Latest news
Lieutenant Abhida Barretto Success Story: Goa की NEET Topper ने AIIMS-JIPMER छोड़ चुनी Indian Army
- Get link
- X
- Other Apps
देशभर में मेडिकल छात्रों के लिए प्रेरणा बनीं लेफ्टिनेंट अभिदा बैरेटो (Abhida Barretto) ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसने लाखों युवाओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। गोवा की NEET 2021 टॉपर होने के बावजूद उन्होंने AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में प्रवेश लेने के बजाय Armed Forces Medical College (AFMC), पुणे को चुना, ताकि डॉक्टर बनने के साथ-साथ देश की सेवा भी कर सकें।
गोवा के कनाकोना की रहने वाली अभिदा बैरेटो ने AFMC से MBBS की पढ़ाई पूरी की और अब भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट एवं मेडिकल ऑफिसर के रूप में कमीशन प्राप्त किया है। पढ़ाई के दौरान उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए Maj Gen N. D. P. Karani Trophy हासिल की और अपनी बैच की दूसरी सर्वश्रेष्ठ छात्रा रहीं। साथ ही उन्होंने एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, पीडियाट्रिक्स और फार्माकोलॉजी जैसे विषयों में गोल्ड मेडल भी जीते।
अभिदा का सपना बचपन से ही सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करना था। यही कारण था कि उन्होंने केवल प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज चुनने के बजाय ऐसा संस्थान चुना, जहां चिकित्सा और राष्ट्रसेवा दोनों का अवसर मिले। अब वह जम्मू में अपनी मेडिकल इंटर्नशिप पूरी करते हुए भारतीय सेना में अपनी सेवाएं देंगी।
अभिदा बैरेटो की कहानी यह साबित करती है कि सफलता केवल बड़े संस्थान में पढ़ने से नहीं, बल्कि अपने लक्ष्य और सेवा की भावना से तय होती है। उनका सफर आज देश के लाखों युवाओं, खासकर NEET अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन गया है।
Keywords: Abhida Barretto, Lieutenant Abhida Barretto, Goa NEET Topper, AFMC Pune, Indian Army Medical Officer, AIIMS, JIPMER, Success Story, NEET 2021.
#AbhidaBarretto #IndianArmy #AFMC #NEETTopper #AIIMS #JIPMER #SuccessStory #Successmee2
- Get link
- X
- Other Apps
Popular posts
घर में नीम का पेड़ लगाना चाहिए या नहीं? जानिए 10 फायदे और सही दिशा (2026)
नीम भारतीय मूल का एक पर्ण- पाती वृक्ष है। यह सदियों से समीपवर्ती देशों- पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, म्यानमार, थाईलैंड, इंडोनेशिया, श्रीलंका आदि देशों में पाया जाता रहा है। 🌿 नीम का पेड़ – एक परिचय नीम का पेड़, जिसे वैज्ञानिक भाषा में Azadirachta indica कहते हैं, भारत और दक्षिण एशिया का एक जादुई औषधीय पेड़ है। इसे लोग “घर का डॉक्टर” या “जंगल का हर्बल खजाना” भी कहते हैं। नीम सिर्फ पेड़ नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सुंदरता और घरेलू उपयोग का खजाना है। नीम क्यों खास है? इसके पत्ते, बीज, छाल, फूल और तेल – हर हिस्सा अद्भुत गुणों से भरा हुआ है। यह रोगों से लड़ने, कीट और मच्छर भगाने, और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। नीम का स्वाद थोड़ा कड़वा जरूर है, लेकिन इसके फायदे कहानी की तरह गहरे हैं। 1️⃣ स्वास्थ्य में नीम के चमत्कार त्वचा के लिए वरदान: मुहांसे, दाने, खुजली, फोड़े – नीम की पत्तियों का फेस पैक इन्हें दूर करता है। बालों के लिए ताजगी: डैंड्रफ, बाल झड़ना, रूखे बाल – नीम तेल और पाउडर इसे रोकते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए: नीम का नियमित सेवन शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। रक्...
