उम्मीदें वहीं सबसे ज़्यादा टूटती हैं, जहाँ यक़ीन सबसे ज़्यादा होता है।" #successmee2
ज़िंदगी का सबसे कठिन सबक़ यही है कि हर वह शख़्स, जिसे हम अपनी दुनिया मान लेते हैं, ज़रूरी नहीं कि वह भी हमें उसी नज़र से देखे। कई बार हम रिश्तों में अपनी पूरी सच्चाई, अपना भरोसा और अपने सपने सौंप देते हैं, लेकिन बदले में सिर्फ़ ख़ामोशी मिलती है।
वक़्त सिखा देता है कि किसी इंसान को अपनी मंज़िल नहीं, बल्कि अपने सफ़र का एक हिस्सा बनाना चाहिए। क्योंकि लोग बदल जाते हैं, हालात बदल जाते हैं, लेकिन अगर आपका मक़सद सच्चा है, तो वह कभी आपका साथ नहीं छोड़ता।
इसलिए किसी के जाने से अपनी क़ीमत पर शक मत कीजिए। हो सकता है वह आपकी तक़दीर का हिस्सा ही न रहा हो। जो आपके लिए लिखा है, वह सही वक़्त पर, बिना किसी मजबूरी और बिना किसी शोर के आपकी ज़िंदगी में आएगा।
याद रखिए... "जो लोग सच में आपके होते हैं, उन्हें आपकी अहमियत बतानी नहीं पड़ती; वे आपकी ख़ामोशी भी सुन लेते हैं। और जो आपकी ख़ामोशी नहीं समझ सके, उन्हें आपकी बातें भी कभी समझ नहीं आएँगी।"
— मुस्ताक अंसारी
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