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इक अजीब सी हवा चली इस ज़माने की -eek aajib si hwa chli fiza me es jamane ki
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इक अजीब सी हवा चली है, इस फ़िज़ा मे,
जिसे भी पढ़ता हूं,र्दे-ए-दिल लिखता है
चाय की बात, बात ही रह गई
वो रात, रात ही रह गई
मन उनका और तलब मेरी
खैर वो पल, याद ही रह गई
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Bahut hashin hai gav- बहुत हसीन है मेरा गांव
Dil bekarar sahi udas nhi- दिल बेकरार सही उदास नहीं
Bas baith jau aur tera mera hath ho- बस बैठ जाऊ और तेरा मेरा हाथ हो
Yaade sameta kro, baate rhne diya karo-यादे समेटा करो बाते रहने दिया करो
Jangle ka sukha darkat-जंगल का सूखा दरखत
Kaas ki shimat jaati duriya-काश की सिमट जाती दूरिया
धन्यवाद दोस्तों
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Successmee2 | Breaking News: राजीव गांधी जयंती 2026 पर सद्भावना दिवस का आयोजन, कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं ग्रामवासियों ने किया स्मरण
Successmee2 | Breaking News: राजीव गांधी जयंती 2026 पर सद्भावना दिवस का आयोजन, कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं ग्रामवासियों ने किया स्मरण राजीव गांधी जयंती 2026: राष्ट्र निर्माण, पंचायती राज और सूचना क्रांति में महत्वपूर्ण योगदान के लिए याद किए जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी जी की जयंती के अवसर पर 20 अगस्त 2026 को शाम 6 बजे इंटेक कार्यालय में सद्भावना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और ग्रामवासियों ने राजीव गांधी जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया। कार्यक्रम में उनके राष्ट्र निर्माण, पंचायती राज व्यवस्था और सूचना क्रांति से जुड़े योगदान पर विचार व्यक्त किए गए। सद्भावना दिवस के रूप में मनाई गई जयंती राजीव गांधी जी की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके विचारों और आधुनिक भारत के निर्माण के उनके दृष्टिकोण को याद किया। कार्यक्रम में आपसी सद्भाव, एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं ग्रामवासियों ने कहा कि राजीव गांधी जी न...
शहडोल में बीजेपी ओबीसी मोर्चा की सूची पर बवाल, रात में बने जिला उपाध्यक्ष, सुबह सूची से नाम गायब, भाजपा नेता ने लगाए राजनीतिक दबाव के आरोप
शहडोल | SuccessMee2 News मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ओबीसी (पिछड़ा वर्ग) मोर्चा की नई जिला पदाधिकारी सूची जारी होने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जिला कार्यकारिणी की सूची जारी होने के कुछ ही घंटों बाद विवाद उस समय खड़ा हो गया, जब एक भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि रात में जारी सूची में उन्हें जिला उपाध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन सुबह जारी संशोधित सूची से उनका नाम हटा दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा संगठन और स्थानीय राजनीति में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कार्यकर्ताओं के बीच भी इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, भाजपा ओबीसी मोर्चा की जिला कार्यकारिणी की सूची देर रात जारी की गई थी। सूची में कई नए पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इनमें एक नेता का नाम जिला उपाध्यक्ष के पद पर शामिल था। हालांकि, अगले दिन सुबह जब नई या संशोधित सूची सामने आई तो संबंधित नेता का नाम उसमें नहीं था। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण उनका नाम सूची से हटाया ग...
घर में नीम का पेड़ लगाना चाहिए या नहीं? जानिए 10 फायदे और सही दिशा (2026)
नीम भारतीय मूल का एक पर्ण- पाती वृक्ष है। यह सदियों से समीपवर्ती देशों- पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, म्यानमार, थाईलैंड, इंडोनेशिया, श्रीलंका आदि देशों में पाया जाता रहा है। 🌿 नीम का पेड़ – एक परिचय नीम का पेड़, जिसे वैज्ञानिक भाषा में Azadirachta indica कहते हैं, भारत और दक्षिण एशिया का एक जादुई औषधीय पेड़ है। इसे लोग “घर का डॉक्टर” या “जंगल का हर्बल खजाना” भी कहते हैं। नीम सिर्फ पेड़ नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सुंदरता और घरेलू उपयोग का खजाना है। नीम क्यों खास है? इसके पत्ते, बीज, छाल, फूल और तेल – हर हिस्सा अद्भुत गुणों से भरा हुआ है। यह रोगों से लड़ने, कीट और मच्छर भगाने, और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। नीम का स्वाद थोड़ा कड़वा जरूर है, लेकिन इसके फायदे कहानी की तरह गहरे हैं। 1️⃣ स्वास्थ्य में नीम के चमत्कार त्वचा के लिए वरदान: मुहांसे, दाने, खुजली, फोड़े – नीम की पत्तियों का फेस पैक इन्हें दूर करता है। बालों के लिए ताजगी: डैंड्रफ, बाल झड़ना, रूखे बाल – नीम तेल और पाउडर इसे रोकते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए: नीम का नियमित सेवन शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। रक्...
