा हूँ। हमारे किसी भी कार्यकर्ता पर होने वाले अन्याय, उत्पीड़न या अत्याचार को कांग्रेस कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। धमकियों और दबाव की राजनीति से न हम डरेंगे, न झुकेंगे और न ही पीछे हटेंगे।
कांग्रेस का संघर्ष अन्याय, दमन और अहंकार के विरुद्ध पहले भी था, आज भी है और आगे भी पूरी मजबूती से जारी रहेगा।
मैं पुलिस प्रशासन से मांग करता हूँ कि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें यथा शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।
Kamal Nath Nakul Kamal Nath
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100% स्कॉलरशिप के साथ उच्च शिक्षा का सुनहरा अवसर, 31 जुलाई तक करें रजिस्ट्रेशन
शहडोल। यदि आप 10वीं, 12वीं या स्नातक के बाद इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, नर्सिंग, फार्मेसी या अन्य प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेना चाहते हैं, तो आपके लिए एक सुनहरा अवसर है। विद्या संजीवनी एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा विद्यार्थियों के लिए 100 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप एवं करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। संस्था के अनुसार योग्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत इंजीनियरिंग, पैरामेडिकल, पॉलिटेक्निक, बी.फार्मा, डी.फार्मा, बीएससी नर्सिंग, जीएनएम, एएनएम, डीएमएलटी, एमबीए, बीबीए, बीसीए, एमसीए, एलएलबी सहित कई तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है। संस्था की ओर से 26 जुलाई 2026 (रविवार) को मेगा करियर काउंसलिंग कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ छात्रों को उनकी योग्यता और रुचि के अनुसार सही कोर्स एवं कॉलेज चुनने के संबंध में मार्गदर्शन देंगे। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक विद्यार्थी समय रहते अपना पंजीयन कराकर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। अधिक जा...
रुखसाना कौसर की बहादुरी की कहानी | Rukhsana Kausar Brave Story:
आतंकियों से भिड़कर बचाया परिवार Rukhsana Kausar Story in Hindi | Kashmir Brave Girl | Kirti Chakra Winner कुछ कहानियाँ केवल इतिहास का हिस्सा नहीं बनतीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस और आत्मविश्वास की मिसाल बन जाती हैं। जम्मू-कश्मीर की बहादुर बेटी रुखसाना कौसर की कहानी भी ऐसी ही है, जिसने यह साबित कर दिया कि हिम्मत और जज़्बे के आगे आतंक भी टिक नहीं सकता। साधारण किसान की बेटी, लेकिन हौसला असाधारण रुखसाना कौसर जम्मू-कश्मीर के एक साधारण किसान परिवार से थीं। आर्थिक परिस्थितियों के कारण उन्होंने दसवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। सामान्य जीवन जी रही इस युवती ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि एक रात उसकी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल जाएगी। जब घर में घुस आए हथियारबंद आतंकी सितंबर 2009 की एक रात, पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के हथियारबंद आतंकवादी उनके घर में घुस आए। परिवार के अनुसार, आतंकियों ने घरवालों के साथ मारपीट शुरू कर दी और पूरे परिवार पर हमला किया। घर में चीख-पुकार मची हुई थी। रुखसाना सब कुछ देख रही थीं। लेकिन डरकर हार मानने के बजाय उन्होंने वह फैसला लिया, जिसने इतिहास र...
Budhar Development News: वार्ड 14-15 में Road Construction पूरा, Ward 2 में विकास कार्य जारी
बुढ़ार: नगर परिषद बुढ़ार नगर के विकास को नई गति देने में लगातार जुटी हुई है। नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं। नगर परिषद के अनुसार वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 में सड़क निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा अमरकंटक मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत भी कर दी गई है, जिससे आम लोगों के लिए आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हो गया है। वहीं वार्ड क्रमांक 2 में सड़क निर्माण कार्य तेजी से जारी है। नगर परिषद का उद्देश्य है कि शहर के प्रत्येक वार्ड में बेहतर सड़क, स्वच्छ वातावरण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि नागरिकों को बेहतर जीवन सुविधाएं मिल सकें। नगर परिषद ने कहा कि बुढ़ार के समग्र विकास के लिए जनसहयोग और नागरिकों के सुझाव महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन का संकल्प है कि विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ाते हुए बुढ़ार को एक स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक नगर बनाया जाए। जनसुविधा हमारी प्राथमिकता, विकास हमारा संकल्प। #Budhar #Successmee2
कोतमा में युवाओं के रोजगार को लेकर सुनील सराफ का बड़ा आंदोलन, SECL और नीलकंठ कोल कंपनी के खिलाफ सौंपा ज्ञापन | Kotma News
कोतमा। कोतमा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम निमहा, मझौली और आसपास के गांवों के युवाओं के रोजगार और स्थानीय अधिकारों को लेकर पूर्व विधायक सुनील सराफ ने एस.ई.सी.एल. (SECL) और नीलकंठ कोल कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन करते हुए उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कंपनियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। पूर्व विधायक सुनील सराफ का आरोप है कि कंपनियों ने स्थानीय लोगों की जमीनों का अधिग्रहण तो कर लिया, लेकिन रोजगार देने के मामले में क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि नियमानुसार स्थानीय युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार मिलना चाहिए, लेकिन इसके विपरीत बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय युवाओं को उनका अधिकार नहीं मिला और रोजगार में प्राथमिकता सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा शामिल रहे, जिन्होंने स्थानीय रोजगार और न्याय की मांग उठाई। अब इस पूरे मामले पर प्रशासन और संबंधित कंपनियों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर क्षेत्...