NEET पर Veerapandian का बड़ा बयान: Medical Education में Fear और Anxiety का माहौल बना रहा है NEET
नई दिल्ली: मेडिकल शिक्षा में NEET परीक्षा को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता और सार्वजनिक मामलों के वक्ता Veerapandian ने कहा है कि NEET मेडिकल शिक्षा में डर (Fear) और चिंता (Anxiety) का माहौल पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा में प्रवेश के लिए केवल एक परीक्षा पर अत्यधिक निर्भरता छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ाती है। उनके अनुसार, कई छात्र लगातार तनाव और असफलता के डर में रहते हैं, जिसका असर उनकी पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। Veerapandian ने सुझाव दिया कि मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया को अधिक समावेशी और छात्र-अनुकूल बनाया जाना चाहिए, ताकि विभिन्न पृष्ठभूमि के छात्रों को समान अवसर मिल सके। उनका मानना है कि शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ाना नहीं, बल्कि योग्य छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर देना भी होना चाहिए। हालांकि, NEET के समर्थकों का कहना है कि यह परीक्षा पूरे देश में मेडिकल प्रवेश के लिए एक समान और पारदर्शी प्रणाली प्रदान करती है। उनका तर्क है कि एकीकृत परीक्षा से प्रवेश प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष होती है। फिलहाल NEET को लेकर विभिन्न पक्...
🔴 शहडोल में फिर सनसनीखेज वारदात
शहडोल जिले के अमलाई थाना क्षेत्र के रामपुर में सोमवार को दिनदहाड़े चिकन शॉप संचालक रज्जन कहार (32) की अज्ञात नकाबपोश बदमाश ने सीने में गोली मारकर हत्या कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी पल्सर बाइक से आया और पहले हवाई फायर किया। विरोध करने पर उसने रज्जन के सीने में गोली दाग दी और मौके से फरार हो गया। घायल रज्जन को तत्काल अनूपपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही अमलाई थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है तथा चश्मदीदों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या अन्य विवाद की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। इस घटना के बाद पूरे रामपुर क्षेत्र में दहशत का माहौल है। #Shahdol #Rampur #Amlai #BreakingNews #CrimeNews #MadhyaPradesh #PoliceInvestigation
शहडोल में बीजेपी ओबीसी मोर्चा की सूची पर बवाल, रात में बने जिला उपाध्यक्ष, सुबह सूची से नाम गायब, भाजपा नेता ने लगाए राजनीतिक दबाव के आरोप
शहडोल | SuccessMee2 News मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ओबीसी (पिछड़ा वर्ग) मोर्चा की नई जिला पदाधिकारी सूची जारी होने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जिला कार्यकारिणी की सूची जारी होने के कुछ ही घंटों बाद विवाद उस समय खड़ा हो गया, जब एक भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि रात में जारी सूची में उन्हें जिला उपाध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन सुबह जारी संशोधित सूची से उनका नाम हटा दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा संगठन और स्थानीय राजनीति में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कार्यकर्ताओं के बीच भी इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, भाजपा ओबीसी मोर्चा की जिला कार्यकारिणी की सूची देर रात जारी की गई थी। सूची में कई नए पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इनमें एक नेता का नाम जिला उपाध्यक्ष के पद पर शामिल था। हालांकि, अगले दिन सुबह जब नई या संशोधित सूची सामने आई तो संबंधित नेता का नाम उसमें नहीं था। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण उनका नाम सूची से हटाया ग...
MPPSC Success: उमरिया की बेटी Yashu Tiwari बनीं Mining Inspector, Chandia में हुआ Grand Welcome
उमरिया की बेटी यशु तिवारी बनीं MPPSC खनिज निरीक्षक, चंदिया में हुआ भव्य स्वागत उमरिया, मध्य प्रदेश: जिले के चंदिया नगर की रहने वाली 24 वर्षीय यशु तिवारी ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर खनिज निरीक्षक (Mining Inspector) का पद प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। अपने चयन के बाद जब यशु तिवारी पहली बार अपने गृह नगर चंदिया पहुंचीं, तो नगरवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, फूलों की वर्षा और लोगों के उत्साह ने इस पल को यादगार बना दिया। परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर शिक्षकों ने भी यशु तिवारी का शॉल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया। उन्होंने कहा कि यशु की सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। बेटी की इस उपलब्धि पर पिता सतीश कांत तिवारी और माता रंजना तिवारी भावुक नजर आए। उन्होंने अपनी बेटी की सफलता को वर्षों की मेहनत और परिवार के सहयोग का परिणाम बताया। यशु तिवार...