🔴 शहडोल में फिर सनसनीखेज वारदात
शहडोल जिले के अमलाई थाना क्षेत्र के रामपुर में सोमवार को दिनदहाड़े चिकन शॉप संचालक रज्जन कहार (32) की अज्ञात नकाबपोश बदमाश ने सीने में गोली मारकर हत्या कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी पल्सर बाइक से आया और पहले हवाई फायर किया। विरोध करने पर उसने रज्जन के सीने में गोली दाग दी और मौके से फरार हो गया। घायल रज्जन को तत्काल अनूपपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही अमलाई थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है तथा चश्मदीदों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या अन्य विवाद की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। इस घटना के बाद पूरे रामपुर क्षेत्र में दहशत का माहौल है। #Shahdol #Rampur #Amlai #BreakingNews #CrimeNews #MadhyaPradesh #PoliceInvestigation
Successmee2 | Breaking News: महीनों से फरार रामपुर गोलीकांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का दावा, अमलाई पुलिस की कार्रवाई
Successmee2 | Breaking News: महीनों से फरार रामपुर गोलीकांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का दावा, अमलाई पुलिस की कार्रवाई अमलाई Breaking News: रामपुर गोलीकांड से जुड़े एक मामले में महीनों से फरार बताए जा रहे मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है। वायरल पोस्टर के अनुसार, अमलाई पुलिस ने लगातार तलाश और निगरानी के बाद आरोपी राजकुमार मिश्रा उर्फ लल्ला महाराज को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पोस्टर में बताया गया है कि आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी और जमीनी स्तर पर निगरानी के आधार पर उसकी तलाश जारी रखी। इसके बाद सटीक लोकेशन मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की। महत्वपूर्ण: इस खबर में आरोपी के संबंध में लगाए गए आरोपों को आरोप के रूप में ही लिखा गया है। किसी व्यक्ति का आरोपी होना अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के समान नहीं है। गिरफ्तारी और मामले की पूरी पुष्टि संबंधित पुलिस विभाग की आधिकारिक जानकारी से की जानी चाहिए। महीनों से फरार था आरोपी, गिरफ्तारी का दावा वायरल पोस्टर के मुताबिक, रामपुर गोलीकांड से जुड़े मामले में राजकुमार मिश्रा उ...
MPPSC Success: उमरिया की बेटी Yashu Tiwari बनीं Mining Inspector, Chandia में हुआ Grand Welcome
उमरिया की बेटी यशु तिवारी बनीं MPPSC खनिज निरीक्षक, चंदिया में हुआ भव्य स्वागत उमरिया, मध्य प्रदेश: जिले के चंदिया नगर की रहने वाली 24 वर्षीय यशु तिवारी ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर खनिज निरीक्षक (Mining Inspector) का पद प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। अपने चयन के बाद जब यशु तिवारी पहली बार अपने गृह नगर चंदिया पहुंचीं, तो नगरवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, फूलों की वर्षा और लोगों के उत्साह ने इस पल को यादगार बना दिया। परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर शिक्षकों ने भी यशु तिवारी का शॉल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया। उन्होंने कहा कि यशु की सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। बेटी की इस उपलब्धि पर पिता सतीश कांत तिवारी और माता रंजना तिवारी भावुक नजर आए। उन्होंने अपनी बेटी की सफलता को वर्षों की मेहनत और परिवार के सहयोग का परिणाम बताया। यशु तिवार...
Successmee2 breaking news बुढ़ार की सड़कों की दुर्दशा का जिम्मेदार कौन? जनता कब तक झेलेगी गड्ढों की परेशानी
बुढ़ार की सड़कों की दुर्दशा का जिम्मेदार कौन? जनता कब तक झेलेगी गड्ढों की परेशानी बुढ़ार की सड़कों की दुर्दशा को लेकर जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीर में सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे, पानी और उखड़ी हुई सड़क दिखाई दे रही है। ऐसी स्थिति में दोपहिया वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और चार पहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बारिश के दौरान सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि बुढ़ार की खराब सड़कों के लिए जिम्मेदार कौन है? सड़क की मरम्मत कब होगी और संबंधित विभाग इस समस्या का समाधान कब करेगा? बुढ़ार की सड़कों की हालत पर उठ रहे सवाल सड़क किसी भी शहर और कस्बे के विकास की महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधा है। अच्छी सड़क से आवागमन आसान होता है और व्यापार तथा स्थानीय गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। लेकिन सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और पानी जमा होने की स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। तस्वीर में सड़क की खराब स्थिति दिखाई दे रही है। हालांकि केवल फोटो या वीडियो...