शहडोल में प्रसूता की मौत पर उठे सवाल, 108 एंबुलेंस की देरी के आरोप; प्रशासनिक जांच जारी
शहडोल में प्रसूता की मौत पर उठे सवाल, 108 एंबुलेंस की देरी के आरोप; प्रशासनिक जांच जारी शहडोल: जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला के लिए 108 एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। मजबूरी में परिजन महिला को ऑटो से अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उसने एक बच्ची को जन्म दे दिया। परिजनों के अनुसार, किसी तरह महिला और नवजात को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में गहरा शोक और स्थानीय लोगों में आक्रोश का माहौल है। परिजनों का आरोप है कि यदि एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल नवजात बच्ची का अस्पताल में उपचार जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। महत्वपूर्ण नोट: एंबुलेंस की देरी और लापरवाही से जुड़े आरोप फिलहाल परिजनों के आरोप हैं । इनकी आधिकारिक पुष्टि अभी ...
जनता की निगाहें अब कलेक्टर कार्यालय, शहडोल पर टिकी हैं।
शहडोल में ओबीसी समाज के मामले पर बढ़ी निगाहें, अब प्रशासन के फैसले का इंतजार शहडोल (मध्य प्रदेश): ओबीसी समाज से जुड़े एक कथित विवाद को लेकर शहडोल में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनके साथ अन्याय हुआ है और इस संबंध में प्रशासन के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। मामले को लेकर यह उम्मीद जताई जा रही है कि नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा के भीतर जांच प्रक्रिया पूरी कर उचित निर्णय लिया जाएगा। समाज के लोगों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, सभी संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिले और तथ्यों के आधार पर कानून के अनुसार निर्णय लिया जाए। वहीं, प्रशासन की ओर से अब तक अंतिम निर्णय जारी नहीं किया गया है। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मुद्दे पर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों की नजरें प्रशासन के फैसले पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में ज...
Vehicles to Run on Biogas | अहमदाबाद में गोबर गैस से दौड़ रही हैं गाड़ियां, पेट्रोल से ₹20 सस्ता ईंधन
अहमदाबाद: भारत में स्वच्छ और सस्ते ईंधन की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। अब तक केवल खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला गोबर गैस (बायोगैस) अब वाहनों का ईंधन भी बन रहा है। गुजरात के बनासकांठा जिले में मारुति सुजुकी और बनास डेयरी ने मिलकर इस अनोखे प्रयोग को सफल बनाया है। इस बायो-सीएनजी (Bio-CNG) पंप पर प्रतिदिन 600 से 700 वाहन ईंधन भर रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि यह ईंधन पारंपरिक ईंधनों की तुलना में किफायती है और इसकी कीमत ₹80 प्रति किलोग्राम है, जो पेट्रोल की तुलना में लगभग ₹20 सस्ता पड़ता है। कैसे बनता है बायो-सीएनजी? रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना के लिए आसपास के 16 गांवों से हर दिन करीब 88 टन गोबर एकत्र किया जाता है। किसानों को इसके बदले ₹1 प्रति किलोग्राम का भुगतान किया जाता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिला है। किसानों और पर्यावरण दोनों को फायदा इस परियोजना में बनास डेयरी ने किसानों का नेटवर्क और गोबर उपलब्ध कराया, जबकि मारुति सुजुकी ने तकनीक और निवेश उपलब्ध कराया। बायोगैस बनाने के बाद बचा हुआ अवशेष दोबारा किसानों को जैविक खाद के रूप में दिया जाता है। इससे कचरे क...
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, देश की जनता आपसे कुछ सवाल पूछ रही है।
कब तक देश का युवा पेपर लीक, बेरोज़गारी और अनिश्चित भविष्य से जूझता रहेगा? कब तक मेहनत करने वाले छात्रों के सपने भ्रष्ट व्यवस्था की भेंट चढ़ते रहेंगे? कब तक किसान अपनी फसल का उचित दाम और अपनी ज़मीन बचाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे? कब तक आदिवासी समुदाय अपने जल, जंगल और ज़मीन के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाता रहेगा? कब तक विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई होती रहेगी और पर्यावरण पर बढ़ते संकट की चिंता बनी रहेगी? कब तक आम नागरिक महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर जवाब का इंतजार करेगा? देश की जनता चाहती है कि हर नागरिक को समान अवसर मिले, कानून सब पर समान रूप से लागू हो और शासन पूरी पारदर्शिता के साथ चले। यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के भविष्य का सवाल है। लोकतंत्र में जनता सवाल पूछती है और सरकार से जवाब, समाधान तथा जवाबदेही की अपेक्षा रखती है। देश आगे तभी बढ़ेगा, जब विकास के साथ न्याय, पारदर्शिता और समान अवसर भी सुनिश्चित होंगे। जनता के सवालों का जवाब मिलना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता की आवाज़ है। #NarendraModi #PMModi #India #लोकतं...
20 दिन से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, जंतर-मंतर से हटाए गए प्रदर्शनकारी
नई दिल्ली: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को 20 दिनों तक लगातार अनशन करने के बाद शनिवार को दिल्ली पुलिस अस्पताल लेकर गई। बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी, जिसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर यह कदम उठाया गया। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर चल रहे धरना स्थल को भी खाली कराया और वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों को हटाया। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई स्वास्थ्य सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई। आंदोलन क्यों हो रहा है? सोनम वांगचुक लद्दाख से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर अनशन पर बैठे थे। उनकी प्रमुख मांगों में लद्दाख के पर्यावरण की सुरक्षा, स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा और संवैधानिक गारंटी शामिल हैं। उनके समर्थन में देश के कई हिस्सों से लोग जंतर-मंतर पहुंचे थे। पुलिस का पक्ष दिल्ली पुलिस का कहना है कि अनशन के चलते सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति लगातार खराब हो रही थी। डॉक्टरों की सलाह और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। साथ ही जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को भी वहां से हटाया गया। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इ...
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