Sonam Wangchuk News: 'धिक्कार है ऐसे देश पर…' बयान का पूरा सच

 सोनम वांगचुक का बड़ा बयान: “धिक्कार है ऐसे देश पर…” – जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली: शिक्षा सुधार और युवाओं के आंदोलन के समर्थन में 26 दिनों तक अनशन करने वाले शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई पोस्ट में केवल एक पंक्ति साझा की जा रही है, जिससे भ्रम की स्थिति बन गई है।

क्या कहा सोनम वांगचुक ने?

बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश में कहा:

«“धिक्कार है ऐसे देश पर, जिसमें 26 दिन का अनशन करने के बाद भी मुझे अपना चरित्र प्रमाणित करना पड़े। धिक्कार है ऐसे दिमाग़ों की उपज पर।”»

यह बयान उन्होंने उन आरोपों और सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया, जिनका सामना उन्हें अपने अनशन के दौरान करना पड़ा।

बयान का संदर्भ

सोनम वांगचुक का कहना था कि उन्हें अपने आंदोलन और इरादों को लेकर बार-बार सफाई देनी पड़ रही है। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण आंदोलन करने के बावजूद उन पर सवाल उठाए गए, जिससे वे आहत हुए।

इसी संदर्भ में उन्होंने यह तीखी टिप्पणी की। इसलिए केवल “धिक्कार है ऐसे देश पर…” वाली पंक्ति को अलग करके साझा करना पूरे बयान का सही अर्थ नहीं बताता।

26 दिन बाद क्यों खत्म किया अनशन?

सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि संभावित हिंसा और युवाओं की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा सुधार और छात्रों के मुद्दों पर उनकी आवाज आगे भी जारी रहेगी।

निष्कर्ष

वायरल बयान वास्तविक है, लेकिन उसका पूरा संदर्भ समझना जरूरी है। यह टिप्पणी उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों और ट्रोलिंग के संदर्भ में की गई थी। किसी भी वायरल पोस्ट को साझा करने से पहले उसका पूरा वीडियो या विश्वसनीय समाचार स्रोत देखना उचित रहता है।

Source: BBC Hindi, Reuters एवं अन्य विश्वसनीय समाचार एजेंसियाँ।

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