Successmee2 | Breaking News: महीनों से फरार रामपुर गोलीकांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का दावा, अमलाई पुलिस की कार्रवाई
Successmee2 | Breaking News: महीनों से फरार रामपुर गोलीकांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का दावा, अमलाई पुलिस की कार्रवाई अमलाई Breaking News: रामपुर गोलीकांड से जुड़े एक मामले में महीनों से फरार बताए जा रहे मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है। वायरल पोस्टर के अनुसार, अमलाई पुलिस ने लगातार तलाश और निगरानी के बाद आरोपी राजकुमार मिश्रा उर्फ लल्ला महाराज को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पोस्टर में बताया गया है कि आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी और जमीनी स्तर पर निगरानी के आधार पर उसकी तलाश जारी रखी। इसके बाद सटीक लोकेशन मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की। महत्वपूर्ण: इस खबर में आरोपी के संबंध में लगाए गए आरोपों को आरोप के रूप में ही लिखा गया है। किसी व्यक्ति का आरोपी होना अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के समान नहीं है। गिरफ्तारी और मामले की पूरी पुष्टि संबंधित पुलिस विभाग की आधिकारिक जानकारी से की जानी चाहिए। महीनों से फरार था आरोपी, गिरफ्तारी का दावा वायरल पोस्टर के मुताबिक, रामपुर गोलीकांड से जुड़े मामले में राजकुमार मिश्रा उ...
भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं का योगदान: 15 अगस्त की आजादी में वीरांगनाओं की भूमिका
भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं का योगदान: 15 अगस्त की आजादी में वीरांगनाओं की भूमिका भारत की आजादी की कहानी केवल पुरुष स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष की कहानी नहीं है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आंदोलनों में भाग लिया, जेल गईं, जनजागरण किया, भूमिगत गतिविधियों में सहयोग किया और कई महिलाओं ने अपने साहस से ब्रिटिश शासन को चुनौती दी। 15 अगस्त 1947 को मिली स्वतंत्रता के पीछे लाखों भारतीयों का योगदान था। इनमें देश की महिलाएं भी शामिल थीं। गांवों से लेकर शहरों तक महिलाओं ने स्वतंत्रता आंदोलन को जन-आंदोलन बनाने में अपनी भूमिका निभाई। कुछ महिलाएं राजनीतिक नेतृत्व में आगे आईं तो कुछ ने आंदोलनकारियों की सहायता की और कई ने ब्रिटिश सरकार की नीतियों का विरोध किया। इस लेख में हम जानेंगे कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं का क्या योगदान था, किन वीरांगनाओं ने आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 15 अगस्त के अवसर पर उनके योगदान को याद करना क्यों जरूरी है। स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण थी? भा...
Successmee2 | Breaking News: राजीव गांधी जयंती 2026 पर सद्भावना दिवस का आयोजन, कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं ग्रामवासियों ने किया स्मरण
Successmee2 | Breaking News: राजीव गांधी जयंती 2026 पर सद्भावना दिवस का आयोजन, कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं ग्रामवासियों ने किया स्मरण राजीव गांधी जयंती 2026: राष्ट्र निर्माण, पंचायती राज और सूचना क्रांति में महत्वपूर्ण योगदान के लिए याद किए जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी जी की जयंती के अवसर पर 20 अगस्त 2026 को शाम 6 बजे इंटेक कार्यालय में सद्भावना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और ग्रामवासियों ने राजीव गांधी जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया। कार्यक्रम में उनके राष्ट्र निर्माण, पंचायती राज व्यवस्था और सूचना क्रांति से जुड़े योगदान पर विचार व्यक्त किए गए। सद्भावना दिवस के रूप में मनाई गई जयंती राजीव गांधी जी की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके विचारों और आधुनिक भारत के निर्माण के उनके दृष्टिकोण को याद किया। कार्यक्रम में आपसी सद्भाव, एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं ग्रामवासियों ने कहा कि राजीव गांधी जी न...
