Meri maa-मेरी माँ
माँ है तो रहमत है
माँ के कदमो मे जन्नत है
माँ के आँचल की छाव
खुदा की दी हुए नहमत है
आंसू पोछते पोछते रो देती है
माँ की ऐसी ही फ़जीलत है
कही जाने से सौ बार पूछती है
माँ के डाट मे भी अजमत है
माँ कभी भी रूठती नहीं
माँ की यही तो सफकत है
रोटी जली खिलाती नहीं भले ही ऊँगली जल गई
माँ तो माँ है ना जाने उसमे कितनी सिफ़त है
प्यार कभी घटता नहीं चाहे कितनी औलादे हो
माँ की दुआएं इस दुनिया मे हमारी हिम्मत है
****इरफ़ान ❤**

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