अमलाई से शारदा OCM कितनी दूर है? जानें दूरी, लोकेशन और पहुंचने का रास्ता
अमलाई से शारदा OCM कितनी दूर है? जानें दूरी, लोकेशन और पहुंचने का रास्ता अमलाई (शहडोल): शारदा ओपन कास्ट माइंस (Sharda OCM) दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की एक महत्वपूर्ण कोयला खदान है। यह अमलाई क्षेत्र के पास स्थित है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं वाहन आते-जाते हैं। अमलाई से शारदा OCM की दूरी अमलाई रेलवे स्टेशन या मुख्य बाजार से शारदा OCM की सड़क मार्ग से दूरी लगभग 4 से 6 किलोमीटर है। यह दूरी आपके शुरुआती स्थान के अनुसार थोड़ी कम या ज्यादा हो सकती है। सामान्यतः यहां पहुंचने में लगभग 10 से 15 मिनट का समय लगता है। शारदा OCM कहां स्थित है? शारदा OCM मध्य प्रदेश के शहडोल क्षेत्र में स्थित SECL की ओपन कास्ट कोयला परियोजनाओं में से एक है। पर्यावरण स्वीकृति दस्तावेज़ों में इसका स्थान अमलाई तहसील के बाखो और बाखी गांवों के आसपास बताया गया है। कैसे पहुंचें? अमलाई रेलवे स्टेशन से ऑटो या निजी वाहन द्वारा। अमलाई मुख्य बाजार से सड़क मार्ग द्वारा। स्थानीय लोगों से शारदा OCM का रास्ता आसानी से पूछा जा सकता है। FAQ अमलाई से शारदा OCM कितनी दूर है...
15 अगस्त 2026: भारत की आजादी में भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और सुभाष चंद्र बोस का योगदान
15 अगस्त 2026: भारत की आजादी में भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और सुभाष चंद्र बोस का योगदान 15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। यह दिन हमें उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों और आम भारतीयों के संघर्ष की याद दिलाता है, जिन्होंने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता के लिए अलग-अलग तरीकों से योगदान दिया। भारत की आजादी की कहानी में भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महान व्यक्तित्वों का नाम विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है। इन तीनों नेताओं के रास्ते अलग-अलग थे, लेकिन उनके सामने एक बड़ा लक्ष्य था—भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराना। भगत सिंह ने क्रांतिकारी विचारों और युवाओं में जागरूकता के माध्यम से प्रभाव डाला, चंद्रशेखर आजाद ने क्रांतिकारी संगठन को मजबूत किया और सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज के माध्यम से ब्रिटिश शासन को चुनौती दी। भारत की आजादी का संघर्ष कितना लंबा था? भारत की स्वतंत्रता का संघर्ष कई दशकों तक चला। 1857 का विद्रोह, सामाजिक और राजनीतिक जागरण, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गठन, असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन और क्...
15 अगस्त 2026: भारत का स्वतंत्रता आंदोलन कैसे शुरू हुआ? 1857 से 1947 तक की पूरी कहानी
15 अगस्त 2026: भारत का स्वतंत्रता आंदोलन कैसे शुरू हुआ? 1857 से 1947 तक की पूरी कहानी 15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। हर साल 15 अगस्त का दिन हमें उस लंबे संघर्ष की याद दिलाता है, जिसके बाद भारत को 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता मिली। भारत की आजादी किसी एक घटना या किसी एक व्यक्ति के प्रयास का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे दशकों तक चले आंदोलनों, संघर्षों, बलिदानों और राजनीतिक प्रयासों की लंबी कहानी है। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को समझने के लिए 1857 के विद्रोह से लेकर 1947 की आजादी तक की घटनाओं को समझना जरूरी है। इस यात्रा में मंगल पांडे, रानी लक्ष्मीबाई, बहादुर शाह जफर, महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस और हजारों अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने अलग-अलग समय पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत में ब्रिटिश शासन की शुरुआत कैसे हुई? भारत में ब्रिटिश प्रभाव की शुरुआत व्यापार के माध्यम से हुई। ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में व्यापार करने आई थी, लेकिन धीरे-धीरे उसने राजनीतिक और सै...


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