Amlai to Shahdol Distance: अमलाई से शहडोल कितनी दूर है?
Amlai to Shahdol Distance: अमलाई से शहडोल कितनी दूर है? Amlai to Shahdol Distance जानना चाहते हैं? अगर आप अमलाई से शहडोल जाने की तैयारी कर रहे हैं तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी हो सकती है। अमलाई मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले का एक प्रमुख क्षेत्र है और शहडोल संभाग से भी इसका सीधा जुड़ाव है। Amlai to Shahdol Distance कितनी है? अमलाई से शहडोल की दूरी आपके शुरुआती स्थान और चुने गए रास्ते के अनुसार कुछ अलग हो सकती है। सड़क मार्ग से यात्रा करने पर दूरी लगभग 30 से 40 किलोमीटर के आसपास हो सकती है। सटीक दूरी जानने के लिए यात्रा शुरू करने से पहले Google Maps पर अपना वर्तमान स्थान डालकर रास्ता देखना बेहतर रहेगा। अमलाई से शहडोल जाने में कितना समय लगता है? अमलाई से शहडोल सड़क मार्ग से जाने में सामान्य परिस्थितियों में लगभग 45 मिनट से 1 घंटे या उससे अधिक समय लग सकता है। यात्रा का समय सड़क की स्थिति, ट्रैफिक, मौसम और वाहन की गति पर निर्भर करता है। अमलाई से शहडोल जाने का रास्ता अमलाई से शहडोल जाने के लिए सड़क मार्ग का इस्तेमाल किया जा सकता है। यात्रा शुरू करने से पहले Google Maps प...
अमलाई से शारदा OCM कितनी दूर है? जानें दूरी, लोकेशन और पहुंचने का रास्ता
अमलाई से शारदा OCM कितनी दूर है? जानें दूरी, लोकेशन और पहुंचने का रास्ता अमलाई (शहडोल): शारदा ओपन कास्ट माइंस (Sharda OCM) दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की एक महत्वपूर्ण कोयला खदान है। यह अमलाई क्षेत्र के पास स्थित है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं वाहन आते-जाते हैं। अमलाई से शारदा OCM की दूरी अमलाई रेलवे स्टेशन या मुख्य बाजार से शारदा OCM की सड़क मार्ग से दूरी लगभग 4 से 6 किलोमीटर है। यह दूरी आपके शुरुआती स्थान के अनुसार थोड़ी कम या ज्यादा हो सकती है। सामान्यतः यहां पहुंचने में लगभग 10 से 15 मिनट का समय लगता है। शारदा OCM कहां स्थित है? शारदा OCM मध्य प्रदेश के शहडोल क्षेत्र में स्थित SECL की ओपन कास्ट कोयला परियोजनाओं में से एक है। पर्यावरण स्वीकृति दस्तावेज़ों में इसका स्थान अमलाई तहसील के बाखो और बाखी गांवों के आसपास बताया गया है। कैसे पहुंचें? अमलाई रेलवे स्टेशन से ऑटो या निजी वाहन द्वारा। अमलाई मुख्य बाजार से सड़क मार्ग द्वारा। स्थानीय लोगों से शारदा OCM का रास्ता आसानी से पूछा जा सकता है। FAQ अमलाई से शारदा OCM कितनी दूर है...

Comments
Post a Comment
अपनी राय अवश्य साझा करें। कृपया सभ्य भाषा का प्रयोग करें। स्पैम या आपत्तिजनक टिप्पणियाँ प्रकाशित नहीं की जाएँगी। धन्यवाद!