उम्मीदें वहीं सबसे ज़्यादा टूटती हैं, जहाँ यक़ीन सबसे ज़्यादा होता है।" #successmee2


ज़िंदगी का सबसे कठिन सबक़ यही है कि हर वह शख़्स, जिसे हम अपनी दुनिया मान लेते हैं, ज़रूरी नहीं कि वह भी हमें उसी नज़र से देखे। कई बार हम रिश्तों में अपनी पूरी सच्चाई, अपना भरोसा और अपने सपने सौंप देते हैं, लेकिन बदले में सिर्फ़ ख़ामोशी मिलती है।

वक़्त सिखा देता है कि किसी इंसान को अपनी मंज़िल नहीं, बल्कि अपने सफ़र का एक हिस्सा बनाना चाहिए। क्योंकि लोग बदल जाते हैं, हालात बदल जाते हैं, लेकिन अगर आपका मक़सद सच्चा है, तो वह कभी आपका साथ नहीं छोड़ता।

इसलिए किसी के जाने से अपनी क़ीमत पर शक मत कीजिए। हो सकता है वह आपकी तक़दीर का हिस्सा ही न रहा हो। जो आपके लिए लिखा है, वह सही वक़्त पर, बिना किसी मजबूरी और बिना किसी शोर के आपकी ज़िंदगी में आएगा।

याद रखिए... "जो लोग सच में आपके होते हैं, उन्हें आपकी अहमियत बतानी नहीं पड़ती; वे आपकी ख़ामोशी भी सुन लेते हैं। और जो आपकी ख़ामोशी नहीं समझ सके, उन्हें आपकी बातें भी कभी समझ नहीं आएँगी।"

— मुस्ताक अंसारी

Comments

Popular posts

Successmee2 | Breaking News: राजीव गांधी जयंती 2026 पर सद्भावना दिवस का आयोजन, कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं ग्रामवासियों ने किया स्मरण

घर में नीम का पेड़ लगाना चाहिए या नहीं? जानिए 10 फायदे और सही दिशा (2026)

शहडोल में बीजेपी ओबीसी मोर्चा की सूची पर बवाल, रात में बने जिला उपाध्यक्ष, सुबह सूची से नाम गायब, भाजपा नेता ने लगाए राजनीतिक दबाव के आरोप

🔴 शहडोल में फिर सनसनीखेज वारदात

Successmee2 | Breaking News: महीनों से फरार रामपुर गोलीकांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का दावा, अमलाई पुलिस की कार्रवाई

MPPSC Success: उमरिया की बेटी Yashu Tiwari बनीं Mining Inspector, Chandia में हुआ Grand Welcome

Successmee2 breaking news बुढ़ार की सड़कों की दुर्दशा का जिम्मेदार कौन? जनता कब तक झेलेगी गड्ढों की परेशानी

अमलाई से शारदा OCM कितनी दूर है? जानें दूरी, लोकेशन और पहुंचने का रास्ता

15 अगस्त 2026: भारत की आजादी में भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और सुभाष चंद्र बोस का योगदान

15 अगस्त 2026: भारत का स्वतंत्रता आंदोलन कैसे शुरू हुआ? 1857 से 1947 तक की पूरी कहानी